रोजगार की उम्मीदें बनीं मायूसी! लखीसराय में शुरू नहीं हो सका खनन प्रोजेक्ट, फिर पलायन करने लगे युवा

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फोटो- कजरा-अभयपुर के बीच स्थित जलवा पहाड़ | Prabhat Khabar Network

लखीसराय के जलवा पहाड़ पर प्रस्तावित पत्थर खनन परियोजना के सालों से शुरू न होने से स्थानीय युवाओं की रोजगार की उम्मीदें टूट गई हैं. काम की तलाश में वे दूसरे राज्यों की ओर पलायन को मजबूर हो रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से परियोजना की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.

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लखीसराय, पीरी बाजार. कजरा और पीरी बाजार के बीच स्थित जलवा पहाड़ पर प्रस्तावित पत्थर खनन परियोजना वर्षों बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है. कभी इस परियोजना से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में रोजगार और विकास की नई उम्मीद जगी थी, लेकिन लंबे इंतजार के बाद अब वही उम्मीद निराशा में बदलती जा रही है. स्थानीय युवाओं को भरोसा था कि खनन कार्य शुरू होने पर उन्हें गांव और घर के आसपास रोजगार मिलेगा तथा काम की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कम होगा. लेकिन परियोजना शुरू नहीं होने से रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं में निराशा बढ़ रही है.

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परियोजना की चर्चा शुरू होते ही जगी थी विकास की उम्मीद

ग्रामीणों के अनुसार, जब जलवा पहाड़ पर खनन परियोजना की चर्चा शुरू हुई थी, तब क्षेत्र में खुशी का माहौल था. लोगों को उम्मीद थी कि खनन कार्य शुरू होने के साथ सड़क, परिवहन, बाजार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा.

स्थानीय युवक ललित शुक्ला, सौरव कुमार, राजीव रंजन, राजीव कुमार, राकेश कुमार और प्रकाश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं. इसके कारण बड़ी संख्या में युवा काम की तलाश में पंजाब, दिल्ली, गुजरात समेत अन्य राज्यों की ओर पलायन करते हैं.

19.8 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है खनन कार्य

ग्रामीणों के अनुसार, पर्यावरणीय स्वीकृति के तहत करीब 19.8 हेक्टेयर क्षेत्र में पत्थर खनन कार्य का प्रस्ताव है. लोक सुनवाई के दौरान संबंधित कंपनी की ओर से पर्यावरण संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने का आश्वासन दिया गया था.

इसके अलावा स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने, श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की बात भी कही गई थी.

प्रक्रिया के बाद जल्द काम शुरू होने की थी उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द खनन कार्य शुरू होने की उम्मीद थी. लेकिन समय बीतने के साथ परियोजना की प्रगति ठप हो गई. परियोजना शुरू होने का इंतजार कर रहे कई युवा अब रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर चुके हैं.

लोगों का कहना है कि यदि परियोजना समय पर शुरू हो जाती तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते थे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती.

प्रशासन और कंपनी से परियोजना की स्थिति स्पष्ट करने की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित कंपनी से जलवा पहाड़ खनन परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है. ग्रामीणों ने पर्यावरणीय मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए खनन कार्य शुरू कराने की दिशा में ठोस पहल करने की भी मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना शुरू होने से सिर्फ रोजगार के अवसर ही नहीं बढ़ेंगे, बल्कि परिवहन, बाजार और अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिल सकती है.

विकास की उम्मीद से ज्यादा सवालों का विषय बनी परियोजना

वर्षों से अधर में लटकी जलवा पहाड़ पत्थर खनन परियोजना अब स्थानीय लोगों के लिए विकास की उम्मीद से अधिक सवालों का विषय बन गई है. लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग और कंपनी परियोजना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें, ताकि क्षेत्र के लोगों को यह जानकारी मिल सके कि प्रस्तावित खनन कार्य आखिर कब शुरू होगा.

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