पंसस पति पर हुई एफआइआर पर अब उठने लगे हैं सवाल

Published at :14 Jan 2016 5:27 AM (IST)
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पंसस पति पर हुई एफआइआर पर अब उठने लगे हैं सवाल

उदाकिशुनगंज : अनुमंडल के पुरैनी थाना में पंचायत समिति सदस्य के पति जुबैर आलम व अन्य के विरुद्ध दर्ज करायी गयी प्राथमिकी पर ही कई सवाल उठने लगे हैं. क्या है मामला . पुरैनी प्रखंड के औराय पंचायत के पंसस बीबी सलीमा के पति मो जुबैर व अन्य के विरुद्ध जान मारने के नियत से […]

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उदाकिशुनगंज : अनुमंडल के पुरैनी थाना में पंचायत समिति सदस्य के पति जुबैर आलम व अन्य के विरुद्ध दर्ज करायी गयी प्राथमिकी पर ही कई सवाल उठने लगे हैं.

क्या है मामला . पुरैनी प्रखंड के औराय पंचायत के पंसस बीबी सलीमा के पति मो जुबैर व अन्य के विरुद्ध जान मारने के नियत से गोली चलाने का आरोप पुरैनी बाजार के नारायण सुलतानियां लगाया है. दर्ज प्राथमिकी में सुलतानिया ने आरोप लगाया है एक जनवरी को संध्या करीब सात बजे मो जुबैर व पांच अन्य उनके घर पर धाबा बोल कर जान मारने की नियत से दो राउंड गोली चलायी. लेकिन, वे भाग कर मकान की छत पर चले गये. जिसके कारण जान बच गयी.
विलंब से दर्ज करायी गयी प्राथमिकी . यहां दिल चस्प बात यह है कि एक जनवरी के संध्या की है और सुलतानियां ने दो जनवरी की संध्या प्राथमिकी दर्ज करवाता है. जबकि नारायण सुलतानियां का घर थाना से महज सौ मीटर की दूरी पर है. अगर घटना घटी तो तत्काल ही इसकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए थी. लेकिन घटना सूचना लगभग 21 घंटे बाद दिया गया. वैसे भय के कारण नारायण सुलतानियां थाना नहीं पहुंच सका तो कम से कम इसकी सूचना सुबह में भी दी जानी चाहिए थी. लेकिन ऐसा भी नहीं किया जा सका.
कहते हैं जनप्रतिनिधि . प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार यादव, पूर्व प्रखंड प्रमुख जवाहर मेहता, मकदमपुर के मुखिया विनित कुमार यादव, नरदह के मुखिया, मो मोबीन, औराय के मुखिया मो मुस्ताक, राजद के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रो खालिद व संजय सहनी ने कहा कि एक जनवरी को मो जुबैर हमलोगों के साथ थाना में देर शाम तक थे.
चूंकि नव वर्ष होने के कारण पुलिस कर्मियों को शुभकामनाएं देने गये थे. ऐसी स्थिति सात बजे साम में गोली चलाने की बात कहां तक सत्य हो सकता है. दूसरी बात यह है कि जब दो चक्र गोलियां चलायी गयी तो उसकी आवाज किसी ने नहीं सुना. जुबैर की पत्नी पंसस बीबी सलीमा का कहना है उक्त कांड का निष्पक्ष जांच कर मुझे इंसाफ दिया जाना चाहिए. यहां एक और दिलचस्प पहलू यह है कि मो जुबैर के पिता मो सबीक को भी अभियुक्त बनाया गया है.
जबकि मो सबिक तीन दिसंबर को उपचार कराने के लिए दिल्ली चले गये थे. दिल्ली में डॉक्टर एमए अंसारी ने 27 दिसंबर 2015 को अपने निजी क्लिनिक में भरती लिया और तीन जनवरी 2016 को विरमित किया है. दूसरी बात यह भी है कि मो सबीक ने रेलवे में जो बर्थ रिजवेशन कराया था उसका टिकट भी साक्ष्य है. मो सबीक घर छह जनवरी को आयें है.
जिसका साक्ष्य रेलवे का टिकट है. फिर उस परिस्थिति में एक जनवरी को घटना में सबीक का शामिल होना कहीं से उचित नहीं जान पड़ता है. मो जुबैर की पत्नी ने कहा जुबैर काफी लोक प्रिय है. पुरैनी बाजार में उनका घर रहने के बावजूद भी दूसरे औराय पंचायत से मैं पंसस पद पर निर्वाचित हुई थी. उनकी ही लोक प्रियता थी कि मैं वहां से चुनाव जीत सकी. निकट भविष्य में पंचायत चुनाव होने वाला है, इसलिए यहां के लोग मेरे पति के चरित्र को बदनाम करने पर उतारू हो गये हैं.
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