फॉगिंग की निगरानी को लेकर आठ टीमें गठित

Updated at : 29 Aug 2016 6:12 AM (IST)
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फॉगिंग की निगरानी को लेकर आठ टीमें गठित

प्रखंडवार अधिकारियों को मिली जिम्मेवारी सीएस व डीएमओ हर प्रखंड पर रखेंगे नजर बिहारशरीफ : कालाजार की रोकथाम के लिए इन दिनों जिले में फॉगिंग की जा रही है. जिले के 12 प्रखंडों में सरकार के निर्देशानुसार यह अभियान चलाया जा रहा है. फॉगिंग कार्य पर निगरानी के लिए जिलास्तर पर टीमें गठित गयी है. […]

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प्रखंडवार अधिकारियों को मिली जिम्मेवारी

सीएस व डीएमओ हर प्रखंड पर रखेंगे नजर
बिहारशरीफ : कालाजार की रोकथाम के लिए इन दिनों जिले में फॉगिंग की जा रही है. जिले के 12 प्रखंडों में सरकार के निर्देशानुसार यह अभियान चलाया जा रहा है. फॉगिंग कार्य पर निगरानी के लिए जिलास्तर पर टीमें गठित गयी है. टीम में शामिल अधिकारियों को प्रखंडवार अलग-अलग जिम्मेवारी सौंपी गयी है. टीम में शामिल किये गये अधिकारियों को सीएस ने जांच प्रतिवेदन प्रतिदिन उपलब्ध कराने को कहा है. ताकि पता चल सके कि किस पीएचसी में छिड़काव को रोजाना स्थिति क्या है. साथ ही, कहा कि अधिकारी लोग अपने-अपने आवंटित पीएचसी के क्षेत्रों का निश्चित रूप से दौरा कर छिड़काव का जायजा लें.
इसमें किसी तरह की शिथिलता बरती जाये. कालाजार की रोकथाम के लिए जिले के बारह पीएचसी के चिह्नित गांवों में 16 अगस्त से जिला मलेरिया विभाग की ओर से फॉगिंग करायी जा रही है. इस कार्य में कुल सात दल लगाये गये हैं. छिड़काव दल में एक घोल तैयार करने वाले कर्मचारी व दूसरा पंप से दवा का छिड़काव करने वाले शामिल हैं. हर पीएचसी में केटीएस व मलेरिया इंस्पेक्टर की देखरेख में सिंथेटिक पाथ्राटिक घोल का छिड़काव कार्य चल रहा है.
माइक्रोप्लान के तहत हो रहा छिड़काव
जिला मलेरिया व कालाजार विभाग की ओर से जिले के 41 गांवों में माइक्रोप्लान कार्यक्रम बनाकर छिड़काव दल के सदस्य तिथिवार दवा का छिड़काव करने में जुटे हैं. माइक्रोप्लान के तहत यह कार्य करीब दो माह तक चलेगा.जिले के चयनित प्रखंडों के चिह्नित गांवों में जाकर छिड़काव दल दवा का छिड़काव कर रहे हैं. इन्हीं सब कार्य पर निगरानी के लिए सिविल सर्जन डॉ सुबोध प्रसाद सिंह ने प्रखंडवार अधिकारियों की टीमें गठित की है़
फॉगिंग कार्य की निगरानी के लिए गठित टीमें के अधिकारियों को एक से लेकर तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेवारी सौंपी गयी है.ताकि अधिकारी सही ढंग से छिड़काव कार्य पर अपनी पैनी नजर रख सकें.साथ ही आवंटित पीएचसी के गांवों में जाकर छिड़काव कार्य का सही रूप से जाजया ले पायें. जायजा के दौरान जरूरत के अनुसार दल के सदस्यों को आवश्यक दिशा निर्देश भी देंगे. जायजा के बाद जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है. ताकी जांच रिपोर्ट के आधार पर भी छिड़काव कार्य की गुणवत्ता का पता चल सके. जरूरत पड़ने पर और भी ठोस कदम उठाये जा सकें.
कालाजार की रोकथाम के लिए सिविल सर्जन ने अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी से लेकर जिला डाटा सहायक आशा तक को अहम जिम्मेवारी दी है. साथ ही स्वयं भी इस पर अपनी नजर रखे हुए हैं. सीएस ने जिला मलेरिया पदाधिकारी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी,जिला यक्ष्मा पदाधिकारी,डीपीएम व जिला मलेरिया विभाग की सलाहकार को निगरानी की जिम्मेवारी पीएचसी वार दी है.
क्या कहते हैं अधिकारी
फॉगिंग पर निगरानी के लिए गठित टीमों के अधिकारियों को कहा गया है कि आवंटित क्षेत्रों का जायजा लें. प्रतिदिन जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है.
डॉ.सुबोध प्रसाद सिंह
पीएचसी वार अफसर
पदाधिकारी पीएचसी
सीएस हर पीएचसी
एसीएमओ नूरसराय,चंडी ,नगरनौसा
डीएमओ हर पीएचसी
जिला प्रतिरक्षण पदा. सिलाव व गिरियक
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी इस्लामपुर,एकंगरसराय व हरनौत
डीपीएम बेन व सदर प्रखंड बिहारशरीफ
डीएमओ जिला सलाहकार,हर पीएचसी
जिला डाटा सहायक (आशा‌‌) हिलसा व करायपरशुराय
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