गैस पाइपलाइन ब्लास्ट के बाद सख्त हुआ प्रशासन, बिना एसओपी मंजूरी के सड़क खुदाई पर रोक
जिलाधिकारी की बैठक
मुजफ्फरपुर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट के बाद प्रशासन ने सड़क खुदाई के लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू किए हैं. बिना पूर्व अनुमति और SOP का पालन किए अब सड़क खोदना संभव नहीं होगा.
सड़क खुदाई मुजफ्फरपुर: गोबरसही इलाके में नाला निर्माण के दौरान हुए गंभीर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. शहरी क्षेत्र और इसके आसपास विभिन्न सरकारी योजनाओं, नागरिक परियोजनाओं तथा अन्य निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का अनुपालन अनिवार्य कर दिया गया है. डीएम कुमार गौरव ने आईओसीएल (IOCL) और विभिन्न निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों के साथ समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि गैस पाइपलाइन नेटवर्क क्षेत्र में किसी भी तरह की गतिविधि के लिए आईओसीएल के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य होगा. भविष्य में नियमों की अनदेखी कर किसी भी विभाग को सड़क खोदने की अनुमति नहीं मिलेगी.
समन्वय समिति की लिखित मंजूरी के बिना नहीं चलेगा बुलडोजर
डीएम ने आईओसीएल के वरिष्ठ प्रबंधन को पीएनजी नेटवर्क का विस्तृत ले-आउट प्लान और एसओपी सभी संबंधित विभागों को तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. पीएनजी आच्छादित इलाकों में विकास कार्यों के सुरक्षित संचालन के लिए एक विशेष समन्वय समिति बनाई गई है. समिति की लिखित अनुमति के बिना कहीं भी बुलडोजर या भारी मशीनों का उपयोग नहीं होगा. इसके साथ ही खुदाई के दौरान घटनास्थल पर आईओसीएल की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) और त्वरित प्रतिक्रिया दल की मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है.
जेई और आईओसीएल अधिकारी की मौजूदगी में ही होगा काम
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीएनजी पाइपलाइन क्षेत्र में खुदाई के दौरान संबंधित निर्माण विभाग के कनीय अभियंता (JE) और आईओसीएल अधिकारी की भौतिक उपस्थिति जरूरी होगी. पथ निर्माण विभाग (RCD), भवन निर्माण, बुडको, नगर निगम, टेलीकॉम और विद्युत विभाग सहित किसी भी एजेंसी द्वारा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किए जाने पर सीधी प्राथमिकी दर्ज कर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी. एसडीएम (पूर्वी) को इस पूरी व्यवस्था का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि संबंधित थाना प्रभारियों को पाइपलाइन रूट पर लगातार पुलिस गश्त सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है.
काम शुरू होने से पहले तय किए गए मानक:
- संबंधित सक्षम प्राधिकार और समन्वय समिति से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
- आईओसीएल को कार्य से संबंधित पूरा विवरण और तकनीकी स्कीमैटिक डायग्राम जमा करना होगा.
- निर्माण एजेंसी और आईओसीएल के इंजीनियरों द्वारा कार्यस्थल का संयुक्त सर्वे किया जाएगा.
- जमीन के नीचे बिछी स्टील पाइपलाइन का सही पता लगाने के लिए कैलिब्रेटेड लोकेटर का प्रयोग होगा.
- हर 30 से 40 मीटर के फासले पर पाइपलाइन की वास्तविक गहराई जानने के लिए हाथ से सुरक्षित खुदाई कर जांच की जाएगी.
काम के संचालन के दौरान अनिवार्य शर्तें:
- कार्य के दौरान आईओसीएल का थर्ड पार्टी ऑडिटर (TPA) अथवा अधिकृत अधिकारी मौके पर मौजूद रहेगा.
- जेएसए सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन होगा तथा मशीनों की फिटनेस और ऑपरेटर लाइसेंस की जांच होगी.
- कार्यस्थल की पूरी तरह मजबूत बैरिकेडिंग की जाएगी और मौके पर इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल तैनात रहेगा.
- गैस पाइपलाइन और नए निर्माण (जैसे नाला अथवा केबल) के बीच कम से कम 1 मीटर का सुरक्षित फासला रखना होगा.
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