पीलिया के मरीजों की पहचान में जुटे कर्मी
Updated at : 25 Jan 2017 12:04 AM (IST)
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कैंप लगा कर संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही मंसूरनगर में लगाया गया जांच कैंप बिहारशरीफ : पीलिया रोग पर नियंत्रण के लिए घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान करने में स्वास्थ्य कर्मी लगे हैं. इस काम में आशा से लेकर एएनएम लगी हैं. संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए मंसूरनगर में जिला स्वास्थ्य […]
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कैंप लगा कर संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही
मंसूरनगर में लगाया गया जांच कैंप
बिहारशरीफ : पीलिया रोग पर नियंत्रण के लिए घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान करने में स्वास्थ्य कर्मी लगे हैं. इस काम में आशा से लेकर एएनएम लगी हैं. संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए मंसूरनगर में जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर कैंप लगाया गया है. चिह्नित होनेवाले मरीजों को इस कैंप में स्वास्थ्य जांच की जा रही है. सदर पीएचसी के अंतर्गत बड़ी पहाड़ी, मंसूरनगर व छोटी पहाड़ी में हाल के दिनों में पीलिया के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया. पीड़ित लोगों के बेहतर जांच व इलाज के लिए ठोस कदम उठाते हुए वहां पर एक स्वास्थ्य कैंप लगाया गया है.
पीलिया रोग नियंत्रण के लिए मेडिकल टीम गठित : संबंधित क्षेत्रों में पीलिया रोग पर नियंत्रण के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर मेडिकल टीम गठित की गयी है. इस गठित मेडिकल टीम में सदर पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मो जहांगीर के अलावा दो नर्सें, एक प्रयोगशाला प्रावैधिकी को शामिल किया गया है. उक्त मेडिकल टीम स्वास्थ्य कैंप में काम कर रही है. संदिग्ध मरीजों के इलाज करने में जुटी है. टीम को आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध करा दी गयी हैं, ताकी जरूरत मंद लोगों को इलाज के बाद सहज रूप से दवा उपलब्ध करायी जा सके.
एसीएमओ ने कैंप का किया निरीक्षण
पीलिया रोग नियंत्रण के लिए मंसूरनगर में लगाये गये स्वास्थ्य कैंप का अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ललित मोहन प्रसाद व जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ मनोरंजन कुमार ने मंगलवार को निरीक्षण किया. इस दौरान कैंप में प्रतिनियुक्त चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मियों को कई दिशा-निर्देश भी दिये. यह कैंप 21 जनवरी से ही वहां पर काम कर रहा है. अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रसाद ने बताया कि चिह्नित पीलिया के मरीजों के घर जाकर उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल भी लिया. जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ कुमार ने बताया कि अब तक स्वास्थ्य कर्मियों ने 108 घरों का सर्वे कर लिया है, जिसमें से 13 संदिग्ध रोगियों की पहचान की गयी है. इस बीमारी में चार तरह की जांच की जाती है. एसजीओटी, एसजीपीटी, एचवीएसजी व विलिरुवीन शामिल हैं. इसकी जांच सदर अस्पताल में की जाती है और कन्फर्म जांच करने के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज, पटना भेजा जाता है. वहां माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच की जाती है. कन्फर्म जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही पीलिया कन्फर्म किया जा सकता है.
स्वच्छ पेयजल पीएं लोग : अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ललित मोहन प्रसाद ने लोगों से अपील की है कि ताजा व स्वच्छ पेयजल पीएं. पानी उबाल कर ही पीएं. ताजा खाना खाएं. खाने के सामान को ढंक कर ही रखें. जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ कुमार ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी व पीएचइडी के अधिकारियों से उक्त मोहल्लों में स्वच्छ पानी सप्लाइ करने का आग्रह किया गया है.
उन्होंने बताया पानी को शुद्ध करने के लिए लोगों को हैलजोन टेबलेट उपलब्ध करायी जायेगी. सदर पीएचसी प्रभारी डॉ राकेश कुमार ने बताया कि कैंप में 17 संदिग्ध मरीजों की जांच की गयी, जिसे बेहतर जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. कैंप में मेडिकल टीम काम कर रही है. चिह्नित रोगियों को बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान की जा रही है.
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