6% वोट भी नहीं जुटा सके बाकी प्रत्याशी

अनिकेत त्रिवेदी , पटना : अब इसे लोकतंत्र की मजबूरी तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन छोटी पार्टियों व निर्दलीय उम्मीवारों ने पटना साहिब व पाटलिपुत्र लोकसभा सिस्टम को केवल बोझ देने का काम किया है. संवैधानिक रूप से भले ही उनका प्रत्याशी होना हक बनाता हो, मगर किसी भी निर्दलीय व छोटी पार्टियों के […]
अनिकेत त्रिवेदी , पटना : अब इसे लोकतंत्र की मजबूरी तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन छोटी पार्टियों व निर्दलीय उम्मीवारों ने पटना साहिब व पाटलिपुत्र लोकसभा सिस्टम को केवल बोझ देने का काम किया है. संवैधानिक रूप से भले ही उनका प्रत्याशी होना हक बनाता हो, मगर किसी भी निर्दलीय व छोटी पार्टियों के उम्मीवारों में इतना दम नहीं था कि वो अपना जमानत तक बचा सकें.
जिनके कारण जिला निर्वाचन कार्यालय दोनों लोकसभाओं में दो-दो इवीएम(बीयू) का प्रयोग करना पड़ा. अगर, उन सभी उम्मीवारों को मिले वोट को जोड़ दिया जाये तो उनका प्रतिशत किसी भी विधानसभा में छह फीसदी से अधिक नहीं रहा. कुल मिला कर इस चुनाव में इनकी स्थिति वोट बटोरने वाली तो दूर, वोट काटने वाले की भी नहीं रही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




