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अब पेड़ खुद बताएंगे अपनी विशेषता: पटना जू में पेड़ों पर लगे QR कोड देगी रोचक जानकारी

Updated at : 25 Jun 2025 11:55 AM (IST)
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पटना जू में पेड़ पर लगा डिजिटल बोर्ड

पटना जू में पेड़ पर लगा डिजिटल बोर्ड

Patna Zoo: पटना जू में एक अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है. जिसके तहत जू के पेड़ अब अपनी जानकारी खुद ही देगे. जी हां, पटना जू के पेड़ों पर अब डिजिटल बोर्ड लगाए जा रहे हैं. इस बोर्ड पर QR कोड दिए गए हैं. जैसे ही दर्शक इस QR कोड को स्कैन करेंगे, वैसे ही उन्हें जू में मौजूद संबंधित पेड़ों के बारे में तमाम जानकारी हासिल हो जाएगी.

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Patna Zoo: पटना जू में एक अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है. जिसके तहत जू के पेड़ अब अपनी जानकारी खुद ही देगे. जी हां, पटना जू के पेड़ों पर अब डिजिटल बोर्ड लगाए जा रहे हैं. इस बोर्ड पर QR कोड दिए गए हैं. जैसे ही दर्शक इस QR कोड को स्कैन करेंगे, वैसे ही उन्हें जू में मौजूद संबंधित पेड़ों के बारे में तमाम जानकारी हासिल हो जाएगी.

अब तक 200 पेड़ों पर लगा QR कोड

जानकारी मिली है कि जू प्रबंधन की तरफ से ये डिजिटल बोर्ड इसलिए लगाए जा रहे हैं, ताकि दर्शकों को प्रमुख प्रजातियों को पहचानने में सहूलियत मिल सके. अब तक करीब 200 पेड़ों में यह डिजिटल बोर्ड लगाए जा चुके हैं. पूरे पटना जू में करीब 2 लाख की लागत से यह डिजिटल बोर्ड लगाया जा रहा है.

मिलेगी पेड़ों से संबंधित तमाम जानकारी

बता दें कि यहां के पेड़ों में लगे डिजिटल बोर्ड को स्कैन करने पर एक लिंक आएगा. उस लिंक पर क्लिक करते ही उस पेड़ से संबंधित तमाम जानकारी मिल जाएगी. जिसके तहत पेड़ों के वैज्ञानिक नाम, वह किस फैमिली से है, वह कैसा दिखता है, आम बोलचाल की भाषा में उसे क्या कहते हैं, कहां पर पाया जाता है, उसका औषधीय गुण क्या है, पर्यावरण को उससे क्या फायदा होगा समेत तमाम जानकारी मिलेगी. सिर्फ इतना ही नहीं पेड़ से संबंधित कुछ रोचक जानकारी भी यहां दी गई है.

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इसी महीने पूरा होगा QR कोड लगाने का काम

जू प्रंबधन के अनुसार पेड़ों में QR कोड लगाने की प्रक्रिया को जून महीने में ही पूरा करने की योजना है. बता दें कि इस जू में हर्बल और अन्य प्रजातियों के कुल 300 से ज्यादा किस्मों के 65,000 से अधिक पेड़-पौधे हैं. इनमें कई तो 50 साल से भी पुराने हैं.

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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