वद्यिालय में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने किया हंगामा, की तालाबंदी

Published at :28 Dec 2015 7:02 PM (IST)
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वद्यिालय में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने किया हंगामा,  की तालाबंदी

विद्यालय में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने किया हंगामा, की तालाबंदी फोटो संख्या 04 – विद्यालय में हंगामा करते ग्रामीण व छात्रफोटो संख्या 05 – प्रधानाध्यापिका संजू देवीफोटो संख्या 06 – वार्ड पार्षद देवेंद्र केवटप्रतिनिधि, लखीासरायसोमवार को शहर के वार्ड 18 स्थित प्राथमिक विद्यालय जोग मैला में सैकड़ों ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए विद्यालय में […]

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विद्यालय में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने किया हंगामा, की तालाबंदी फोटो संख्या 04 – विद्यालय में हंगामा करते ग्रामीण व छात्रफोटो संख्या 05 – प्रधानाध्यापिका संजू देवीफोटो संख्या 06 – वार्ड पार्षद देवेंद्र केवटप्रतिनिधि, लखीासरायसोमवार को शहर के वार्ड 18 स्थित प्राथमिक विद्यालय जोग मैला में सैकड़ों ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए विद्यालय में ताला बंदी कर दी. गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा एवं विद्यालय में भवन निर्माण कराने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे. ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय कई माह से बंद है. प्रधान शिक्षिका अपने को बीमार बता कर हमेशा काम में कोताही बरतती है. इसको लेकर डीइओ से लेकर जिलाधिकारी तक को आवेदन दिया. विद्यालय भवन बनवाने की मांग की, लेकिन किसी भी पदाधिकारी के द्वारा विद्यालय आकर जांच नहीं की गयी. इससे आक्रोशित लोगों ने सोमवार को विद्यालय का ताला खोलने पहुंची प्रधानाध्यापिका को घेर कर हंगामा किया. हंगामा कर रहे लोगों को स्थानीय बुद्धिजीवियों ने शांत कराया. दो कमरे, 290 छात्र-छात्रा हैं नमांकितग्रामीण विभिषण कुमार, नरेश केवट, अनुज केवट, अभिषेक कुमार, शुशीला देवी, सरस्वती देवी, झुना देवी, रजनी देवी आदि ने कहा कि विद्यालय में न तो मध्याह्न भोजन बनता है और न ही छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाती है. प्रधान शिक्षिका अपनी मर्जी के अनुसार विद्यालय में छात्रों का नामांकन लेती हैं. इससे कई बच्चे नामांकन से वंचित रह गये, जबकि सरकार ने सभी बच्चों का नामांकन लेने का आदेश दिया था. विद्यालय में कुल चार शिक्षिका हैं वे अपनी मर्जी से विद्यालय आती-जाती हैं. छात्रों की उपस्थिति भी नहीं बनायी जाती है. विद्यालय में 290 छात्र-छात्रा नमांकित हैं. दो ही कमरे होने के कारण बच्चों को पढ़ाई में परेशानी होती है. बरसात के दिनों में बैठने की बात तो दूर, बच्चों को खड़े रहने की जगह भी नहीं मिल पाती है. 2009 में मिली जमीन, अब तक नहीं बना है भवनस्थानीय वार्ड पार्षद के सहयोग से 2009 में विद्यालय को नगर परिषद से 15 डिसमिल गैरमजरूआ पैमाइश जमीन का अनापत्ति प्रमाणपत्र दिलाया गया. 2010 में अंचल कार्यालय से भी नो ओब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेकर डीइओ कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी तक उपलब्ध करा दिया गया और भवन बनाने को लेकर आवेदन दिया. इसके बावजूद विद्यालय के भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है. प्रधानाचार्य की लापरवाही भी इसका कारण है. वे बीमार होन का बहाना बना कर विद्यालय में किसी प्रकार का विकास कार्य नहीं होने दे रही हैं. ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द भवन निर्माण नहीं हुआ तो हम लोग आंदोलन करेंगे. जगह की कमी के कारण नहीं ले सकते अधिक नामांकन वहीं विद्यालय की प्रधानाध्यापक संजू कुमारी ने कहा कि विद्यालय में प्रधान सहित चार शिक्षिका हैं. इसमें दो शिक्षिकाएं मालती देवी एवं अर्पना कुमारी उपस्थित हैं. एक शिक्षिका स्वार्य रामा बिना सूचना के गायब हैं, जिसे अनुपस्थित कर दिया गया है. उन्होेंने कहा कि विद्यालय संचालन में ग्रामीणों के द्वारा अनावश्यक दखल दिया जाता है. वे बराबर बीमार रहती हैं, जिस कारण भवन निर्माण कार्य कराने में अक्षम हैं. इस बारे में जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी लिख कर दे चुकी हैं. उनसे अनुरोध किया है कि कोई एक शिक्षक विद्यालय में दिया जाये, ताकि भवन का कार्य कराया जा सके. विद्यालय में भवन के अभाव के बावजूद 291 छात्र का नामांकन किया गया है. ग्रामीण और बच्चों का नाम दर्ज करना चाहते हैं, लेकिन जगह नहीं रहने के और नामांकन नहीं लिया गया है. फिर भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक नाम दर्ज किया गया है. भवन निर्माण में लापरवाही बरतना निंदनीय वार्ड पार्षद देवेंद्र केवट ने बताया कि भवन के अभाव के कारण गांव के बच्चे शिक्षा जैसी मुलभूत सुविधा से वंचित हैं. दो कमरे के विद्यालय में चार शिक्षिका हैं, जो कक्षा में नहीं अनावश्यक रूप से टाइम पास करती हैं. प्रधानाध्यापिका अगर विद्यालय भवन बनवाने में असमर्थ हैं, तो ग्रामीणों को लिख कर दें. ग्रामीण विभाग के पदाधिकारी से मिल कर मामले में पहल की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर जमीन को अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया गया. इसके बावजूद भवन निर्माण में लापरवाही बरतना निंदनीय है. बोले डीइओइस संबंध में डीइओ त्रिलोकी सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई की जायेगी. विद्यालय में भवन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध है, तो कार्य आगे बढ़ाया जायेगा.

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