आयुष चिकित्सक बिन दवा मरीजों का कर रहे हैं इलाज

Updated at : 28 Nov 2017 6:08 AM (IST)
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आयुष चिकित्सक बिन दवा मरीजों का कर रहे हैं इलाज

खगड़िया : स्वास्थ्य सेवा के नाम पर चिकित्सक महज ड्यूटी कर रहे हैं. बीते पांच वर्ष से चिकित्सकों के पास दवा उपलब्ध नहीं है. स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल यह है कि होमियोपैथ के डाॅक्टर एलोपैथिक इलाज कर रहे हैं. इतना ही नहीं आयुष चिकित्सक व यूनानी चिकित्सक भी अब अंग्रेजी दवा से ही इलाज करते […]

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खगड़िया : स्वास्थ्य सेवा के नाम पर चिकित्सक महज ड्यूटी कर रहे हैं. बीते पांच वर्ष से चिकित्सकों के पास दवा उपलब्ध नहीं है. स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल यह है कि होमियोपैथ के डाॅक्टर एलोपैथिक इलाज कर रहे हैं. इतना ही नहीं आयुष चिकित्सक व यूनानी चिकित्सक भी अब अंग्रेजी दवा से ही इलाज करते हैं. इससे मरीजों का क्या इलाज हो रहा होगा सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. अब तो होमियोपैथ चिकित्सक ओपीडी व इमरजेंसी ड्यूटी भी अस्पताल में करते हैं.

नहीं है अंग्रेजी दवा लिखने का आदेश : देसी चिकित्सकों से एलोपैथ की दवाएं नहीं लिखने व इमरजेंसी ड्यूटी नहीं लेने को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति से आदेश निर्गत है. इसके बावजूद भी एपीएचसी के अलावे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी आयुष चिकित्सक इमरजेंसी ड्यूटी करते देखे जाते हैं. चिकित्सकों की माने तो आयुष चिकित्सकों से ओपीडी,
फैमिली प्लानिंग के पहले ऑपरेशन की तैयारी, पल्स पोलियो की मॉनीटरिंग, टीकाकरण, डीडीटी छिड़काव सहित सभी प्रकार के राष्ट्रीय प्रोग्राम में ड्यूटी करना पड़ता है. चिकित्सकों ने बताया कि होमियोपैथ डायलूशन मेडिसिन अब तक नहीं मिला है. कई बार विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा
गया है.
सात वर्ष पूर्व हुई थी बहाली
जिले में आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए 2010 में 21 चिकित्सकों की नियुक्ति की गयी थी. फिर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी शुरू किया गया. उस समय निर्णय लिया गया था कि आयुष डॉक्टरों को प्रशिक्षित कर अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने में सहयोग लिया जायेगा. उस वक्त ओपीडी सेवा शुरू करने के लिए 50-50 हजार की दवाएं खरीद कर भेजी गयी थी.
कहां कहां है एपीएचसी
अलौली प्रखंड के बहादुरपुर, हरिपुर, मोहराधाट, मेघौना, शुंभा. बेलदौर प्रखंड में पिरनगरा व कुर्बन. चौथम के सोनवर्षा घाट व मलपा. गोगरी के गौछारी, महेशखूंट, पसराहा फांड़ी. खगड़िया के रानीसकरपुरा, बछौता, भदास व रहीमपुर. मानसी के बलहा, सैदपुर. परबत्ता के भरतखंड, माधवपुर, डुमारिया बुजुर्ग, नयागांव में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है जहां आयुष चिकित्सक ड्यूटी करते हैं. जिले में दस आयुर्वेदिक चिकित्सक, सात होमियोंपैथिक चिकित्सक तथा चार यूनानी चिकित्सक उपरोक्त अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी करते हैं.
अस्पताल संख्या
सदर अस्पताल 1
रेफरल अस्पताल 1
पीएचसी 7
एपीएचसी 25
एचएससी 193
कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डा अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि किस चिकित्सक से कैसे ड्यूटी लेना है यह विभाग का काम है. विभाग अपने हिसाब से सभी चिकित्सकों से सेवा लेता है.
फेल हुई योजना
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी पद्धति से इलाज को बढ़ावा देने के लिए आयुष चिकित्सकों की बहाली की गयी थी. जिसमें की आयुष (आयुर्वेद, न्यूट्रोपैथी, यूनानी और होमियोपैथी ) चिकित्सकों की बहाली संविदा पर किया गया था. लेकिन दवा के अभाव में फेल साबित हो रहा है.
गोगरी में कुल चार आयुष चिकित्सक
एपीएचसी पसराहा फांड़ी में सितंबर 2011 में होमियोपैथ के आयुष चिकित्सक के रूप में डॉक्टर उदय प्रकाश सिंह, अगस्त 2010 में एपीएचसी महेशखूंट में यूनानी के आयुष चिकित्सक डॉक्टर गुफरान अख्तर वर्ष 2010 में खटहा गौछारी एपीएचसी में आयुर्वेदिक आयुष चिकित्सक के रूप में डॉक्टर हरिनंदन पासवान और वर्ष 2013 में रेफरल अस्पताल गोगरी में आयुर्वेदिक आयुष चिकित्सक डॉक्टर विकास चंद्र की बहाली हुई थी.
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