पटना : प्रतिनिधि नहीं जानना चाहते ईवीएम की बारीकियां
Updated at : 25 Sep 2018 9:08 AM (IST)
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जिले में चल रही ईवीएम जांच, नहीं आ रहे दलों के प्रतिनिधि पटना : हर चुनाव के बाद हार पर रार करने वाले और ईवीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले राजनीतिक दल चुनाव से पहले ईवीएम की जांच में रुचि नहीं दिखा रहे, यानी बाद में बयानबाजी करने वाले राजनीतिक दलों को ईवीएम का […]
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जिले में चल रही ईवीएम जांच, नहीं आ रहे दलों के प्रतिनिधि
पटना : हर चुनाव के बाद हार पर रार करने वाले और ईवीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले राजनीतिक दल चुनाव से पहले ईवीएम की जांच में रुचि नहीं दिखा रहे, यानी बाद में बयानबाजी करने वाले राजनीतिक दलों को ईवीएम का सच से कोई मतलब नहीं है.
कभी लोकसभा तो कभी विधानसभा चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी व एकतरफा वोट पड़ने की शिकायत करने वाले राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया से कोई मतलब नहीं है. फिलहाल जिले में लोकसभा चुनाव को लेकर ईवीएम, बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट की जांच चल रही है. फर्स्ट लेवल जांच की प्रक्रिया बांकीपुर के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में हो रही है. बीते पांच दिनों में अब तक किसी खास दल के प्रतिनिधियों ने इस प्रक्रिया में भाग नहीं लिया है. हालात ऐसे हैं कि बीते तीन दिनों से चल रही प्रक्रिया में अब तक पांच सौ से अधिक मशीनों की जांच हुई है. इसमें 50 के लगभग बैलेट यूनिट व कंट्रोल यूनिट में तकनीकी खराबी मिली है. पूरी प्रक्रिया लगभग डेढ़ माह तक चलेगी.
उपनिर्वाचन पदाधिकारी रत्नांभर निलय ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चुनाव से पहले सह सामान्य प्रक्रिया है कि चुनाव में लगने वाले ईवीएम से लेकर अन्य मशीनों की जांच की जाये. इसमें संबंधित अभियंता इसकी जांच निर्वाचन पदाधिकारियों के सामने करते हैं. नियम है कि जांच प्रक्रिया में वहां के राजनीतिक दल के प्रतिनिधि भी भाग लें. उनके सामने ही मशीनों की जांच कर चुनाव के लिए सील कर दिया जाता है.
पटना. आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर मतदाता सूची में नये नाम जुड़वाने व दावा आपत्ति के निबटाने का काम किया जा रहा है. 31 अक्तूबर तक सभी दावा आपत्तियों को ले लेना है. सोमवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी कुमार रवि के निर्देशन में श्रीकृष्ण स्मारक भवन में विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए केंद्र स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने बताया कि बीएलओ को मुख्य रूप से इस बात की जानकारी रखनी चाहिए कि जिले में एक लाख जनसंख्या पर 60 हजार मतदाता हैं, न कि 75 हजार, वहीं प्रत्येक एक हजार वोटर में 30 वोटर 19 वर्ष वाले होने चाहिए.
इसके आधार पर ही दावा आपत्ति का निबटारा करना होगा. गौरतलब है कि 30 नवंबर तक सभी दावा आपत्तियों का निबटारा किया जाना है. एक जनवरी को निर्वाचक प्रारूप सूची का प्रकाशन होगा. वहीं दोबारा संशोधन के बाद चार जनवरी को फाइनल निर्वाचक सूची का प्रकाशन किया जाना है.
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