मुंगेर में लड़कियां नहीं हैं सुरक्षित तीन माह में दुष्कर्म की सात घटना
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Dec 2014 10:48 AM (IST)
विज्ञापन

मुंगेर : इन दिनों मुंगेर जिले में दुष्कर्म का ग्राफ काफी बढ़ गया है. एक के बाद एक दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसी स्थिति में यदि सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाय तो मुंगेर में लड़कियां सुरक्षित नहीं है. बढ़ते दुष्कर्म के मामले को लेकर बीते तीन माह में कुल सात दुष्कर्म […]
विज्ञापन
मुंगेर : इन दिनों मुंगेर जिले में दुष्कर्म का ग्राफ काफी बढ़ गया है. एक के बाद एक दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसी स्थिति में यदि सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाय तो मुंगेर में लड़कियां सुरक्षित नहीं है. बढ़ते दुष्कर्म के मामले को लेकर बीते तीन माह में कुल सात दुष्कर्म के मामले सामने आये हैं.
चिंतित हैं अभिभावक
सरकार द्वारा भले ही लड़कियों के लिए बहुत सारी लाभकारी योजनाएं चलायी गयी हो. यहां तक कि विद्यालय जाने के लिए साइकिल तक उपलब्ध कराया गया है. लेकिन उसके सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है. घर से निकलने के बाद जब तक लड़कियां लौट कर अपने घर नहीं पहुंचती तब तक उनके अभिभावक चिंतित रहते हैं कि मेरी बच्ची बाहर सुरक्षित है या नहीं. सुरक्षा के अभाव में कई लोग तो अपनी बच्चियों को पढ़ने के लिए दूर भेजने से भी डरते हैं.
मनचलों की शिकार बनती है छात्राएं
ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं की सुरक्षा तो दुर कीबात शहरी क्षेत्र में भी छात्राएं सुरक्षित नहीं है. शहर के पूरबसराय-रायसर रोड में सुबह से लेकर शाम तक असामाजिक तत्वों व मनचलों का जमावड़ा रहता है और छात्राओं के ऊपर फबतियां कसते नजर आते हैं. सुबह के समय कोचिंग में आने वाली छात्राएं व कॉलेज के समय आने जाने वाली छात्राएं इन मनचलों से खासे परेशान रहते हैं. जिस पर शायद पुलिस प्रशासन निगाह नहीं के बराबर रहती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










