मछली पालन से बदलेगी खगड़िया की तस्वीर! '5X मत्स्य मिशन' से 5 गुना बढ़ेगा उत्पादन, 2.5 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
मछली
खगड़िया में 5X मत्स्य मिशन से मत्स्य उत्पादन 5 गुना बढ़ाने और 2.5 लाख रोजगार सृजित करने की योजना है. आधुनिक तकनीक और बेहतर बाज़ार व्यवस्था से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी.
खगड़िया. जिले के नदियों, चौर, मौन और आर्द्रभूमियों में मौजूद विशाल जल संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग की तैयारी शुरू कर दी गयी है. जिलाधिकारी की पहल पर जिला समेकित मत्स्य विकास सह 5एक्स मत्स्य मिशन का प्रस्ताव तैयार कर अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजा गया है. मिशन के तहत जिले में मछली उत्पादन को वर्तमान स्तर से पांच गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही मत्स्य पालन से बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने की योजना है. जिले में करीब 11,645 हेक्टेयर आर्द्रभूमि है. वहीं नदियों, धाराओं, चौर और मौन को मिलाकर 20 हजार हेक्टेयर से अधिक जलीय संसाधन उपलब्ध हैं. वर्तमान में करीब 3,200 हेक्टेयर क्षेत्र में पारंपरिक तरीके से मत्स्य पालन किया जा रहा है. प्रस्तावित मिशन के तहत इन जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की योजना है.
पेन और केज कल्चर से आधुनिक होगा मत्स्य पालन
मत्स्य पालन को आधुनिक बनाने के लिए पेन कल्चर, केज कल्चर, बायोफ्लॉक और रिसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम यानी आरएएस जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है. इन तकनीकों के इस्तेमाल से उपलब्ध जल संसाधनों में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की योजना है.
गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दो आईएमसी हैचरी, एक माइनर हैचरी और एक कैटफिश हैचरी स्थापित करने का प्रस्ताव है. वर्तमान में जिले को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज के लिए मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और दरभंगा पर निर्भर रहना पड़ता है.
इसके अलावा फिश फीड मिल, एरेटर और सोलर पंपसेट जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा देने की योजना है. इससे मछली पालकों की उत्पादन लागत कम करने और सालभर मत्स्य उत्पादन की व्यवस्था मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है.
उत्पादन से बाजार तक विकसित होगा पूरा नेटवर्क
प्रस्तावित मिशन में केवल मछली उत्पादन बढ़ाने पर ही जोर नहीं दिया गया है, बल्कि उत्पादन से लेकर बाजार तक की पूरी व्यवस्था विकसित करने की योजना है.
इसके तहत फिश लैंडिंग सेंटर, नाव-जाल, आइस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज तथा इंसुलेटेड और रेफ्रीजरेटेड वाहनों की सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव है. आधुनिक थोक एवं खुदरा मछली बाजार, फिश कियोस्क और प्रोसेसिंग-सह-मूल्य संवर्धन इकाइयां भी स्थापित की जायेंगी. इस व्यवस्था से मछली के सुरक्षित भंडारण और परिवहन के साथ किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश होगी. वहीं प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार करने की योजना है.
490 सरकारी जलकरों का होगा जीर्णोद्धार
जिले में 490 सरकारी मत्स्य जलकर चिन्हित किये गये हैं. इनमें 180 जलकर विभाग के अधीन हैं. लंबे समय से उड़ाही नहीं होने के कारण कई जलकरों की जलधारण क्षमता प्रभावित हुई है. प्रस्तावित मिशन में जलकरों का सीमांकन, गाद की सफाई, जीर्णोद्धार और नदियों से उनका संपर्क बेहतर करने की योजना शामिल है. इससे जल संसाधनों की क्षमता का बेहतर उपयोग करने और मत्स्य पालन का विस्तार करने का लक्ष्य है. इसके साथ ही 1,276 निजी तालाबों और करीब आठ हजार हेक्टेयर चौर क्षेत्र के विकास का भी प्रस्ताव है. चौर क्षेत्रों को मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना से जोड़कर मत्स्य पालन का विस्तार किया जायेगा.
2.5 लाख रोजगार सृजन की परिकल्पना
प्रस्तावित मिशन के सफल क्रियान्वयन से मत्स्य पालन के साथ बीज उत्पादन, फीड निर्माण, प्रसंस्करण, परिवहन और विपणन जैसी गतिविधियों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने की परिकल्पना की गयी है. मिशन के तहत करीब 2.5 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं तीन लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित करने की योजना है. इससे मत्स्य पालन से जुड़े लोगों के साथ बीज उत्पादन, फीड, परिवहन, प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ी गतिविधियों में काम करने वाले लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है.
150 से अधिक मछली प्रजातियों के संरक्षण पर जोर
खगड़िया के जल निकाय जैव विविधता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं. प्रस्ताव में जिले में 150 से अधिक मछली प्रजातियों की उपलब्धता का उल्लेख किया गया है. कसरैया धार में अकेले करीब 63 मछली प्रजातियां मौजूद होने की बात कही गयी है. प्रस्तावित मिशन में स्थानीय मछली प्रजातियों के संरक्षण के साथ उनके वैज्ञानिक और व्यावसायिक पालन को बढ़ावा देने की योजना है. अलंकारी मछलियों के पालन को भी प्रोत्साहित करने का प्रस्ताव है. इसके माध्यम से विशेष रूप से महिला किसानों और जीविका समूहों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित करने की योजना बनायी गयी है.
जल संसाधनों के बेहतर उपयोग से बदल सकती है मत्स्य क्षेत्र की तस्वीर
जिले में उपलब्ध बड़े जल संसाधनों के बावजूद वर्तमान में करीब 3,200 हेक्टेयर क्षेत्र में ही पारंपरिक तरीके से मत्स्य पालन किया जा रहा है. प्रस्तावित 5एक्स मत्स्य मिशन के तहत आधुनिक तकनीक, जलकरों के जीर्णोद्धार, गुणवत्तापूर्ण बीज, फीड, बाजार और प्रसंस्करण जैसी व्यवस्थाओं को एक साथ विकसित करने की योजना है. मिशन का लक्ष्य मछली उत्पादन को पांच गुना तक बढ़ाने के साथ मत्स्य क्षेत्र को रोजगार और स्वरोजगार के बड़े माध्यम के रूप में विकसित करना है.
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