गंदे नाले से स्थिति नारकीय
Updated at : 02 Jun 2016 4:50 AM (IST)
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परेशानी. हाल रामचंद्रपुर मछली मंडी व नाला रोड का थोड़ी सी बारिश हुई नहीं कि सड़क व नालों के ऊपर से पानी बहने लगता है. उस समय शहर वासियों को इसी गंदे पानी में चलने अथवा पार होने की मजबूरी होती है. स्थानीय मछली मंडी के पास इस तरह का नजारा आम है. बरसात के […]
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परेशानी. हाल रामचंद्रपुर मछली मंडी व नाला रोड का
थोड़ी सी बारिश हुई नहीं कि सड़क व नालों के ऊपर से पानी बहने लगता है. उस समय शहर वासियों को इसी गंदे पानी में चलने अथवा पार होने की मजबूरी होती है. स्थानीय मछली मंडी के पास इस तरह का नजारा आम है. बरसात के पहले और बाद में इन नालों की स्थिति तो दयनीय ही बनी रहती है.
राहगीर कपड़ा उठाकर नाक बंद कर गुजरने को विवश
बिहारशरीफ : बरसात के दिनों में शहर की मुख्य सड़क व नाले में फर्क मिट जाता है. थोड़ी सी बारिश हुई नहीं कि सड़क व नालों के ऊपर से पानी बहने लगता है. उस समय शहर वासियों को इसी गंदे पानी में चलने अथवा पार होने की मजबूरी होती है. स्थानीय मछली मंडी के पास इस तरह का नजारा आम है. बरसात के पहले और बाद में इन नालों की स्थिति तो दयनीय ही बनी रहती है. कूड़े-कचरे व गाद भरे रहने के कारण ये नाले पानी को आगे का रास्ता नहीं दे पाते हैं. आम दिनों में भी नाले के ये पानी सड़कों पर निकल कर बजबजाते रहते हैं.
शहर के प्रमुख मोहल्ले के नालों की स्थिति देख यह प्रमाणित होता है कि नगर निगम खुले नालों के ऊपर से पॉलिथीन, कचरा आदि तो निकाल लेता है. मगर नाले के अंदर के गाद को बाहर निकाल नालों को फ्री करने में उसकी दिलचस्पी नहीं होती है. जिन इलाकों के नाले ढंके हुये हैं. वैसे नालों में छह माह पर भी कुदाल नहीं डाले जाते हैं. इसके कारण शहर व शहरवासी बजबजाते व बंद पड़े नालों से जूझता रहता. रामचंद्रपुर मछली मंडी व नाला रोड की इस दयनीय स्थिति के लिये स्थानीय दुकानदार भी कम जिम्मेवार नहीं है.
मछली के बड़े-बड़े खक्से के बड़े-बड़े डिब्बों को खाली होने व टूट जाने पर दुकानदार इन नालों में डाल देते हैं. दुाकनदार सड़क पर मछली बेचते रहते हैं. जिससे सड़क पर खक्से के बक्से न तो सड़ते हैं और न ही गलते हैं. जिसके कारण नाला रोड का बड़ा नाला जो शहर के पानी निकासी के लिये बनाया गया है, इन मछली के बक्से से भरा पड़ा रहता है.
दुकानदारों पर चलता है बुलडोजर :रामचंद्रपुर मछली मंडी के दुकानदार शाहनवाज बताते हैं कि नगर निगम द्वारा गंदगी हटाने की जगह दुकानदारों पर बुलडोजर चलाया जाता है. गंदगी दूर करने का कोई प्रयास नहीं किया जाता है. निगम की यह पॉलिसी समझ से परे हैं.
क्या कहते हैं मेयर
” बरसात के आगमन को देखते हुए शहर के सभी नालों की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. जो नाले छूटे हुए हैं, उस पर नगर निगम की नजर है. रामचंद्रपुर मछली मंडी के नाले मछली व्यवसायियों की करतूत के कारण भरे रहते हैं. मछली मंडी को अन्यत्र ले जाने की व्यवस्था नगर निगम द्वारा की गयी थी, मगर स्थानीय दुकानदारों के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो पाया. नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष नजर रखे हुए हैं. ”
सुधीर कुमार, मेयर, बिहारशरीफ
गंदगी के कारण राह गुजरना मुश्किल
रामचंद्रपुर मोहल्ले की ही लालती देवी बताती हैं कि मछली मंडी की सड़क पर दुकान सजा देने से संकीर्ण हो जाती है. इस संकीर्ण सड़क पर गंदगी का अंबार लगा रहता है. इसके कारण राहगीरों को पैदल चलना भी मुश्किल है. बदबू से नाक ढंक कर गुजरना पड़ता है.
दुकानदारों के लिए कोई सुविधा नहीं
रामचंद्रपुर मछली मंडी के दुकानदार मंसूर चौधरी बताते हैं कि नगर निगम द्वारा व्यवसायियों को कोई सुविधा नहीं दी गयी है.दुकानें न होने की वजह से सड़क पर मछली बेचने की मजबूरी है. इससे आवागमन की व्यवस्था पर असर पड़ रहा है.
चौड़ीकरण होना था, पर नहीं हुआ :
मछली मंडी के दुकानदार अर्जुन मिस्त्री बताते हैं कि सड़क का चौड़ीकरण होना था, पर नगर निगम द्वारा इस कार्य को पूरा नहीं किया गया है. इसके कारण मछली मंडी की सड़क संकीर्ण हो गयी है, तथा जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है.
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