किशनगंज में युवाओं को मिला ‘नशा छोड़ो, जीवन संवारो’ का संदेश, पुलिस ने दिलायी शपथ
शपथ दिलाते डीएम, एसपी, रजिस्ट्रार व अन्य | Prabhat Khabar Network
किशनगंज पुलिस द्वारा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया. 'नशा छोड़ें, जीवन संवारें' संदेश के साथ, इस कार्यक्रम में नशे से मुक्ति और बेहतर भविष्य की राह दिखाई गई.
किशनगंज : युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किशनगंज पुलिस की ओर से सोमवार को जागरूकता एवं नशा मुक्ति अभियान चलाया गया. शहर के एमजीएम रोड स्थित माता गुजरी यूनिवर्सिटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को ‘नशा छोड़ें, जीवन संवारें’ का संदेश दिया गया.
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कार्यक्रम में डीएम नवीन कुमार, एसपी संतोष कुमार, माता गुजरी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. इच्छित भारत, रेड क्रॉस के सचिव मिक्की साहा, डीएसपी मुख्यालय और साइबर डीएसपी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में ओरियंटल पब्लिक स्कूल, बाल मंदिर, सैनिक स्कूल और माता गुजरी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया.
नशे से दूर रहने की दिलायी शपथ
कार्यक्रम में नशे की लत से होने वाले स्वास्थ्य, सामाजिक और पारिवारिक नुकसान के बारे में जागरूक किया गया. इसके साथ ही नशा मुक्ति, साइबर जागरूकता और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गयी. कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलायी गयी.
डीएम बोले- नशे से बचना जरूरी
डीएम नवीन कुमार ने कहा कि नशे के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं. विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि एक बार नशे की लत लग जाने के बाद उससे बाहर निकलना कठिन हो जाता है.
उन्होंने युवाओं से नशे के दुष्परिणामों को समझने और इससे दूर रहने की अपील की. साथ ही खुद जागरूक होने और दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया.
एसपी ने बताया युवाओं के भविष्य पर असर
एसपी संतोष कुमार ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके भविष्य और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है. उन्होंने कहा कि समाज में कई तरह के नशे का प्रचलन है और खासकर सूखा नशा मस्तिष्क तथा नर्वस सिस्टम पर गंभीर असर डाल सकता है.
उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाले कई लोग धीरे-धीरे अपराध की दिशा में भी बढ़ सकते हैं, जिसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है. कुछ लोग आर्थिक लाभ के लिए युवाओं को नशे की ओर आकर्षित करते हैं. ऐसे में परिवार और समाज की जिम्मेदारी है कि युवाओं को समय रहते सचेत किया जाए.
एसपी ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे के प्रति सजग रहें और अपने आसपास के युवाओं को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें.
रजिस्ट्रार बोले- शिक्षा और खेल से जोड़ना जरूरी
माता गुजरी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. इच्छित भारत ने कहा कि नशा समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है. इससे निपटने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर काम करना होगा.
उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है. नशे की शुरुआत अक्सर छोटे स्तर से होती है और धीरे-धीरे व्यक्ति इसकी गिरफ्त में आ जाता है, जिसका असर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन पर पड़ता है.
उन्होंने विद्यार्थियों से ‘नशा छोड़ें, जीवन संवारें’ के संदेश को अपनाने और नशामुक्त समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की.
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