मद्य निषेध एक्ट में सूबे में आया पहला फैसला, एक्साइज कोर्ट ने दोषी करार दिया, सजा पर सुनवाई 30 को

Updated at : 27 Apr 2019 8:00 AM (IST)
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मद्य निषेध एक्ट में सूबे में आया पहला फैसला, एक्साइज कोर्ट ने दोषी करार दिया, सजा पर सुनवाई 30 को

मुजफ्फरपुर : एक्साइज कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने शुक्रवार को अहियापुर थाने के गणेशपुर निवासी प्रकाश राम को दोषी करार दिया. राज्य में शराबबंदी के बाद मद्य निषेध एक्ट में पहली बार किसी आरोपित को दोषी ठहराया गया है. सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए न्यायालय ने 30 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है. […]

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मुजफ्फरपुर : एक्साइज कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने शुक्रवार को अहियापुर थाने के गणेशपुर निवासी प्रकाश राम को दोषी करार दिया. राज्य में शराबबंदी के बाद मद्य निषेध एक्ट में पहली बार किसी आरोपित को दोषी ठहराया गया है. सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए न्यायालय ने 30 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है. न्यायालय ने आरोपी प्रकाश राम को भादवि की धारा-392, 25आर्म्स एक्ट व मद्य निषेध अधिनियम की धारा-37 (सी) में दोषी माना है.

नगर थाना पुलिस ने 31 मार्च, 2017 को प्रकाश राम के विरुद्ध विशेष एक्साइज कोर्ट मे चार्जशीट दाखिल किया था. पुलिस ने नशे की हालत में गोली व पिस्तौल के साथ शुक्ला रोड मैना गली स्थित मेहरू निशा के घर से 15 जनवरी, 2017 की रात प्रकाश राम व बैजू राम को गिरफ्तार किया था. इसके बाद मेहरू निशा के बयान पर उसके घर से धराये प्रकाश व बैजू के विरुद्ध नगर थाना में कांड संख्या-38/2017 दर्ज किया.

पुलिस को दिये बयान मे मेहरू निशा ने बताया था कि रात में वह घर मे सोयी थी. इसी बीच घर मे दो युवक घुसे. एक युवक ने कमर से पिस्तौल निकालकर उसके सिर पर सटाया. वहीं उसके साथ आये दूसरे लड़के ने गले से रोल्ड गोल्ड का चैन सोने का समझकर छीन लिया. वह दोनों लड़के नशे की हालत में थे. वह किसी तरह घर से बाहर निकली और दोनों अपराधियों को घर मे छोड़कर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया. उसके शोर मचाने पर नगर पुलिस की गश्ती गाड़ी आ गयी. पूरी घटना की जानकारी लेने के बाद पुलिस ने दोनों अपराधियों को हिरासत में ले लिया. तलाशी के दौरान प्रकाश के पास से पिस्टल व दो जिंदा गोली बरामद किया गया. वही दूसरे अपराधी बैजू राम के पैंट के पॉकेट से चेन बरामद हुआ. दोनों के मुंह से शराब की गंध आ रही थी. ट्रायल के दौरान बैजू के मामले को अलग कर दिया गया.

क्या है बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2018

क्या है सजा : बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2018 के मुताबिक, पहली बार शराब पीते हुए पर पकड़ने जाने पर 50 हजार जुर्माना या तीन माह की सजा होगी. हालांकि, पहली बार शराब पीते पकड़े जाने पर जमानत मिल सकेगी. दूसरी बार पकड़े जाने पर पांच साल तक कैद और एक से पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है.

शराब बेचने पर उम्रकैद की सजा : मिलावटी शराब या अवैध रूप से शराब बेचते पकड़े जाने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है. साथ ही दस लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान है.

हुड़दंगियों को आजीवन कारावास : शराब पीकर हुड़दंग करने, शराब पार्टी करने, अपने घर या किसी प्रतिष्ठान में शराबियों के जमावड़े पर उम्रकैद और एक से दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

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