अब छात्र संख्या तय करेगी स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत, शिक्षा विभाग ने शुरू की नई कवायद

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सांकेतिक तस्वीर

Khagaria News: खगड़िया जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती अब अनुमान से नहीं, बल्कि छात्रों की वास्तविक संख्या और विद्यालय की जरूरत के अनुसार होगी. शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण और पदस्थापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है.

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Khagaria News: खगड़िया. जिले के सरकारी विद्यालयों में अब शिक्षकों की तैनाती अनुमान के आधार पर नहीं, बल्कि छात्रों की वास्तविक संख्या और विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार की जाएगी. शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण और पदस्थापन प्रक्रिया से पहले सभी विद्यालयों में न्यूनतम शिक्षक मानक के अनुरूप रिक्तियों का निर्धारण शुरू कर दिया है. इसके लिए छात्र संख्या, उपलब्ध कक्षाओं और विषयवार कार्यरत शिक्षकों का विस्तृत डाटा तैयार किया जा रहा है.

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चार श्रेणियों में तैयार हो रहा स्कूलों का डाटा

जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार सभी सरकारी विद्यालयों को चार श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग मानकों के आधार पर डाटा संकलित किया जा रहा है. इसमें पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं, नौवीं से दसवीं और 11वीं-12वीं तक के विद्यालय शामिल हैं.

प्राथमिक विद्यालयों में छात्र संख्या के आधार पर न्यूनतम शिक्षकों की आवश्यकता तय की जाएगी. वहीं माध्यमिक विद्यालयों में सामाजिक विज्ञान, गणित, विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत/उर्दू जैसे विषयों के अनुसार शिक्षकों की जरूरत का आकलन होगा. उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय में नामांकित छात्रों की संख्या के आधार पर विषयवार रिक्तियां निर्धारित की जाएंगी.

जिला स्तरीय कोषांग कर रहा निगरानी

पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय कोषांग की निगरानी में संचालित की जा रही है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को इस कार्य का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि सभी जिलों में एक समान मानकों के अनुसार रिक्तियों का निर्धारण हो सके.

Khagaria News: स्थानांतरण और पदस्थापन में मिलेगी पारदर्शिता

इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विद्यालय में आवश्यक शिक्षकों की वास्तविक संख्या का आकलन किया जाएगा. इसके बाद उसी आधार पर स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इससे जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर पदस्थापन किया जा सकेगा और शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित होगा.

क्या बोले जिला शिक्षा पदाधिकारी

जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने बताया कि शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक विद्यालय का डाटा पूरी सावधानी से संकलित किया जा रहा है. न्यूनतम शिक्षक मानक और छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर स्कूलवार रिक्तियां तय की जाएंगी. इसके बाद स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू होगी. उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से जिले के सभी विद्यालयों में आवश्यकता के अनुरूप शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.


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