मधुबनी: जहां पढ़ते हैं बच्चे, वहीं बनता है मिड-डे मील, स्कूल की व्यवस्था पर उठे सवाल

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मध्याह्न भोजन के बीच पढ़ाई कर रहे बच्चे

मधुबनी के प्राथमिक विद्यालय थरुआही की बदहाली की तस्वीर चौंकाने वाली है. यहां बच्चे जिस कमरे में पढ़ते हैं, उसी में चूल्हा जलाकर मिड-डे मील बनता है और ऑफिस का काम भी होता है. दो कमरों में 78 छात्रों की पढ़ाई और सुविधाओं की कमी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

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Madhubani News: मधुबनी. अंधराठाढ़ी प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय थरुआही, मुसहरी से शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई है. स्कूल में जिस कमरे में बच्चे पढ़ाई करते हैं, उसी के एक कोने में चूल्हा जलाकर मध्याह्न भोजन तैयार किया जाता है. इसी कमरे के दूसरे हिस्से में स्कूल का दफ्तर भी संचालित हो रहा है. एक ही कमरे में पढ़ाई, रसोई और प्रशासनिक कामकाज चलने से विद्यालय की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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Andhratharhi News: एक ही कमरे में पढ़ाई, रसोई और दफ्तर

प्राथमिक विद्यालय थरुआही, मुसहरी में बच्चों के लिए उपलब्ध कमरों की कमी साफ दिखाई देती है. जिस कमरे में नौनिहाल पढ़ाई करते हैं, उसी कमरे में मिड-डे मील तैयार किया जाता है.

इसके अलावा इसी कमरे में विद्यालय का कार्यालय भी संचालित हो रहा है. इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ रसोई और प्रशासनिक कार्य भी एक ही जगह संचालित हो रहे हैं.

दो कमरों में 78 बच्चों की पढ़ाई

विद्यालय की स्थापना वर्ष 1988 में हुई थी. यहां कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है. स्कूल में कुल दो कमरे हैं, जबकि नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या 78 है.

बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापक पवन कुमार साफी समेत कुल तीन शिक्षक पदस्थापित हैं. सीमित कमरों में इतने बच्चों की पढ़ाई कराना विद्यालय के लिए चुनौती बना हुआ है.

न साफ पेयजल की व्यवस्था, न टोला सेवक

विद्यालय में बच्चों के लिए साफ पेयजल की समुचित व्यवस्था भी नहीं होने की बात सामने आई है. इससे विद्यार्थियों को पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है.

महादलित बस्ती में स्थित विद्यालय में टोला सेवक की व्यवस्था भी नहीं है. सरकार की ओर से महादलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलायी जा रही योजनाओं के बावजूद यहां सुविधा का अभाव बताया जा रहा है.

अधिकारियों को कई बार दी गई जानकारी

विद्यालय की व्यवस्था को लेकर प्रधानाध्यापक पवन कुमार साफी ने कहा कि स्कूल में कमरों सहित अन्य समस्याओं की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को कई बार दी गई है.

उन्होंने बताया कि जेई और एई को भी समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हो सका है.

महादलित बस्ती के बच्चों की पढ़ाई पर सवाल

विद्यालय महादलित बस्ती में संचालित है और यहां बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ते हैं. ऐसे में मूलभूत सुविधाओं की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है.

एक ही कमरे में पढ़ाई, खाना बनाने और कार्यालय संचालन की स्थिति बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है.

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