गंदगी से पटी मधेपुरा शहर की सड़कें नप की है पहचान
Updated at : 07 Jan 2020 8:10 AM (IST)
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मधेपुरा : शहर की सड़कों की सफाई कराने की नगर परिषद की योजना महज मजाक बनकर रह गयी है. नगर परिषद द्वारा आम जनता से विभिन्न प्रकार के कर तो लिए जाते है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जाती है. इसी सुविधा में सफाई का भी नाम आता है. इस शहर की तस्वीर ऐतिहासिक व प्रगतिशील […]
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मधेपुरा : शहर की सड़कों की सफाई कराने की नगर परिषद की योजना महज मजाक बनकर रह गयी है. नगर परिषद द्वारा आम जनता से विभिन्न प्रकार के कर तो लिए जाते है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जाती है. इसी सुविधा में सफाई का भी नाम आता है. इस शहर की तस्वीर ऐतिहासिक व प्रगतिशील शहर जैसी नहीं है.
शहर आबादी कम है फिर भी गंदगी से पटी सड़कें नप की पहचान बन गयी है. पूरा शहर गंदगी से पटा है, शहर का शायद ही कोई इलाका गली, चौराहा, बाजार व सड़क है, जो गंदगी व कूड़ा करकट से पटा नहीं है. लोग घरों का कूड़ा-कचरा सड़क पर डाल रहे है. इस वजह से शहर में गंदगी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है. गंदगी से पटी सड़कें मधेपुरा की पहचान बन गयी है.
मुहल्ले के साथ-साथ ही रोड के अगल-बगल भी कूड़ा का जमावड़ा रहता है. लेकिन प्रशासन और नगर पालिका इस बात को लेकर बेखबर है. लोगों कि माने तो दस बाबत कई बार शिकायत भी किया गया. लेकिन नगर परिषद प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि कोई देखने वाला नहीं है. जहां एक तरफ सूबे के मुखिया लगातार सड़क स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहते हैं. वहीं सुशासन बाबू के नौकरशाह लापरवाह बन बैठे हैं.
जल जमाव के कारण अनेक बीमारी होने की भी संभावना बनी रहती है. शाम होते ही मच्छरों का गंदगी के कारण ऐसा जमावड़ा लगता है कि ये जहरीले मच्छर पूरे शरीर में काट कर लाल कर देता हैं. बाबजूद इसके नप बेखबर बना हुआ है और लगभग- लगभग यही हाल शहर के हर नाले का हैं. नाली निर्माण पर लाखों खर्च के बावजूद सड़क किनारे नालियों की ये दुर्दशा है कि शहर में बिना रिसाव वाले नाली तलाश करना मुश्किल साबित हो रहा था.
शहर हो साफ सुथरा, आम लोगों की भी जवाबदेही : सड़क पर गंदगी फेंक देते है लोग नगर परिषद तो उदासीन है ही, शहर किस तरह खूबसूरत रहे इससे आम लोगों को भी कोई दरकार नहीं है. इसका नतीजा है कि गंदगी के अंबार से भी परेशानी बढ़ती जा रही है. नगर परिषद की सफाई व्यवस्था बदहाल है, तो घर व दुकान की गंदगी सड़क पर फेंकने की लोगों की मानसिकता अब भी बरकरार है.
यहीं वजह है कि गंदगी व अतिक्रमण में शहर की खूबसूरती गुम हो गयी है. नाला में प्लास्टिक वाला कचरा शहरी क्षेत्र में अधिकांश जगहों पर नाला का प्लेट खुला रहने की वजह से सड़क पर फेंके गये कचरे नाला को जाम कर देते है.लेकर बेखबर है
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