मौसमी बीमारियों की चपेट में शहर, ओपीडी में हर पांचवां मरीज वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित, इस तरह से करें बचाव
Updated at : 24 Sep 2018 8:52 AM (IST)
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पटना : मौसमी बीमारियों ने शहरवासियों की नींद उड़ा दी है. पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, गार्डिनर रोड पटना एम्स आदि कई सरकारी अस्पतालों के मेडिसिन ओपीडी में आने वाला हर पांचवां मरीज वायरल इन्फेक्शन की गिरफ्त में है. मुख्य रूप से इन्फ्लुएंजा का वायरस लोगों को परेशान कर रहा है. इसके […]
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पटना : मौसमी बीमारियों ने शहरवासियों की नींद उड़ा दी है. पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, गार्डिनर रोड पटना एम्स आदि कई सरकारी अस्पतालों के मेडिसिन ओपीडी में आने वाला हर पांचवां मरीज वायरल इन्फेक्शन की गिरफ्त में है.
मुख्य रूप से इन्फ्लुएंजा का वायरस लोगों को परेशान कर रहा है. इसके अलावा शहर के निजी अस्पतालों में भी इसका ग्राफ बढ़ रहा है. डॉक्टरों की मानें, तो बारिश के दिनों में सबसे अधिक मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से बारिश बंद है, बावजूद लोग बुखार, सर्दी आदि बीमारियों की गिरफ्त में हैं. स्थिति यह है कि मरीज गंभीर हालत में इमरजेंसी वार्ड में भी पहुंच रहे हैं.
पहले से बीमार चल रहे लोगों के लिए यह वायरस काफी खतरनाक है. खास कर हृदय व मस्तिष्क के रोगों, गठिया, लकवा आदि रोगों से परेशान लोगों को वायरल इन्फेक्शन होने के बाद हालत गंभीर हो रही है. नतीजा उनको सीधे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है. यही वजह है कि पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में बेड फुल हैं. इलाज कर रहे डॉक्टरों की मानें, तो रोजाना दो से तीन ऐसे गंभीर मरीज आते हैं, जो वायरल इन्फेक्शन की चपेट में होते हैं.
इस बार स्ट्रांग है वायरस का अटैक
आईजीआईएमएस मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सुधीर कुमार का कहना है कि इस बार हाई ग्रेड फीवर के साथ-साथ तेज सिर दर्द और बदन दर्द, उलटी, दस्त, कमजोरी, जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर अधिक मरीज पहुंच रहे हैं. डॉ सुधीर ने बताया कि वायरस का अटैक काफी स्ट्रांग माना जा रहा है. यही वजह है कि इसकी चपेट में अधिक-से-अधिक लोग आ रहे हैं. ऐसे में लोगों को अपनी सेहत के प्रति ध्यान देने की जरूरत है.
इस तरह से करें बचाव
कभी खाली पेट घर से बाहर न निकलें, क्योंकि खाली पेट शरीर को कमजोर करता है
पहले से बीमार चल रहे लोग अपनी नियमित दवाएं व इलाज जारी रखें
मौसम के हिसाब से कपड़े पहनें
मौसम के हिसाब से आहार लें
मौसमी फल-सब्जियां खाएं
अगर बाहर खाएं, तो सफाई का पूरा ध्यान रखें
बासी खाना, फल-सब्जियां न खाएं
फ्रिज का पानी पीने से बचें
आइसक्रीम या ज्यादा ठंडी चीज खाने से परहेज करें
सुबह और शाम को घर से बाहर निकलते समय खास तौर पर कपड़ों का ध्यान रखें
क्या कहते हैं डॉक्टर
वायरल इन्फेक्शन उन मरीजों के लिए अधिक खतरनाक साबित हो रहा है. जो पहले से दिल, न्यूरो, हड्डी आदि बीमारियों से पीड़ित थे और उनका इलाज जारी है. वायरल की चपेट में आने वाले इन मरीजों की बीमारी और अधिक गंभीर हो जाती है, नतीजा हालत बिगड़ने के बाद सीधे पीएमसीएच की इमरजेंसी में भर्ती करना पड़ रहा है. यही वजह है कि पीएमसीएच का इमरजेंसी वार्ड ऐसे मरीजों से फुल हो गया है.
डॉ राजीव रंजन प्रसाद, अधीक्षक पीएमसीएच
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