पटना : सात वर्षों में तैयार हो जायेंगे 5462 बेड

Updated at : 29 Oct 2019 9:27 AM (IST)
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पटना : सात वर्षों में तैयार हो जायेंगे 5462 बेड

कैबिनेट की सहमति के एक साल बाद जारी किया गया टेंडर पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में 5462 बेड स्थापित किये जायेेंगे और इसके निर्माण का लक्ष्य सात वर्ष रखा गया है. बीएमएसआइसीएल ने विश्व के सबसे बड़े अस्पताल के निर्माण का टेंडर जारी कर दिया है. टेंडर डालने की अंतिम तिथि 14 […]

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कैबिनेट की सहमति के एक साल बाद जारी किया गया टेंडर
पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में 5462 बेड स्थापित किये जायेेंगे और इसके निर्माण का लक्ष्य सात वर्ष रखा गया है. बीएमएसआइसीएल ने विश्व के सबसे बड़े अस्पताल के निर्माण का टेंडर जारी कर दिया है.
टेंडर डालने की अंतिम तिथि 14 नवंबर निर्धारित की गयी है. यह टेंडर 21 नवंबर को खुलेगा. पीएमसीएच को विश्व के सबसे बड़ा अस्पताल बनाने में कैबिनेट की सहमति से टेंडर जारी होने तक एक साल का समय लगा. राज्य कैबिनेट ने इसकी मंजूरी तीन नवंबर, 2018 को दी थी. वर्तमान में विश्व का सबसे बड़ा 3500 बेडों का अस्पताल बेलग्रेड में स्थापित है.
तीन चरणों में किया जाना है निर्माण
अस्पताल में होंगे 29 वार्ड
अस्पताल में 29 वार्ड होंगे, जिसमें मरीजों के लिए अधिक बेड उपलब्ध होंगे. इसमें मेडिसिन विभाग के मरीजों को 478 बेड, सर्जरी के लिए 522 बेड, हड्डी रोग के मरीजों के लिए 702 बेड, शिशु रोगियों के लिए 610 बेड, महिला रोगियों के लिए 462 बेड, नेत्र रोगियों के लिए 240 बेड, आइसीयू मरीजों के लिए 217 बेड, लीवर व पेट के मरीजों के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी वार्ड में 72 बेड, मधुमेह व थॉयरायड रोगियों के इंडोक्रायोनोलॉजी वार्ड में 85 बेड, किडनी मरीजों के नेफ्रोलॉजी वार्ड में 75 बेड, न्यूरोलॉजी में 75 बेड, हृदय रोगियों के कार्डियोलॉजी वार्ड में 72 बेड, बर्न मरीजों के लिए 30 बेड, यूरोलॉजी वार्ड में 75 बेड, न्यूरोसर्जरी वार्ड में 72 बेड, प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में 75 बेड और ऑर्गेन ट्रांसप्लांट वार्ड में 55 बेड स्थापित किये जायेंगे. इसका क्षेत्रफल 48.40 एकड़ अथवा 72.44 लाख वर्गफुट है. इसमें 3435 वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की जानी है.
बीएमएसआइसीएल की ओर से जारी टेंडर में दिये गये स्पेशिफिकेशन में कहा गया है कि पीएमसीएच को पुनर्जीवित करते हुए 5462 बेडों की स्थापना करनी है, जिससे इस कॉलेज में 250 एमबीबीएस छात्रों का नामांकन किया जा सके. सात सालों में निर्मित होनेवाले इस अस्पताल के निर्माण की लागत करीब 4831.77 करोड़ आंकी गयी है. इसका निर्माण तीन चरणों में किया जाना है. सरकार की मंशा है कि इस अस्पताल में 36 सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित किये जायेंगे.
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