आवास योजना पर बिचौलिये का राज कायम, अफसर मौन

Updated at : 04 Dec 2017 9:02 AM (IST)
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आवास योजना पर बिचौलिये का राज कायम, अफसर मौन

कुमारखंड : प्रखंड के लक्षमीपुर भगवति पंचायत में इंदिरा आवास योजना पर बिचौलिया राज कायम है. एक दर्जन जनप्रतिनिधि व बिचौलिए के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इंदिरा आवास गबन मामले में तीन मुखिया समेत पंचायत समिति सदस्या, पंचायत सचिव, बैंकर्स और बिचौलिये के विरुद्ध […]

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कुमारखंड : प्रखंड के लक्षमीपुर भगवति पंचायत में इंदिरा आवास योजना पर बिचौलिया राज कायम है. एक दर्जन जनप्रतिनिधि व बिचौलिए के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इंदिरा आवास गबन मामले में तीन मुखिया समेत पंचायत समिति सदस्या, पंचायत सचिव, बैंकर्स और बिचौलिये के विरुद्ध दो बार प्राथमिकी दर्ज हुई है.
पंचायत में वित्तीय वर्ष 2007-08 में स्थानीय मुखिया द्वारा बिचौलिये तथा बैंकर्स की मदद से पंचायत के बाहर अररिया जिला निवासी और मृत लोगों के अलावा घर से रहने वाले मजदूर तबके के लोगों के नाम इंदिरा आवास योजना की राशि निकासी कर गबन कर लिया था.
मामले की जानकारी होने पर स्थानीय लाभुक सीता देवी पति परमानंद ऋषिदेव जब मुखिया व अन्य को कहने गयी थी तो उसके साथ मारपीट और गाली गलौज किया गया था. इसे लेकर उनके द्वारा मामला का उद्भेदन करते हुए श्रीनगर थाना में 20 जुलाई 2008 को कांड संख्यां-49/08 दर्ज कराकर तत्कालीन मुखिया रेहाना खातून समेत मुखिया पति मो शमशुल, मुखिया पुत्र मो नेजाम के अलावा कुछ बिचौलिये व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा इसरायण कला के तत्कालीन बैंक प्रबंधक और खजांची के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाई गयी थी. मामला यहीं तक नहीं थमा स्थानानीय लोगों द्वारा योजना वर्ष 2001 से वर्ष 2016 तक के आवंटिक इंदिरा आवास के जांच की मांच लोक आयुक्त के समक्ष कर दिया.
लोक आयुक्त द्वारा भेजे परिवाद की जांच जिला पदाधिकारी द्वारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी के साथ प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के संयुक्त रूप से कराया गया तो फिर जांच के बाद पंचायत सचिव एवं जनप्रतिनिधियों के मिलीभगत से एक ही लाभुक को कई बार योजना का लाभ दिये जाने के अलावा अररिया जिले के लोगों भी इंदिरा आवास योजना का लाभ देकर सरकारी राशि के बंदर बांट का मामला उजागर हुआ था.
इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा लोक आयुक्त के समक्ष परिवाद पत्र दायर कर इंदिरा आवास योजना में धांधली और गबन के मामले के जांच हेतु आवेदन दिया गया था. जिला पदाधिकारी मो सोहैल द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से मामले की जांच कराया गया.
जांच के दैरान पदाधिकारियों के संयुक्त जांच में अनियमित्ता का मामला खुलकर सामने आ गया. विस्तृत जांच प्रतिवेदन के बाद जिला पदधिकारी द्वारा अनियमित्ता में संलिप्त सभी पदाधिकारियों और कर्मियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया. इसके साथ ही अनियमित रूप से लाभान्वित व्यक्तियों से मूल देय राशि पर प्रति वर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि के अनुरूप राशि की वसूली लोक मांग की वसूली की कार्रवाई का आदेश दिया था.
गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध हुई प्राथमिकी दर्ज . जिला पदाधिकारी के आदेशानुसार प्रखंड विकास पदाधिकारी नवीन कुमार सिंहा ने इंदिरा आवास योजना में गड़बड़ी करने वाले दोषी पूर्व मुखिया योगानंद यादव, पंचायत समिति सदस्या किरण देवी, मुखिया मद्यया देवी व तत्कालीन पंचायत सचिव हरेराम साह के विरुद्ध 11 अक्टूबर 2017 को कांड संख्यां-115/17 दर्ज करवाई गयी है.
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