जरा संभल कर खरीदें मिठाई

Published at :06 Nov 2015 9:45 PM (IST)
विज्ञापन
जरा संभल कर खरीदें मिठाई

जरा संभल कर खरीदें मिठाई फोटो है 1 मेंकैप्सन- शो केस में सजा मिठाई प्रतिनिधि, खगड़ियाखुशी के अवसर पर हमेशा मीठा खाने व खिलाने की बात करते हैं. दीपावली तो पूरी तरह खुशियों का त्योहार है. ऐसे में इस पर्व में मिठाई का खास महत्व हो जाता है. दीपावली की खुशियों को और मीठा करने […]

विज्ञापन

जरा संभल कर खरीदें मिठाई फोटो है 1 मेंकैप्सन- शो केस में सजा मिठाई प्रतिनिधि, खगड़ियाखुशी के अवसर पर हमेशा मीठा खाने व खिलाने की बात करते हैं. दीपावली तो पूरी तरह खुशियों का त्योहार है. ऐसे में इस पर्व में मिठाई का खास महत्व हो जाता है. दीपावली की खुशियों को और मीठा करने के लिए लोग इस मौके पर मिठाइयाें की खूब खरीदारी करते हैं. अगर आप बाजार से मिठाई खरीद रहें हैं तो सावधानी बरतने की जरूरत है. बाजार में मिलने वाली मिठाइयों में इस समय मिलावट की आशंका ज्यादा होती है. इन दिनों पर्व के मौसम में बाजार में मिलावट का धंधा जोरों पर चल रहा है. सिंथेटिक खोया व सिंथेटिक बुंदिया की तो भरमार है. त्योहारों के मौके पर अगर मिठाइयां खाकर आपका पेट गड़बड़ाने लगे और हाजमा खराब होने लगे तो यह मत समझें कि ऐसा ज्यादा मिठाई खाने से हो रहा है. मिठाई में इस्तेमाल मिलावटी चीजें भी इसकी वजह हो सकती हैं. ज्यादातर मिठाइयों में खोये का ही इस्तेमाल किया जाता है जो पूरी तरह मिलावटी हैं. कैसे चल रहा है मिलावट का गोरखधंधा नकली खोया कास्टिक सोड, यूरिया, रद्दी कागज और आलू को मिला कर बनाया जाता है. नकली दूध से नकली खोया बनाना बेहद आसान है. नकली खोया बनाने के लिए पहले नकली दूध बनाया जाता है. मिलावटखोर पहले कुछ हिस्सा असली दूध का लेते हैं. फिर उसमें कास्टिक सोडा , यूरिया, रिफाइंड ऑयल मिल कार उसे आग पर चढ़ाया जाता है. दूध में मलाई आ जाये इसके लिए आरारोट डाला जाता है. दूध को सफेद बनाने के लिए सफेद स्याही डाली जाती है. अगर दूध को खाेया बनाना है, तो उसमें आलू या फिर सोख्ता कागज मिला कर उसे जलाया जाता है. यही नहीं मिलावटी खोया सूखे दूध यानी पाउडर से भी बनता है. पाउडर में रिफाइंड या डालडा मिलाया जाता है. इसके बाद मिश्रण की पडी तैयार की जाती है. मिलावटी खोये की ये पडियां फिर बाजार में बेचने के लिए सप्लाई की जाती हैं. नकली खोये का कारोबार इन दिनों काफी फल फूल रहा है. हर रोज यहां भारी मात्रा में नकली खोये का कारोबार किया जा रहा है. वैसे दीपावली पर इसमें कई गुना बढ़ोतरी हो जाती है. बाजार में नकली पनीर का कारोबार भी हो रहा है. सूत्रों की मानें तो जिले में भारी मात्रा में दूसरे प्रदेश से सिंथेटिक खोया, बुंदिया , पनीर व डोडा बर्फी आदि मंगाये जाते हैं. क्या मिलाते हैं धंधेबाज सिंथेटिक खोये में मैदा, सिंथेटिक दूध, आर्टिफिसियल पाउडर, डिटर्जेंट पाउडर, यूरिया, घटिया किस्म का तेल या मोबिल ऑयल मिलाया जाता है. देसी घी में घटिया तेलकेसर में लकड़ी का बुरादा या मक्काशुद्ध चांदी के वर्क की जगह ऐल्युमिनियम मिठाइयों में खाने के नकली रंग या केमिकल्स मिठाइयों में चीनी की जगह सस्ता सैक्रीन नामक केमिकलमावा में माड़, स्टार्च की मिलावट की जाती हैस्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव चिकित्सक प्रेम कुमार ने बताया कि आलू और शकरकंद मिला खोआ खाने से पेट खराब हो जाता है. पेपर की मिलावट वाले खोये से पेट को ज्यादा नुकसान होता हैमिलावटी चीजें खाने से पाचन तंत्र और आंतों को ज्यादा नुकसान होता है. कब्ज, उल्टी, दस्त, पेटदर्द व गैस की बीमारी हो सकती हैलंबे समय तक ऐसी मिठाइयों के इस्तेमाल से खून की कमी होने का डर भी रहता हैसबसे ज्यादा नुकसान बच्चों के पाचन तंत्र और नर्वस सिस्टम को हो सकता हैऐसे पहचानें मिलावट को सिंथेटिक खोये को अगर पानी में मिला कर फेंटे तो वह टुकड़ों में बंट कर अलग अलग हो जाता है, जबकि असली खोया पतला होकर पानी में घुल जायेगा और एक जैसा रहेगा. खोये को हाथ में लेकर रगड़ें. असली होने पर घी जैसी चिकनाई हाथ पर छोड़ जायेगा. खाकर देखें, खोया असली होगा तो कच्चे दूध का स्वाद आयेगा मिठाइयां ज्यादा रंगीन या चमकदार दिखें, तो उसमें केमिकल मिला हो सकता हैकैसे करें मिठाइयों की जांच विशेषज्ञ बताते हैं कि नकली खोया या मिठाई की जांच के लिए थोड़ी से मिठाई या खोये में टचर आयोडिन की 5.7 बूंदे और 5.7 दाने चीनी की बुरक दें और गरम करें. अगर खोये या मिठाई का रंग नीला हो जाये तो समझ लीजिए कि मिलावट है. दूध में मिलावट की जांच का पता लगाने के लिए दूध की एक बूंद पालिश की गयी खड़ी सतह पर रखने पर या तो वह रुक जाता है या धीरे धीरे बहता है तथा सफेद दाग छोड़ता है, जबकि पानी मिला दूध नीचे जल्दी से बिना दाग छोड़े चला जाता है. मावा के नमूने को थोड़े से पानी के साथ उबालिए , ठंडा कीजिए तथा उसमें आयोडिन का टक्चर मिलाइये . यदि रंग दिखाई दे तो नमून में माड़ मौजूद है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन