विदेशी दंपतियों की सूनी गोद भर रहीं अनाथ बच्चियां

Updated at : 09 Feb 2017 4:00 AM (IST)
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विदेशी दंपतियों की सूनी गोद भर रहीं अनाथ बच्चियां

अमेरिकी दंपती नालंदा की अनाथ बच्चियों को गोद लेने में आगे बिहारशरीफ : विदेशी दंपती अपनी सूनी गोद नालंदा की बच्चियों से भर रहे हैं. ऐसे दंपतियों में अमेरिकी दंपत्ति आगे हैं. अब तक नालंदा की आठ बच्चियों को विदेशी दंपत्तियों ने गोद लिया है. जिसमें से सात दंपती अमेरिका के हैं. इन दिनों अमेरिकी […]

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अमेरिकी दंपती नालंदा की अनाथ बच्चियों को गोद लेने में आगे

बिहारशरीफ : विदेशी दंपती अपनी सूनी गोद नालंदा की बच्चियों से भर रहे हैं. ऐसे दंपतियों में अमेरिकी दंपत्ति आगे हैं. अब तक नालंदा की आठ बच्चियों को विदेशी दंपत्तियों ने गोद लिया है. जिसमें से सात दंपती अमेरिका के हैं. इन दिनों अमेरिकी दंपती एडवर्ड एलन आर्डेन चार व उनकी पत्नी कैथरीन एन्ने अर्डेन की आंगन में नालंदा की बच्ची की किलकारी गूंज रही है. यूएसए की दंपती वेस्ले मैथस को मूलत: केरल के हैं और अमेरिका जाकर बस गये हैं.
उनके घर की शोभा नालंदा मदर टेरेसा की बच्ची सरस्वती बनी हुई है. वेस्ले इंजीनियर हैं, जबकि उनकी पत्नी नर्स है. इसी प्रकार अमेरिकी दंपती इमोशी जेएस तिमोपी व जे स्मिथ के जो अब लखनऊ में रहते हैं , उनके आंगन में नालंदा की अफसाना की किलकारी गूंज रही है. जबकि अमेरिकी दंपती माइकल ट्रेनॉर व उनकी पत्नी की सूनी गोद में नालंदा की बेबी शोभा बढ़ा रही है. इसी प्रकार नालंदा की मीनाक्षी फ्लोरिडा,यूएसए, राजकुमारी दक्षिण अफ्रिका, अनुष्का यूएसए दंपत्ति व अंजलि यूएसए दंपती की सूनी गोद की शोभा जल्द ही बढ़ाने वाली है.
नालंदा की आठ बच्चियां अबतक विदेशी दंपती की सूनी गोद भर चुकी हैं. जबकि तीन बच्चियां विदेशी दंपती की गोद भरने के लिए लाइनअप हैं. नालंदा मदर टेरेसा अनाथालय की पूजा शीघ्र ही स्पेन जाने वाली है. इसके अलावा टीना टीसा यूएस जायेगी. जबकि कृति भी यूएसए जायेगी.
यह है गोद लेने की प्रक्रिया:
बच्चा गोद लेने के लिए सीएआए डॉट एनआइसी डॉट आइएन पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है. जो लोग अपने देश के बच्चे को गोद लेना चाहते हैं. उन्हें अपने च्वाइस में इंडिया सेलेक्ट करना होता है. जो लोग विदेश के कंट्री लाइक करना होता है. रजिस्ट्रेशन के बाद गोद लेने के इच्छुक लोगों की होम स्टडी की जाती है. हरेक देश में ऑथोराइज्ड फॉरनर एडॉप्शन एजेंसी हैं. भारत में स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी हैं. रजिस्ट्रेशन होने के बाद एक माह के अंदर होम स्टडी का कार्य पूरा कर लिया जाना है. होम स्टडी पूरा हो जाने के बाद वह वेटिंग में चला जाता है और जब नंबर आता है तो आवेदनकर्ता के मोबाइल पर मैसेज व बच्चा का फोटो भेज दिया जाता है. इस मैसेज के बाद विदेशी दंपत्ति को एक माह के अंदर और अपने देश के लोगों 15 दिनों के अंदर बच्चे को गोद ले लेना होता है. गोद लेने के इच्छुक दंपती को छह माह का चेक अथवा डीडी चाइल्ड केयर कॉर्पस फंड में जमा करना होता है.
बच्चा गोद लेने से संबंधित कागजात
-दंपती का जन्म प्रमाणपत्र
-विवाह का साक्ष्य प्रमाणपत्र
-संपत्ति का विवरण
-दंपती का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र
-दंपती का संयुक्त तीन नवीनतम पोस्टकार्ड साइज फोटो
-आवासीय प्रमाणपत्र
-पैन कार्ड
-सिफारिश पत्र दो परिवार का
-आय प्रमाणपत्र
वैधानिक प्रक्रिया जरूरी
विदेशी दंपती गोद लेने में काफी उदार होते हैं. वे बच्चों के रंग, रूप पर ध्यान नहीं देते. जबकि भारतीय इस मामले में काफी सजग होते हैं. गोद लेने वाले दंपत्ति के नैहर व ससुराल दोनों का बैकग्राउंड,पुरानी बीमारी,मुकदमा,सामाजिक वातारण आदि की जानकारी प्राप्त करने के बाद वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर बच्चों को गोद दिया जाता है.
–बबीता कुमारी, मदर टेरेसा अनाथालय, नालंदा
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