कैबिनेट के फैसला : पंचायतों को मिला मेला, हाट व जलकर बंदोबस्ती का अधिकार

Published at :22 Jun 2019 7:53 AM (IST)
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कैबिनेट के फैसला : पंचायतों को मिला मेला, हाट व जलकर बंदोबस्ती का अधिकार

पटना : राज्य सरकार ने पंचायतों को मेला, हाट-बाजार और जलकर बंदोबस्ती का अधिकार दे दिया है. वहीं, सैरातों की बंदोबस्ती का अधिकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से लेकर पंचायती राज ‌विभाग को सौंप दिया गया है. अब त्रिस्तरीय पंचायती राज में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला पर्षद हाट, बाजार, मेला और जलकर […]

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पटना : राज्य सरकार ने पंचायतों को मेला, हाट-बाजार और जलकर बंदोबस्ती का अधिकार दे दिया है. वहीं, सैरातों की बंदोबस्ती का अधिकार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से लेकर पंचायती राज ‌विभाग को सौंप दिया गया है.
अब त्रिस्तरीय पंचायती राज में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला पर्षद हाट, बाजार, मेला और जलकर सहित पांच लाख तक के सैरातों की बंदोबस्ती कर सकेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की हुई बैठक में ये निर्णय लिये गये.
बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत पहले हाट, बाजार सहित अन्य सैरातों की बंदोबस्ती की जाती थी. अब त्रिस्तरीय पंचायती राज को वित्तीय अधिकार सौंपा गया है. इसमें ग्राम पंचायतों को 50 हजार रुपये तक, पंचायत समिति को एक लाख और जिला पर्षद को पांच लाख तक रुपये तक के सैरातों की बंदोबस्ती करने का अधिकार मिल गया है.
पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत सीओ को 20 हजार, डीसीएलआर को 50 हजार, एसडीओ को एक लाख और एडीएम को दो लाख और डीएम को पांच लाख तक सैरातों की बंदोबस्ती का अधिकार था. अब डीएम तक होनेवाली बंदोबस्ती का काम जिला पर्षद करेगा. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने पंचायती राज विभाग के अधीन संचालित योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति की शक्ति में इजाफा किया है.
पंचायतों को पहले 15 लाख तक की योजनाओं की तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति देने की शक्ति थी. इसे अब 20 लाख तक किया गया है. इसी तरह से पंचायतों में कनीय अभियंताओं की योजनाओं की तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति का अधिकार 15 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है.
अब पंचायती राज संस्थाएं करेंगी पांच लाख तक के सैरातों की बंदोबस्ती
अपुनरीक्षित वेतनमान वाले राज्यकर्मियों का डीए बढ़ा
कैबिनेट ने पांचवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार अपुनरीक्षित वेतनमान में वेतन व पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के कर्मियों, पेंशनभोगियों व पारिवारिक पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता 148% से बढ़ाकर 154% कर दिया गया है. यह वृद्धि पहली जनवरी, 2019 के प्रभाव से लागू होगी.
इसी तरह से पांचवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार अपुनरीक्षित वेतनमान में वेतन व पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के कर्मियों, पेशनभोगियों व पारिवारिक पेंशनभोगियों को 284% जगह अब 295% महगाई भत्ता मिलेगा. कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में बिहार राज्य आयोग उपभोक्ता संरक्षण एवं जिला उपभोक्ता फोरमों के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया, वेतन भत्ता एवं सेवा शर्तें में पारदर्शिता लाने के लिए बिहार उपभोक्ता संरक्षण नियमावली 1987 में संशोधन कर नयी नियमावली 2019 की स्वीकृति दी है.
कैबिनेट ने पीएचइडी के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत समस्तीपुर जिले के पटोरी, मोहिउद्दीनगर व मोहनपुर प्रखंडों के आर्सेनिक प्रभावित 67 गांवों में सतही जल का प्रयोग करते हुए बहुग्रामीय पाइप जलापूर्ति योजना निर्माण की स्वीकृति दी गयी है.
भोजपुर के शाहपुर में 75 गांवों में पहुंचेगा गंगा का पानी
भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड व उसके आसपास के आर्सेनिक प्रभावित 75 ग्रामों व बसावटों में गंगा नदी का जल पहुंचाया जायेगा. इसके लिए बहुग्रामीय पाइप जलापूर्ति योजना की स्वीकृति दी गयी. इसके अलावा बिहार औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला तकनीकी संवर्ग नियमावली 2019 की मंजूरी दी गयी है.
अब ड्रग लैब में तकनीशियनों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. साथ ही कैबिनेट ने तीन हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़े गये सरमेरा पीएचसी में पदस्थापित डॉक्टर की बर्खास्तगी का संकल्प कोर्ट के आदेश पर निरस्त कर दिया गया है. सामान्य प्रशासन में बिहार सचिवालय आशुलिपिक सेवा नियमावली 2006 में संशोधन किया गया है.
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