मेडिकल बोर्ड के अंतिम सभी डॉक्टरों की गवाही समाप्त

Updated at : 12 Jan 2017 5:08 AM (IST)
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मेडिकल बोर्ड के अंतिम सभी डॉक्टरों की गवाही समाप्त

डॉक्टर ने दुष्कर्म या जख्म की पुष्टि नहीं की प्रथम मेडिकल जांच रिपोर्ट को सही माना बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के पाक्सो स्पेशल एडीजे प्रथम शशि भूषण प्रसाद सिंह के कोर्ट में चर्चित नाबालिग छात्रा दुष्कर्म कांड में दोबारा पीड़िता के मेडिकल जांच के लिए गठित बोर्ड में में सम्मिलित छह डॉक्टरों में 13 वें […]

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डॉक्टर ने दुष्कर्म या जख्म की पुष्टि नहीं की

प्रथम मेडिकल जांच रिपोर्ट को सही माना
बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के पाक्सो स्पेशल एडीजे प्रथम शशि भूषण प्रसाद सिंह के कोर्ट में चर्चित नाबालिग छात्रा दुष्कर्म कांड में दोबारा पीड़िता के मेडिकल जांच के लिए गठित बोर्ड में में सम्मिलित छह डॉक्टरों में 13 वें व छठे डॉक्टर कुमारी प्रीति रंजन का परीक्षण व प्रतिपरीक्षण समाप्त होने के साथ ही बोर्ड में सभी डॉक्टरों की गवाही समाप्त हो चुकी है. इसके पूर्व डीएस शैलेन्द्र कुमार, बुद्ध प्रकाश, अखिलेश कुमार, कुमकुम, रामकुमार प्रसाद की गवाही समाप्त हो चुकी है. अंतिम गवाह प्रीति रंजन के परीक्षण के बाद अधिवक्ता वीरेन कुमार व कमलेश कुमार ने आरोपित राजबल्लभ पक्ष से प्रतिपरीक्षण किया. इसके दौरान डॉक्टर ने जवाब में कहा कि 17 फरवरी को सवा सात बजे पीड़िता की जांच की एवं आठ बजे रिपोर्ट तैयार कर जमा कर दी.
जबकि सीएस के निर्देशन में बोर्ड रिपोर्ट के अनुसार साढ़े आठ बजे शाम में गठित हुई थी. उन्होंने ने बताया कि पीड़िता के आंतरिक या बाध्य या शरीर के किसी भी अंग पर जांच के दौरान कोई जख्म या दुष्कर्म के लक्षण नहीं थे. नियमत: दूसरे मेडिकल जांच बोर्ड का गठन तभी किया जाता है, जब पीडि़ता या उसके परिवार के सदस्य ने प्रथम जांच रिपोर्ट पर विरोध जताया हो. जबकि उस बोर्ड में प्रथम मेडिकल जांच रिपोर्ट में डॉक्टर को भी सम्मिलित किया जाता है. परंतु इस बोर्ड के गठन में नियमों को ताक पर रखते हुए पीड़िता या अन्य किसी के आपत्ति के बगैर प्रथम मेडिकल जांच रिपोर्ट के डॉक्टर कृष्णा प्रसाद को दरकिनार कर गठित की गयी. जबकि भी डॉक्टरों ने प्रथम मेडिकल जांच रिपोर्ट, जिसमें दुष्कर्म तथा किसी प्रकार का कोई इंज्यूरी न होने का रिपोर्ट दिया गया था. इतना ही नहीं आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार डाॅ कृष्णा पर रिपोर्ट बदलने का दवाब तथा विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा भी की गयी थी. जिसकी शिकायत डाॅ कृष्णा ने तत्कालीन एडीजे रश्मि शिखा से कोर्ट में तथा राज्य स्वास्थ्य विभाग सचिव से भी की थी. अधिवक्ता वीरमणि व संजय कुमार ने प्रतिपरीक्षण में सहयोग किया.
विकास के लिए खेलकूद जरूरी
आयोजन. सैनिक स्कूल नालंदा नानंद में हुई वार्षिक खेलकूद
परेड की सलामी लेते संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार.
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