बिहार : गिरा तापमान, अगले दो दिनों तक बदला रहेगा मौसम, फसलों को होगा नुकसान

Published at :13 Feb 2018 8:32 AM (IST)
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बिहार : गिरा तापमान, अगले दो दिनों तक बदला रहेगा मौसम, फसलों को होगा नुकसान

सोमवार को छाये बादलों ने गिराया तापमान पटना : मौसम ने करवट ली है. मौसम की इस चाल से किसानों की जान सांसत में है. खासतौर पर इस आशंका के मद्देनजर कि बरसात हो सकती है. गनीमत है कि सोमवार को हल्की फुल्की फुहार ही पड़ी. इधर शहर वासियों को सोमवार पिछले दिनों की अपेक्षा […]

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सोमवार को छाये बादलों ने गिराया तापमान
पटना : मौसम ने करवट ली है. मौसम की इस चाल से किसानों की जान सांसत में है. खासतौर पर इस आशंका के मद्देनजर कि बरसात हो सकती है. गनीमत है कि सोमवार को हल्की फुल्की फुहार ही पड़ी. इधर शहर वासियों को सोमवार पिछले दिनों की अपेक्षा कुछ ठण्डक महसूस हुई. दिन बार बादल छाये रहे. कृषि विज्ञानियों का कहना है कि अगर दो चार दिन बादल छाए रहे तो खेती पर कीट पतंगों का असर पड़ सकता है.
मौसम के आये बदलाव से शहर के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. बीते दिनों से जहां अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. वहीं सोमवार को एक बार फिर गिरावट के साथ 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. ये पिछले दिनों की अपेक्षा करीब चार डिग्री सेल्सियस से अधिक है. अलबत्ता तुलनात्मक रूप में औसत तामपान कमोबेश बराबर ही रहा है. दूसरी तरफ गया में सबसे अधिक तीन एमएम बारिश दर्ज किया गया.
तापमान में आयेगी गिरावट
मौसम केंद्र के अनुसार अभी दो दिनों तक मौसम में बदलाव जारी रहेगा. फिलहाल पछुआ और उत्तरी हवा चल रही है. नेपाल व हिमालय क्षेत्र से ठंड भरी हवा आने के कारण तापमान में गिरावट आयेगा. न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. मौसम केंद्र के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आ रहा है. जो मंगलवार और बुधवार से क्रमश: कम होता रहेगा.
फसलों को होगा नुकसान
मौसम के हर बदलाव से किसानों के कान खड़े हो रहे हैं. पिछले तीन दिनों से मौसम परिवर्तन दर्ज किया जा रहा है. सोमवार को तो सूरज के दर्शन नहीं हुए. कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदा-बांदी भी हुई.
पर यह न के बराबर रहा. लगातार अगर बदली जैसा मौसम बना रहा तो दलहनी फसलों को नुकसान होगा. इस तरह के मौसम में कीट-पतंगों की सक्रियता बढ़ जाती है. इसके अलावा पौधों को कुछ रोग भी चपेट में ले लेते हैं. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अरविंद चौधरी ने बताया कि दलहनी फसलों में अब फ्लाॅवरिंग हो रही है. अब अगर बारिश हुई तो हर तरह से नुकसान होगा. चना, खेसारी, बाकला, मटर, अरहर सबसे अधिकप्रभावित होंगे.
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