पटना : सरकार ने की बहाली, शिक्षकों को ज्वाइन नहीं करा रही पीपीयू

Updated at : 24 Sep 2019 9:05 AM (IST)
विज्ञापन
पटना : सरकार ने की बहाली, शिक्षकों को ज्वाइन नहीं करा रही पीपीयू

पटना : एक तरफ जहां शिक्षकों की कमी का विश्वविद्यालय रोना रोते रहते हैं दो दूसरी तरफ शिक्षक मिलने के बाद भी पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के द्वारा शिक्षकों की ज्वाइनिंग नहीं करायी जा रही है. मगध विश्वविद्यालय के तहत जिन शिक्षकों की बहाली की गयी थी उनका बंटवारा दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के समक्ष काउंसेलिंग के […]

विज्ञापन
पटना : एक तरफ जहां शिक्षकों की कमी का विश्वविद्यालय रोना रोते रहते हैं दो दूसरी तरफ शिक्षक मिलने के बाद भी पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के द्वारा शिक्षकों की ज्वाइनिंग नहीं करायी जा रही है. मगध विश्वविद्यालय के तहत जिन शिक्षकों की बहाली की गयी थी उनका बंटवारा दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के समक्ष काउंसेलिंग के माध्यम से हो गया.
मगध विश्वविद्यालय ने अपने सभी शिक्षकों की बहाली भी कर ली लेकिन पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में जब ये शिक्षक ज्वाइनिंग के लिए गये तो इनकी ज्वाइनिंग ही नहीं की जा रही है. इसमें संस्कृत, हिंदी, राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, वनस्पति शास्त्र, प्राणि विज्ञान के शिक्षक शामिल हैं. वरीयता एवं विकल्प के आधार पर इनका चयन हुआ था. इन सभी छात्रों ने राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान के समक्ष गुहार लगायी है.
क्यों नहीं की जा रही ज्वाइनिंग : शिक्षकों ने बताया कि उनके प्रमाण पत्रों की जांच भी हुई, मेडिकल जांच भी हुई. अभ्यर्थियों से उनका विकल्प मांगा गया. इसके बाद 4 सितंबर को दोनों ही विश्वविद्यालय के कुलपतियों के समक्ष संयुक्त काउंसेलिंग की गयी.
व्यक्तिगत मेल करने की बात कही गयी लेकिन कोई मेल नहीं आया. जबकि एमयू ने सात सितंबर को अपने सभी शिक्षकों को ज्वाइन का लिया. पीपीयू से संपर्क करने पर यह कहा जाता है कि एमयू से पीपीयू के लिए चयनित अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत फाइल आने के बाद ही बाद ही योगदान की प्रक्रिया आरंभ की जायेगी. एमयू में संपर्क करने पर अभ्यर्थियों को कहा गया कि पहले पीपीयू से फाइल मंगवाने का अनुरोध पत्र भेजवाइये.
इन दोनों की खींचतान में बेचारे ये शिक्षक सबकुछ होने के बाद भी बैठे हैं. उधर कक्षाओं में बच्चे शिक्षकों की कमी से कॉलेजों में परेशान हैं. लेकिन विवि की लचर प्रक्रिया की वजह से सभी को परेशानी झेलना पड़ रहा है. ये अभयर्थी विलंब होने की वजह से वरीयता में भी पिछड़ते जा रहे हैं. ज्ञापन की प्रतिलिपि शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को भी भेजी गयी है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन