आज भी विकास की रोशनी से दूर है सखुआडाली पंचायत के गांव, चचरी व नाव ही है आवागमन का सहारा

चचरी व नाव ही है आवागमन का सहारा
फोटो 9 जान जोखिम में डाल कर चचरी पुल पार करती महिला. प्रतिनिधि, पौआखाली आजादी के सात दशक गुजर जाने के बावजूद विकास की रोशनी इस गांव तक नहीं पहुंची हैं. ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सखुआडाली पंचायत के वार्ड नंबर 3 का यह पूरा मामला है जहां मेनागुड़ी, नेबुभीट्टा, दहिभात होटापाड़ा शीशागुड़ी के ग्रामीण आज भी विकास से कोसों दूर है. यहां के ग्रामीण आज भी चचरी पुल और नाव का सहारा लेकर जिंदगी गुजार बसर करते हैं. स्थानीय ग्रामीण मोनू हांसदा, अमृत लाल, उमेश, चंद्रशेखर, मुन्ना, राजेश, निर्मल बेसरा, सुकी मुर्मू, शक्ति मोहन सहित अन्य ग्रामीणों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि किसी को भी इमरजेंसी इलाज के लिए अगर अस्पताल ले जाना पड़ता है तो हम लोग खटिया का सहारा लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचाते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि हम लोगों की समस्याओं को कोई सुनने वाला कोई नहीं है, हम सभी अपनी परिवार की जिंदगी भगवान भरोसे जी रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव का समय आते ही नेताओं का दौरा शुरू हो जाता है और विकास का आश्वासन देकर वोट लेते हैं लेकिन विकास कार्य करवाने में जन प्रतिनिधि विफल है. ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं रहने के कारण बच्चों को विद्यालय जाने में काफी परेशानी होती है. बरसात के समय में खतरा बढ़ जाता है. ग्रामीणों ने कहा की स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार मांग की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला है. वहीं सरपंच प्रतिनिधि नासिर आलम ने बताया कि इन लोगों की परेशानियों को देखकर हम लोग भी परेशान रहते हैं. इस तरह क्षेत्र को नजर अंदाज किसी भी जन प्रतिनिधियों को नहीं करना चाहिए. इस बाबत जब जिला परिषद प्रतिनिधि अहमद हुसैन से बात कि हम लोग के पास इतना फंड नहीं है जिससे सभी काम किया जा सके. लेकिन विधायक सांसद को अवगत करवाया गया है. देखने वाली बात होगी की इन ग्रामीणों के अच्छे दिन कब आयेंगे.
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