विद्यालयों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू

Updated at : 16 Sep 2017 5:04 AM (IST)
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विद्यालयों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू

सख्ती. गाइडलाइन नहीं मानने वाले नपेंगे खगड़िया : जिले के सभी निजी विद्यालयों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गयी है. सीबीएसई बोर्ड से जुड़े सभी निजी विद्यालयों को बोर्ड द्वारा कार्रवाई की जाएगी. जानकारी के मुताबिक निजी विद्यालयों की जांच को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया. इस आदेश के दो मकसद […]

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सख्ती. गाइडलाइन नहीं मानने वाले नपेंगे

खगड़िया : जिले के सभी निजी विद्यालयों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गयी है. सीबीएसई बोर्ड से जुड़े सभी निजी विद्यालयों को बोर्ड द्वारा कार्रवाई की जाएगी. जानकारी के मुताबिक निजी विद्यालयों की जांच को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया. इस आदेश के दो मकसद हैं. पहला यह कि जिले के निजी विद्यालयों में सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी गाइड लाइन का अनुपालन हो रहा है. अथवा नहीं. दूसरा बोर्ड के द्वारा जारी गाइड लाइन का सभी निजी विद्यालयों में शत प्रतिशत अनुपालन कराना. जिले के एक सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार मिश्रा की शिकायत पर सुनवाई करते हुए लोक शिकायत एडीएम विजय कुमार सिंह ने निजी विद्यालयों में बोर्ड के आदेश का अनुपालन कराने एवं विद्यालय जांच कर यह पता लगाने को कहा है कि वर्तमान समय में निजी विद्यालयों की क्या स्थिति है.
फीस का था मामला : खगड़िया में मौजूद निजी विद्यालय हमेशा से ही चर्चा के केंद्र में रहे हैं. लगातार विद्यालयों से रीएडमिशन के नाम पर बच्चों से अधिक राशि वसूलने, शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के नामांकन इन विद्यालयों द्वारा नहीं लिये जाने के अलावा विद्यालयों में सुविधाओं की कमी को लेकर आवाज उठती रही है. बीते कुछ दिन पूर्व ही लोक शिकायत अधिनियम के तहत जिला स्तर पर शिकायत दर्ज की गयी थी. शिकायकर्ता श्री मिश्रा ने री एडमिशन के नाम पर निजी विद्यालयों द्वारा बच्चों के अभिभावकों का आर्थिक शोषण किये जाने सहित विद्यालय में सीबीएसई बोर्ड के आदेशानुसार न तो उपस्कर उपलब्ध रहने एवं न ही उच्चस्तरीय शिक्षकों की सेवा लिये जाने की शिकायत की थी. बच्चों के हित से जुड़े मामले पर डीइओ को कम से कम एक विद्यालय की जांच कर रिपोर्ट मांगी गयी थी. जिससे यह पता लगाया जा सके कि निजी विद्यालयों में पठन पाठन, फीस वसूली एवं वहां उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति क्या है.
नहीं हो पायी जांच
बताया जाता है कि लोक शिकायत एडीएम के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने सभी निजी विद्यालयों को आदेश जारी कर सीबीएसई बोर्ड की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप शिक्षकों की बहाली एवं उपस्कर की व्यवस्था करने के साथ साथ बच्चों से पुर्ननामांकन के नाम पर अलग से राशि नहीं वसूलने को कहा था. लेकिन सुनवाई पदाधिकारी ने इस कार्रवाई को आधी अधूरी मानते हुए वर्तमान में निजी विद्यालयों की व्यवस्था को जानने के लिए कुछ विद्यालयों की जांच करने को कहा है. ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बोर्ड के द्वारा जारी निर्देश का अनुपालन हो रहा है अथवा नहीं.
कहते हैं डीइओ
डीइओ सुरेश साहु ने कहा कि सभी निजी विद्यालयों को आदेश जारी किये जा चुके हैं. निजी विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड द्वारा निर्धारित मापदंड को हर हाल में लागू करना होगा. नहीं करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी. जल्द ही विद्यालय की जांच रिपोर्ट भेज दी जायेगी.
कहते हैं पदाधिकारी
बच्चों के हित से जुड़े शिकायत पर डीइओ को बोर्ड के आदेश का शत प्रतिशत अनुपालन कराने के साथ साथ निजी विद्यालयों की वर्तमान व्यवस्था से अवगत होने के लिए कुछके विद्यालयों की जांच के आदेश दिये गए हैं. लोक शिकायत एडीएम विजय कुमार सिंह ने कहा कि जबतक शिक्षा विभाग के पदाधिकारी विद्यालयों की जांच व सीबीएसई बोर्ड के आदेश के अनुपालन को ले सजग नहीं होंगे. तब तक ऐसी शिकायतें मिलती रहेगी. फिलहाल जांचकर 20 अक्तूबर तक रिपोर्ट मांगी गयी है. गड़बड़ी मिलने पर उन्होंने कार्रवाई की बातें कही है.
कहते हैं शिकायतकर्ता
इस मामले की शिकायत करने वाले मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि निजी विद्यालयों में अराजकता की स्थिति बनी हुई है. बच्चों से री एडमिशन के नाम पर मनमाने राशि वसूली जाती है.
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