झारखंड से भी लाया जा रहा बालू

Updated at : 03 Mar 2016 8:07 AM (IST)
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झारखंड से भी लाया जा रहा बालू

मनमानी. रोक लगने के बाद बड़े पैमाने पर जिले में शुरू हुई बालू की तस्करी न्यायालय द्वारा नदी घाटों से बालू उठाव पर रोक लगाने का असर जिले में नहीं दिख रहा है. शाम व सुबह जिले के कई बालू घाटों से बालू की तस्करी शुरू हो गयी है. साथ ही झारखंड के सतगांवा व […]

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मनमानी. रोक लगने के बाद बड़े पैमाने पर जिले में शुरू हुई बालू की तस्करी
न्यायालय द्वारा नदी घाटों से बालू उठाव पर रोक लगाने का असर जिले में नहीं दिख रहा है. शाम व सुबह जिले के कई बालू घाटों से बालू की तस्करी शुरू हो गयी है. साथ ही झारखंड के सतगांवा व कोडरमा से भी बड़े पैमाने पर चोरी-छिपे बालू आ रहा है. बुधवार को फतेहपुर मोड़ पर बालू लदे तीन ट्रैक पकड़ाया है.
नवादा (सदर) : न्यायालय की ओर से सूबे में पर्यावरण संतुलन को लेकर बालू का उठाव पर रोक लगाये जाने के बाद विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है. बाधित विकास कार्य को चालू करने को लेकर चोरी छिपे नवादा में बड़े पैमाने पर बालू का उठाव किया जा रहा है.
बालू उठाव के रोक को लेकर प्रशासन की ओर से जारी आदेश का भी असर नहीं देखने को मिल रहा है. सुबह व शाम जिले के कई घाटों से बालू का उठाव किया जा रहा है. इसके साथ ही बिल्डिंग निर्माण करनेवाले कुछ लोगों द्वारा झारखंड से बालू मंगाया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, जिले में झारखंड के सतगांवा व कोडरमा से बड़े पैमाने पर चोरी छिपे बालू आ रहा है.
गौरतलब है कि पिछले 10 फरवरी से पूरे बिहार में बालू के उठाव पर न्यायालय ने रोक लगा दी है. इस रोक के बाद भवन निर्माण, सड़क निर्माण, नाली निर्माण, पुल-पुलिया निर्माण सहित कई कार्य बालू के अभाव में बंद हो गये हैं. कार्य बंद होने से मजदूर भी बेरोजगार हो गये हैं. ऐसी स्थिति में उनके समक्ष खाने के लिए कुछ भी नहीं है.
मजदूर वर्ग अब काम की तलाश में पलायन करने को मजबूर हैं. घाटों से गंतव्य स्थल तक बालू पहुंचाने वाले ट्रैक्टर चालक भी बेरोजगार हो गये हैं. कुछ ट्रैक्टर चालकों द्वारा स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से नदी घाटों से बालू का उठाव कर मकान निर्माण स्थल तक पहुंचाने का जोखिम उठा रहे हैं. ऐसी स्थिति में न्यायालय का रोक बेइमानी साबित हो रहा है.
जिला प्रशासन द्वारा बालू के उठाव पर रोक लगाने को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अंचलाधिकारी व थानाध्यक्षों को जिम्मेवारी दी गयी थी. दो चार दिनों तक यह व्यवस्था बरकरार रही, परंतु थानाध्यक्षों व अंचलाधिकारियों को इंटर परीक्षा में ड्यूटी व नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोपित विधायक राजबल्लभ प्रसाद के घर कुर्की-जब्ती जैसे कार्यों में लगा दिये जाने के बाद बालू के उठाव पर रोक असंभव हो गया है.
शाम ढलते ही नदी के घाटों पर ट्रैक्टर का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है, जो देर रात व सुबह तक बालू का उत्खनन करते हैं. कई लोग अपने अधूरे मकान के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए पड़ोसी राज्य झारखंड के कोडरमा से बालू का उठाव करा कर मंगवा रहे हैं. इस संबंध में सहायक खनन निदेशक मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले में बालू उत्खनन के रोक के लिए कार्रवाई की जा रही है. चोरी छिपे बालू उत्खनन करने वाले ट्रैक्टर चालकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की जायेगी.
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