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पटना : हर पंचायत में बैंक खोलें शाखा सरकार फ्री में देगी जगह : सीएम नीतीश कुमार

Updated at : 23 Aug 2019 7:35 AM (IST)
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पटना : हर पंचायत में बैंक खोलें शाखा सरकार फ्री में देगी जगह : सीएम नीतीश कुमार

राज्यस्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक. साख-जमा अनुपात कम होने पर चिंता पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैंकों से राज्य की सभी पंचायतों में अपनी शाखा खोलने का अनुरोध किया है. कहा कि राज्य सरकार इसके लिए पंचायत सरकार भवन में जगह मुहैया करायेगी. गुरुवार को राज्यस्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा […]

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राज्यस्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक. साख-जमा अनुपात कम होने पर चिंता
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैंकों से राज्य की सभी पंचायतों में अपनी शाखा खोलने का अनुरोध किया है. कहा कि राज्य सरकार इसके लिए पंचायत सरकार भवन में जगह मुहैया करायेगी.
गुरुवार को राज्यस्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों को बिहार में अपनी शाखाएं बढ़ाने की जरूरत है. कब से मैं यह बात कह रहा हूं, लेकिन ये लोग मेरी सुनते नहीं हैं.
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एमके जैन की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सिर्फ एक अधिकारी वाली शाखा नहीं खोलें, कम-से-कम दो अधिकारी हों, ताकि एक की तबीयत खराब होने पर बैंक में ताला नहीं लटक जाये. सीएम ने कहा कि राज्य की 1,087 पंचायतों में पंचायत सरकार भवन बन गये हैं. इनमें बैंक अपनी शाखा खोलना चाहते हैं, तो इसके लिए इसमें फ्री में जगह देने को तैयार हैं.
उन्होंने कहा कि बिहार लैंड लॉक स्टेट होने के कारण यहां निजी क्षेत्र में बड़ा उद्योग लगाने के लिए कोई कंपनी नहीं आयेगी. इसलिए 2006 से लगातार बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में बैंकों को यहां माइक्रो, स्मॉल और कुछ हद तक मीडियम स्तर के उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव मदद करनी चाहिए. इनके लिए इंडस्ट्री प्रोमोशनल पॉलिसी भी बनायी गयी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी स्कूलों में क्लास छह से 10 तक के सभी छात्रों को वित्तीय शिक्षा मुहैया कराने की जरूरत है, ताकि वित्तीय क्षेत्र में इनकी समझ शुरू से ही विकसित हो सके. शिक्षा विभाग को इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने से संबंधित नीति तैयार करने के लिए कहा गया है.
क्लास छह से 10 के सभी विद्यार्थियों को वित्तीय शिक्षा मुहैया कराने का दिया निर्देश
बिना उद्योग के भी राज्य की विकास दर दो अंकों में
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ा उद्योग नहीं होने के बाद भी राज्य की विकास दर कई वर्षों से दो अंकों में रही है. मौजूदा विकास दर 11.30% है, जो राष्ट्रीय विकास दर से भी ज्यादा है. कुछ बड़े सरकारी क्षेत्र के उद्योग तो लगे हैं, लेकिन निजी क्षेत्र में उद्योग कम लगे हैं. इसके बावजूद राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में अच्छी वृद्धि हुई है.
राशि ले जाने के पहले थाने को दें सूचना
बैंकों की सुरक्षा पर सीएम ने कहा कि किसी शाखा से एक लाख से ज्यादा कैश लेकर बैंककर्मी कहीं जाते हैं, तो इसकी पूर्व सूचना संबंधित थाने को दें. तब इसकी जिम्मेदारी संबंधित थाने की होगी. इसके लिए नियम बनाने की जरूरत है. बैंक वाले ऐसा नहीं करते हैं, जो गलत है.
छात्रों व किसानों को कर्ज देने में उदारता दिखाएं
सीएम ने कहा कि बिहार लोग बैंक पर भरोसा बहुत करते हैं. इसमें पैसा भी काफी जमा करते हैं. फिर भी यहां जमाराशि की तुलना में बैंकों द्वारा कर्ज देने का अनुपात काफी कम है. राष्ट्रीय स्तर पर साख-जमा अनुपात 75% है, जबकि बिहार में यह 45% ही है. बैंकों को शिक्षा व कृषि के क्षेत्र में कर्ज देने में उदारता दिखानी चाहिए. 2018-19 में 50 हजार करोड़ शिक्षा ऋण बांटने का लक्ष्य था, पर 13, 809 करोड़ का ही ऋण बांटा गया.
इसे सुधारने की जरूरत है. राज्य के लोगों की मदद करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की 89% आबादी गांवों में रहती है और 76% लोग कृषि पर निर्भर हैं. पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक जैसे विकसित राज्यों की तरह प्रावधान बिहार में नहीं रखें. यह पिछड़ा राज्य है, इसके लिए अलग से प्रावधान रखें.
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