पंचायत परिसीमन को लेकर बढ़ी हलचल, कोटवा में 7-8 नई पंचायत बनने की चर्चा

Author Shivam|Edited by Purushottam Kumar
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पंचायत परिसीमन को लेकर बढ़ी हलचल, कोटवा में 7-8 नई पंचायत बनने की चर्चा

कोटवा प्रखंड में नई पंचायतों और वार्डों के गठन की चर्चा तेज है. 1991 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर 2026 में परिसीमन की तैयारी है. जानिए कितनी नई पंचायतें बन सकती हैं.

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Motihari News: पंचायत चुनाव को लेकर कोटवा प्रखंड में परिसीमन की चर्चा तेज हो गई है. ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और संभावित उम्मीदवारों के बीच नई पंचायतों, वार्डों और अन्य निर्वाचित पदों की संख्या को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार वर्ष 1991 की जनगणना के आधार पर वर्ष 1994 में पंचायतों का परिसीमन किया गया था. अब वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर वर्ष 2026 में नए सिरे से परिसीमन की तैयारी चल रही है.

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Kotwa News: 7 से 8 नई पंचायत बनने की संभावना

कोटवा प्रखंड की कुल जनसंख्या 1,68,788 होने के कारण स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि वर्तमान पंचायतों के अलावा लगभग 7 से 8 नई पंचायतों का गठन हो सकता है. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि अंतिम निर्णय राज्य सरकार की आधिकारिक नियमावली जारी होने के बाद ही लिया जाएगा.

संभावित परिसीमन को लेकर चल रही चर्चा

स्थानीय स्तर पर संभावित नियमावली को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. इनमें 500 की आबादी पर एक वार्ड सदस्य, 5,000 की आबादी पर एक पंचायत समिति सदस्य, 7,000 की आबादी पर एक पंचायत तथा 50,000 की आबादी पर एक जिला परिषद क्षेत्र बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि इन मानकों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

सरकार की अधिसूचना का इंतजार

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सरकार की ओर से अंतिम नियमावली जारी होना बाकी है. परिसीमन की पूरी प्रक्रिया उसी के अनुरूप पूरी कराई जाएगी. ऐसे में पंचायतों, वार्डों और अन्य निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या को लेकर फिलहाल सभी दावे और आंकड़े संभावनाओं पर आधारित हैं.

अंतिम नियमावली के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद ही कोटवा प्रखंड में पंचायतों, वार्डों और अन्य निर्वाचित पदों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी. इसके बाद ही नए परिसीमन के अनुसार पंचायत चुनाव की तैयारियां आगे बढ़ेंगी.

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