सिंहेश्वर पुलिस का हुक्मनामा: पूजा पंडालों से छठ घाटों तक रहेगा सुरक्षा का पहरा, अफवाह फैलाई तो होगी कार्रवाई

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सिंहेश्वर पुलिस त्योहारी सीजन में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त है. बिना लाइसेंस के पटाखे बेचने पर FIR और जुआ खेलने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

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Supaul News: त्रिवेणीगंज (सुपौल). क्या आपने कभी सोचा है कि सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हमारी जिंदगी में रसायन विज्ञान कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है? खाने-पीने की चीजों से लेकर दवाइयों, खेती और उद्योगों तक रसायन विज्ञान का इस्तेमाल होता है. इसी तरह आज ऑनलाइन खरीदारी से लेकर बड़े कारोबार तक पहुंचा व्यवसाय कभी वस्तु विनिमय प्रणाली से शुरू हुआ था. इन दोनों विषयों को समझने और पढ़ाई को व्यावहारिक जीवन से जोड़ने के उद्देश्य से सुपौल के त्रिवेणीगंज स्थित अनूपलाल यादव महाविद्यालय में एक दिवसीय शैक्षणिक कार्यशाला आयोजित की गयी.

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मंगलवार को महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में रसायन शास्त्र और वाणिज्य विभाग की ओर से यह कार्यशाला आयोजित हुई. महाविद्यालय के सभा भवन में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को विज्ञान के दैनिक उपयोग और व्यवसाय के ऐतिहासिक विकास की जानकारी दी गयी. कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार के संरक्षण में संपन्न हुआ.

खान-पान से दवाइयों तक, हर जगह रसायन विज्ञान की भूमिका

कार्यशाला का पहला सत्र पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुआ. रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. चंद्रकिशोर यादव की अध्यक्षता में 'रसायन शास्त्र का दैनिक जीवन में उपयोग' विषय पर चर्चा की गयी.

इस दौरान वक्ताओं ने बताया कि रसायन विज्ञान केवल प्रयोगशाला और किताबों तक सीमित विषय नहीं है. हमारे आसपास होने वाली सामान्य गतिविधियों में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है.

खान-पान, औषधियों, कृषि और औद्योगिक उत्पादन में रसायन विज्ञान की भूमिका को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया. वक्ताओं ने कहा कि रसायन विज्ञान का सही ज्ञान मानव जीवन को अधिक सुरक्षित और उन्नत बनाने में मदद करता है.

छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के निर्माण, उनके गुणों और उनके प्रभाव को समझने में रसायन विज्ञान कितना जरूरी है.

वस्तु विनिमय से ई-कॉमर्स तक कैसे बदल गया व्यवसाय का स्वरूप?

कार्यशाला का दूसरा सत्र दोपहर 12:30 बजे से अपराह्न दो बजे तक आयोजित हुआ. इसकी अध्यक्षता वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार भगत ने की. इस सत्र का विषय 'व्यवसाय की उत्पत्ति एवं विकास' था.

चर्चा के दौरान वक्ताओं ने बताया कि प्राचीन समय में व्यापार की शुरुआत वस्तु विनिमय प्रणाली से हुई थी. उस दौर में लोग अपनी जरूरत की वस्तुओं के बदले दूसरी वस्तुएं प्राप्त करते थे. समय के साथ मुद्रा का प्रचलन बढ़ा और व्यापार का स्वरूप बदलता चला गया.

आज यही व्यवसाय आधुनिक तकनीक के सहारे ई-कॉमर्स तक पहुंच चुका है. इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों ने खरीद-बिक्री के तरीकों में बड़ा बदलाव किया है.

वक्ताओं ने कहा कि व्यवसाय केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह रोजगार सृजन और समाज के विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम है. बदलते समय के साथ व्यवसाय की प्रकृति और कार्यप्रणाली को समझना वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए जरूरी है.

स्नातक के विद्यार्थियों को पढ़ाई से जोड़कर व्यावहारिक ज्ञान देने की पहल

इस एक दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्नातक स्तर के छात्र-छात्राओं में विज्ञान के व्यावहारिक उपयोग और वाणिज्यिक गतिविधियों के क्रमिक विकास की समझ विकसित करना था.

अक्सर विद्यार्थी विषयों को किताबों और परीक्षा के नजरिये से पढ़ते हैं. ऐसे में इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां उन्हें अपने विषयों को वास्तविक जीवन से जोड़कर समझने का अवसर देती हैं.

कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और दोनों विषयों से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया. आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि विज्ञान और वाणिज्य का ज्ञान आगे की पढ़ाई, रोजगार और सामाजिक जीवन में किस तरह उपयोगी हो सकता है.

Supaul News: IQAC के तत्वावधान में हुआ आयोजन, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की रही भागीदारी

कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. अरुण कुमार ने किया. समापन अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन के माध्यम से दोनों विभागों के विभागाध्यक्षों ने महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया.

इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव कपलेश्वर यादव, डॉ. सुदीत नारायण यादव, IQAC कोऑर्डिनेटर डॉ. अरविंद कुमार, प्रो. देवनारायण यादव, प्रो. कुलानंद यादव, डॉ. सदानंद यादव, प्रो. पुलकित प्रसाद यादव, प्रो. इंद्र नारायण यादव, प्रो. विनोद कुमार विमल, प्रो. रामचंद्र प्रसाद, प्रो. राजकुमार यादव, गंगा प्रसाद साह, राहुल कुमार, प्रो. जलधर प्रसाद यादव, मृत्युंजय कुमार भारती, गगन कुमार और दिग्दर्शन सहित अन्य प्राध्यापक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे.

विद्यार्थियों में राहुल कुमार, आरती कुमारी, दीक्षा कुमारी, प्रियांशी कुमारी, अल्फा कुमारी, जसमीत कौर, एकमजोत सिंह, इशिका अग्रवाल, हर्षिता जैन, अनुष्का कुमारी, नयना कुमारी, चंचला कुमारी, साजदा खातून और दीपमाला कुमारी सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.

कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. इस आयोजन के जरिये महाविद्यालय ने विद्यार्थियों को विषय आधारित पढ़ाई के साथ उसके व्यावहारिक और सामाजिक महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया.

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