बिहार में लोग 10 साल पहले ही हो जा रहे दिल की बीमारी के शिकार, आईजीआईएमएस की गाइडलाइन, बदलें दिनचर्या

Updated at : 29 Jun 2018 6:03 AM (IST)
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बिहार में लोग 10 साल पहले ही हो जा रहे दिल की बीमारी के शिकार, आईजीआईएमएस की गाइडलाइन, बदलें दिनचर्या

आनंद तिवारी पटना : आधुनिक लाइफ स्टाइल का सबसे बुरा असर युवाओं की सेहत पर पड़ रहा है. देर रात तक जागना, कोलेस्ट्रॉल का अधिक सेवन, जंक फूड और नशा युवाओं की दिनचर्या में शुमार है. यही वजह है कि अब 22 की उम्र में भी दिल का दौरा पड़ रहा है. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान […]

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आनंद तिवारी

पटना : आधुनिक लाइफ स्टाइल का सबसे बुरा असर युवाओं की सेहत पर पड़ रहा है. देर रात तक जागना, कोलेस्ट्रॉल का अधिक सेवन, जंक फूड और नशा युवाओं की दिनचर्या में शुमार है.

यही वजह है कि अब 22 की उम्र में भी दिल का दौरा पड़ रहा है. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के हृदय रोग विभाग की शोध के मुताबिक बदलती दिनचर्या व गलत खान-पान के चलते युवा हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं. उन्हें अब अपनी दिनचर्या बदलने के लिए गंभीरता से विचार करना चाहिए.

बदल लें दिनचर्या

खान-पान में लोगों को प्रतिदिन 300 से 400 ग्राम हरी सब्जी व फल लेना चाहिए

फास्ट फूड व जंक फूड का सेवन न करें

सप्ताह में पांच से छह दिन 30 मिनट तक तेज पैदल चलें

रोजाना योग करें, प्रतिदिन सुबह जल्द उठ कर टहलने की आदत डालें

10 साल पहले ही हो जा रहे दिल की बीमारी के शिकार

बिहार में हर साल करीब 70 हजार लोग हार्ट अटैक का शिकार होते हैं जबकि पूरे देश में यह संख्या करीब 30 लाख पहुंच जाती है. आईजीआईएमएस के हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ बीपी सिंह ने कहा कि पश्चिमी देशों की तुलना में भारतीय 10 साल पहले दिल की बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं. यहां के लोग पैकेटबंद खानपान की चीजें अधिक पसंद कर रहे हैं, जबकि उनमें ट्रांस फैट होता है. यह खतरनाक होता है.

दो माह में नौ की मौत, छह युवा

आईजीआईएमएस की रिपोर्ट की मानें तो अप्रैल और मई महीनों में यहां नौ लोगों की मौत हार्ट अटैक से हुई. इसमें छह युवा थे, जिनकी उम्र 22 से 40 साल के बीच की थी. डॉक्टरों की मानें तो देर से सोना और देर से उठना, सुबह व्यायाम नहीं करना, हर समय बाइक या कार में चलने की वजह से ये युवा हृदय रोग की चपेट में आ गये.

नशा है बीमारी की बड़ी वजह : तीन साल तक चले इस शोध में बताया गया है कि 20 से 30 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक से पीड़ित मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. हार्ट अटैक से पीड़ित ज्यादातर युवा तंबाकू, सिगरेट व गुटखे का सेवन करते थे. आईजीआईएमएस के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ पंकज त्रिपाठी ने कहा कि जो युवा तंबाकू के सेवन के चलते हार्ट अटैक से पीड़ित होते हैं, उनके हृदय की धमनियों में ज्यादा ब्लॉकेज नहीं होता. तंबाकू के दुष्प्रभाव से किसी दूसरी जगह रक्त का थक्का जम जाता है. तनाव और फास्ट फूड के अधिक सेवन से भी युवा हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं.

क्या कहते हैं विभागाध्यक्ष

20 से 40 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक से पीड़ित मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. यह चिंता का विषय है. अभी हाल ही में हम लोगों ने बढ़ते हार्ट अटैक के कारणों पर एक शोध किया था, जिसमें देखा गया है कि युवाओं में बदली दिनचर्या, सिगरेट व तंबाकू की लत उनको हार्ट अटैक का शिकार बना रही हैं. सबसे बड़ा कारण बदलती लाइफ स्टाइल है. यही वजह है कि हार्ट अटैक से मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है. हम लोग ने स्वास्थ्य विभाग से सिगरेट बंद कराने की मांग की है.

डॉ बीपी सिंह, विभागाध्यक्ष, आईजीआईएमएस

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