देवो का रहा है आपराधिक इतिहास

खगड़िया : करीब एक महीना पूर्व भी देवो यादव (मृतक) के घर पर अपराधियों ने जान लेने की नीयत से गोलीबारी किया था. रात के समय की गयी गोलीबारी में देवो बच निकला था. इसकी सूचना गोगरी थाना को भी दी गयी लेकिन शुक्रवार को आखिरकार अपराधियों ने देवो यादव की सिर में गोली मार […]
खगड़िया : करीब एक महीना पूर्व भी देवो यादव (मृतक) के घर पर अपराधियों ने जान लेने की नीयत से गोलीबारी किया था. रात के समय की गयी गोलीबारी में देवो बच निकला था. इसकी सूचना गोगरी थाना को भी दी गयी लेकिन शुक्रवार को आखिरकार अपराधियों ने देवो यादव की सिर में गोली मार कर हत्या कर अपना मिशन पूरा कर लिया. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उस वक्त सूचना देने के बाद भी पुलिस ने एहतियातन कदम क्यों नहीं उठाया. जिसका नतीजा आज सबके सामने हैं.
बाइक से लौटते वक्त सिर में मारी गोली
जानकारी के अनुसार बरेठा निवासी भूदेव यादव का पुत्र देवो यादव (50 वर्ष) और बरेठा निवासी सुधीर यादव शुक्रवार की दोपहर खगड़िया से अपना काम कर वापस बाइक से अपने गांव बरेठा आ रहे थे. जैसे ही बन्नी के चंडीटोल गांव के पास पहुंचे कि खगड़िया से ही पीछा कर रहे अपराधियों ने ओवरटेक कर गाड़ी रोकने को कहा. सरपंच पति देवो यादव ने गाड़ी रोक दिया इतने में ही दोनों के बीच तू-तू-मैं-मैं शुरू हो गया.
इसी क्रम में अपराधियों ने हथियार निकाल कर देवो यादव पर गोली चला दिया. सिर में गोली लगने के कारण देवो यादव ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. इसके बाद भी अपराधियों ने देवो के ऊपर तीन फायर किया. बाइक पर देवो के साथ बैठे सुधीर भागने लगा तो अपराधियों ने उसके ऊपर भी गोली चला दिया. जो सुधीर के पीठ में जा लगी. हत्या के बाद सभी हमलावर वहां से भाग निकले. पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखा भी बरामद किया है.
मृतक देवो यादव की पत्नी कंचन देवी वर्ष 2010 में वासुदेवपुर पंचायत से चुनाव लड़कर सरपंच के पद पर विजयी हुई थी. वहीं मृतक सरपंच पति देवो यादव का थाना क्षेत्र में अपराधिक इतिहास रहा है.
वर्तमान में गोगरी थाना में देवो यादव पर चार मर्डर केस दर्ज है. हालांकि सभी केस में देवो यादव जमानत पर था. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक देवो यादव नें बरेठा में भी कई नामी गिरामी अपराधियों को मौत के घाट उतारने का आरोपित था. मृतक का पूर्व में भी अपराधिक इतिहास रहा है.
शिशवा बरेठा में गोलीबारी की घटना आम
गोगरी प्रखंड के शिशवा और बरेठा में आपसी वर्चस्व बनाने व बदला लेने के लिए बराबर गोलीबारी होती रहती है. हत्या,लूट, डकैती, मारपीट, गोलीबारी और अन्य मामले में फरार अपराधी खुलेआम घूमते नजर आते हैं. पुलिस इन अपराधियों को पकड़ने से कतराती है. करीब छह महीने पूर्व शिशवा के ब्रजेश यादव और बरेठा के शम्भू यादव देर शाम करीब सात बजे जमालपुर बाजार जा रहे थे. इसी क्रम में बरेठा निवासी बिसो यादव का पुत्र राजेश यादव और स्वर्गीय बुद्धन यादव का पुत्र लाल्टू यादव ने उनपर गोली चला दिया था. फिर सुबह में दोनों तरफ से वर्चस्व को लेकर जमकर गोलीबारी हुई. उसके बाद मडैया थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक पर पिपरा लतीफ़ के पास रात्रि के करीब 9 बजे गश्ती के दौरान गाड़ी रोकने पर लाल्टू यादव ने गोली चला दिया था. उस वक्त थानाध्यक्ष बाल-बाल बच गए. राटन के हकरू यादव की हत्या राटन के मनसा स्थान के पास करीब एक वर्ष पूर्व शिशवा के ही एक अपराधी ने कर दी थी. गोगरी थाना में प्राथमिकी दर्ज रहने के बाद भी गोगरी और खगड़िया पुलिस इन सभी को पकड़ने में परहेज करती रही.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




