हादसे के बाद भी नहीं लिया सबक

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Sep 2016 6:32 AM

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हादसा. परमिट की अनदेखी कर होता है रूटों पर बसों का परिचालन मधुबनी : सोमवार को मुख्यालय बस स्टैंड से सीतामढी जा रही यात्रियों से भरी सागर ट्रेवल्स बस के दुर्घटना के बाद भी प्रशासन और आम लोग नहीं चेते हैं. मंगलवार को भी अन्य दिनों की तरह बसों का परिचालन हुआ. खतरनाक तरीके से […]

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हादसा. परमिट की अनदेखी कर होता है रूटों पर बसों का परिचालन

मधुबनी : सोमवार को मुख्यालय बस स्टैंड से सीतामढी जा रही यात्रियों से भरी सागर ट्रेवल्स बस के दुर्घटना के बाद भी प्रशासन और आम लोग नहीं चेते हैं. मंगलवार को भी अन्य दिनों की तरह बसों का परिचालन हुआ. खतरनाक तरीके से लोग बसों के छत पर बैठे रहे. शहर मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बसों में आवश्यकता से अधिक यात्रियों को बिठाया गया. कहीं कोई सुधार नहीं. हालांकि, बस में सवार यात्रियों के चेहरे पर उस हादसे का खौफ स्पष्ट झलक रही थी. बस स्टैंड में हर जगह से गाड़ियां अन्य दिनों की तरह आती जाती रही और यात्री भी चढते उतरते रहे.
इनमें कई वाहनों का गंतव्य स्थान के लिए परमिट है. पर , सूत्रों की मानें तो अधिकांश बस अनाधिकृत रूप से बिना परमिट के रूट बदल कर चलायी जा रही है. जबकि, कई बसें बिना परमिट की विभागीय अधिकारियों एवं कर्मियों की मिली भगत से चलायी जा रही है. बस आ- जा रही है.
सभी बस कंपनी का अलग- अलग इंचार्ज है. पर , किस कंपनी की कितनी बसें यहां से होकर कहां- कहां के लिए आती जाती है. यह बताने के लिए बस स्टैंड में कोई भी इंचार्ज तैयार नहीं हैं. बस स्टैंड में यात्री
सुविधाओं के लिए सरकार, बस कंपनी या इंचार्ज द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है.
प्रशासन मौन
बस के परिचालन व सुरक्षित यात्रा को लेकर परिवहन विभाग या प्रशासन के द्वारा कभी कोई पहल नहीं की जाती है. यहीं कारण है कि एक तो बस में सीट से अधिक यात्रियों को बिठाया जाता है, दूसरी परमिट की अवहेलना कर के भी बसों का परिचालन किया जाता है. प्राय हर बस में छतों पर भी बैठकर यात्रा करते हुए यात्री देखे जाते हैं. इसके रोकथाम की कभी कोई पहल नहीं हो पा रही है. जिस कारण कई बार बस के पलटने से जान माल की भारी क्षति होती है.
होगी कार्रवाई
पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत सहित विभागीय अधिकारियों ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है. कहा है कि इसकी व्यापक स्तर जांच होगी की कैसे परमिट की अनदेखी कर बस का परिचालन किया जा रहा है. एमवीआई सुनील कुमार ने बताया है कि प्रशासन लगातार इस पर नजर रखेगा. दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की जायेगी.
खतरनाक तरीके से यात्रा करते हैं लोग
परमिट के अनुसार नहीं चलती बस
बस के परिचालन में नियम की धज्जिया उड़ा कर बस विभिन्न रूटों पर चलायी जा रही है. परमिट किसी और जगह का होता है और बस का परिचालन किसी और जगह का. इस बात का खुलासा सोमवार को हुए बसैठ बस हादसे के बाद सामने आ गयी है. जानकारी के अनुसार जो सागर बस सीतामढी जाने के दौरान बसैठ में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी, उस बस का परमिट सीतामढी रूट का था ही नहीं. इस बस का परमिट मधुबनी जाले का था. बस मालिक ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि बस का परमिट जाले का था. यह सीतामढी रूट पर कैसे चला इसकी उनको कोई जानकारी नहीं है.
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