रिक्त पदों पर होगी नियुक्ति

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कर्मियों की कमी से जूझ रहा नगर परिषद कार्यालय शहरवासियों को सुविधा दिलाने के लिए 1876 में नगरपालिका की स्थापना हुई थी. धीरे-धीरे शहर का विकास हुआ, जनसंख्या बढ़ी. 2002 में नगर पालिका से नगर परिषद का दर्जा प्राप्त हुआ. सरकार द्वारा देय सुविधा लोगों को मिलता रहा. पर इस सुविधा का लाभ कर्मियों के […]

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कर्मियों की कमी से जूझ रहा नगर परिषद कार्यालय
शहरवासियों को सुविधा दिलाने के लिए 1876 में नगरपालिका की स्थापना हुई थी. धीरे-धीरे शहर का विकास हुआ, जनसंख्या बढ़ी. 2002 में नगर पालिका से नगर परिषद का दर्जा प्राप्त हुआ.
सरकार द्वारा देय सुविधा लोगों को मिलता रहा. पर इस सुविधा का लाभ कर्मियों के अभाव के कारण समय पर नहीं मिलता. दरअसल कई कर्मियों के अवकाश प्राप्त करने तथा कई के असमायिक निधन से आधे से अधिक पद रिक्त हो गये हैं. जिससे काम प्रभावित होने लगा. ऐसे में सरकार द्वारा कर्मियों की नियुक्ति की जाने की घोषणा से आम लोग आशान्वित हुए हैं. इनकी नियुक्ति होने से निश्चित तौर पर स्वच्छ व सुंदर शहर की कल्पना साकार होगी.
मधुबनी : नगर परिषद (नप) में शीघ्र ही कर्मचारियों की नियुक्ति की जायेगी. पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में 16 जुलाई को आयोजित कार्यशाला में इसकी घोषणा की गयी है. वर्ग ग में स्वीकृत रिक्त पदों पर नियुक्ति बिहार कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से किया जायेगा.
गौरतलब हो कि नगर परिषद में कर्मी के कारण विकास के सभी काम प्रभावित हो रहे हैं. 30 वार्डो वाले नगर परिषद क्षेत्र में 13500 परिवार निवार करते हैं. स्थानीय लोगों को नगर परिषद से मिलने वाली सुविधा नहीं मिल रही है. वहीं जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य कामों के लिए लोगों को कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. हालांकि नगर परिषद प्रशासन ने लोगों को कठिनाई ना हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर काम को पूरा करवा रहे हैं.
सफाई कार्य प्रभावित
सफाई कर्मी के कमी के कारण शहरों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है. मुख्य सड़कों को छोड़ गली व मुहल्लों में सफाई प्रभावित दिख रही है. सफाई कर्मी के 169 पद स्वीकृत हैं. इसमें मात्र 58 पद महिला सफाई कर्मी तथा 111 पुरुष सफाईकर्मी के पद हैं. जबकि वर्तमान में सिर्फ 34 पुरुष तथा 20 महिला सफाईकर्मी कार्यरत हैं. 169 स्वीकृत पद के विरुद्ध 115 पद रिक्त पड़े हैं. ऐसे में सफाई काम प्रभावित होना लाजमी है.
एनजीओ के जिम्मे सफाई कार्य
नगर परिषद शहर के 30 वार्डो में से 20 वार्ड के जिम्मा सरस्वती आर्ट एंड कल्चर नामक स्वयंसेवी संस्था को दी है जबकि सिर्फ 54 सफाईकर्मी के भरोसे 21-30 वार्डो की सफाई की जा रही है. जिसमें सिर्फ 34 पुरुष व 20 महिला सफाईकर्मी कार्यरत हैं. ऐसे में इन सफाई कर्मियों के अवकाश ग्रहण करने पर काम और अधिक प्रभावित होगी.
लोगों को परेशानी
कर्मियों के अभाव में नगर परिषद में कई काम प्रभावित हो रही है जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानी हो रही है. होल्डिंग टैक्स जमा करने, प्रमाण पत्र बनवाने, सफाई काम पुरी तरह से नहीं होने तथा वार्डो का निरीक्षण कार्य नहीं होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है. एक काम के लिए कई बार कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया कि कार्यालय में कर्मियों के अभाव में कई काम प्रभावित हो रहे हैं. हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कार्य लिया जा रहा है. कुल 286 स्वीकृत पदों के विरुद्ध सिर्फ 106 कर्मी ही कार्यरत हैं. सरकार को इससे अवगत कराया गया है.
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