पटना : जानलेवा बन रही ट्रकों की ओवर हाइट

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Aug 2018 9:23 AM

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सर्विस वायर को हो रहा सबसे अधिक नुकसान पटना : रोक के बावजूद देर रात शहर में धड़ल्ले से ओवर हाइट ट्रकों का प्रवेश हो रहा है. निर्धारित ऊंचाई से अधिक होने की वजह से लिंक रोड में प्रवेश करते साथ ऐसे ट्रकों के ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर से स्पर्श करने की आशंका होने लगती है […]

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सर्विस वायर को हो रहा सबसे अधिक नुकसान
पटना : रोक के बावजूद देर रात शहर में धड़ल्ले से ओवर हाइट ट्रकों का प्रवेश हो रहा है. निर्धारित ऊंचाई से अधिक होने की वजह से लिंक रोड में प्रवेश करते साथ ऐसे ट्रकों के ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर से स्पर्श करने की आशंका होने लगती है और जहां कहीं भी एलटी लाइन या सर्विस वायर ढीली है, ये ट्रकों के ऊपरी हिस्से में फंसने लगते हैं.
ऐसे स्थलों पर कभी तो खलासी लकड़ी के डंडे से तार को थोड़ा ऊंचा कर देता है और सरकते हुए ट्रक निकल जाते हैं. कभी बॉडी के पिछले खांच में फंसने के कारण तार टूट कर गिर जाते हैं. पिछले सप्ताह पटेल नगर में सोना मेडिकल के पास ऐसे ही एक सर्विस वायर के टूटने से राजवंशीनगर हनुमान मंदिर के पुजारी की पत्नी समेत मौत हो गयी. आये दिन ऐसे टूटे तारों की चपेट में आने से दुर्घटनाएं होती रहती हैं और लोगों की जान खतरे में रहती है. 220 या अधिक वोल्ट की धारा संवहन करने वाली मुख्य तार के टूटने और चपेट में आने से लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है.
ओवरहाइट ट्रकों के आने-जाने से सर्विस वायर को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है. ज्यादातर गलियों में पोल से लोगों के घरों तक बिजली लाने वाले एक दो ऐसे सर्विस वायर मौजूद हैं, जो ढीले होने की वजह से अपनी जगह से नीचे तक आ गये हैं. ऐसे ढीले सर्विस वायर की ओवरहाइट ट्रकों की चपेट में आने की सबसे अधिक आशंका होती है.
ये तार टूट कर लोगों के घरों के चारदीवारी के भीतर गिरते हैं तो गृहस्वामी के लिए जानलेवा बनते हैं जबकि सड़क पर गिरते हैं तो आने-जाने वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित होते हैं. खासकर वैसी गलियों में जहां स्ट्रीट लाइट नहीं है, ये बेहद खतरनाक साबित होते हैं और नहीं दिखने के कारण लोग स्पर्शाघात के शिकार हो जाते हैं. दूर से हेडलाइट की रौशनी में नहीं दिखने के कारण कई बार वाहन सवार भी इनकी चपेट में आ जाते हैं. बारिश के मौसम में ये और भी अधिक खतरनाक हो जाते हैं और पानी के माध्यम से करंट के दूर तक जाने व दूर से ही लोगों के स्पर्शाघात के शिकार होने की आशंका रहती है, जैसा कि पटेल नगर में पिछले सप्ताह घटे दुर्घटना में हुआ.
रात दस बजे के बाद तेजी से होता है ट्रकों का प्रवेश : रात दस बजे नो इंट्री की समय सीमा खत्म होते साथ ट्रकों का शहर में तेजी से प्रवेश होता है. निर्माण सामग्री और अन्य वस्तुओं को लेकर आने वाले ट्रकों में ओवरलोडेड और ओवरहाइट ट्रक भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं. शहर के प्रमुख चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस की डयूटी इस समय तक समाप्त हो चुकी होती है और वैकल्पिक निगरानी की सक्षम व्यवस्था अब तक नहीं विकसित हुई है. इसलिए इन ट्रकों पर किसी तरह का अंकुश नहीं रहता.
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