Malda Aam Story: बिहार में मालदा और यूपी में लंगड़ा… आखिर क्या है इस आम के नाम की असल कहानी ?

Published by :Preeti Dayal
Published at :05 May 2025 1:00 PM (IST)
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Malda Aam Story: बिहार में मालदा और यूपी में लंगड़ा… आखिर क्या है इस आम के नाम की असल कहानी ?

Malda Aam Story: बिहार में आम के सीजन की शुरूआत हो गई है. बाजार में कई वैरायटी के आम ने दस्तक दे दी है. कई जगह तो आम के बगीचे में किसान रखवाली करते हुए भी दिख रहे हैं. वहीं, बात बिहार की हो और मालदा आम की चर्चा न हो यह तो संभव ही नहीं है. लेकिन, बिहार के इस प्रसिद्ध आम के नाम की आखिर असल सच्चाई क्या है, ये हम जानेंगे.

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Malda Aam Story: बिहार में आम के सीजन की शुरूआत हो गई है. बाजार में आम दिखने शुरू भी हो गए हैं. तो कहीं आम के बगीचे में किसान उसकी रखवाली करते हुए दिख रहे हैं. अब जब बिहार की बात हो रही है तो ऐसे में मालदा आम की चर्चा ना हो, यह तो संभव ही नहीं है. वैसे तो कई तरह के वैरायटी के आम की उपज बिहार में होती है. लेकिन, मालदा उन सब में बेहद खास है. बता दें कि, बिहार का मालदा आम दुनियाभर में प्रसिद्ध है. लोग मालदा आम को काफी ज्यादा पसंद भी करते हैं. 

मालदा आम की कहानी है रोचक

बता दें कि, मालदा आम का स्वाद जिस तरह अपने आप में खास है तो वहीं उसके नाम की कहानी भी बड़ी ही रोचक है. कहा जाता है कि, बिहार से कुछ किसान मालदा टाउन से ही लंगड़ा प्रजाति के आम खरीद कर वहां ले जाकर रोपाई की. हालांकि, उन्हें प्रजाति की जानकारी नहीं थी, जिस कारण से उसका नाम मालदा लोग कहने लगे. यह नाम काफी चर्चित हो गया. हालांकि, इस मालदा का सही नाम लंगड़ा ही है. इस तरह से जो मालदा आम बिहार में फेमस है, वहीं बाहर में लंगड़ा से चर्चित है.

लंगड़ा आम बिहार में आकर बना मालदा

हालांकि, बिहार वाले मालदा और बंगाल वाले लंगड़ा आम में थोड़ा बहुत फर्क जरूर हो जाता है. दरअसल, बिहार लाकर जब किसान इसकी खेती करने लगे तो इसकी खुश्बू और स्वाद दोनों ही ज्यादा शानदार हो गया. यहां एक मालदा आम (लंगड़ा आम) का वजन 200 से 250 ग्राम तक होता है, जबकि बंगाल का मालदा आम 300 से 350 ग्राम तक होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि, बिहार की मिट्टी वाले मालदा आम का छिलका पतला होता है और बंगाल वाले मालदा आम का मोटा होता है. इसी तरह से लंगड़ा आम यहां आकर मालदा बन गया.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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