फुटकर विक्रेताओं से वसूली जाती है बट्टी

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आज मार्केट की स्थिति यह है कि दूर-दराज से आने वाले किसान व सब्जी विक्रेता न्यू मार्केट सड़क पर अपनी सब्जी बेचने को मजबूर हैं. कटिहार : नगर निगम कटिहार में विभिन्न क्षेत्रों के लिए डाक अधिसूचना जारी की गयी है. इसमें नगर निगम न्यू मार्केट के भीतर परिसर में फुट कर दुकानदारों से बट्टी […]

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आज मार्केट की स्थिति यह है कि दूर-दराज से आने वाले किसान व सब्जी विक्रेता न्यू मार्केट सड़क पर अपनी सब्जी बेचने को मजबूर हैं.

कटिहार : नगर निगम कटिहार में विभिन्न क्षेत्रों के लिए डाक अधिसूचना जारी की गयी है. इसमें नगर निगम न्यू मार्केट के भीतर परिसर में फुट कर दुकानदारों से बट्टी वसूली के लिए आगामी पांच मार्च को डाक की तिथि निर्धारित की गयी है. पूर्व के वर्षों में भी डाक अधिसूचना में इसी परिसर के लिए भी डाक किया जाता रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि डाक लेने वाले ठेकेदारों द्वारा न्यू मार्केट राजेंद्र प्रसाद पथ पर लगे फुट कर विक्रेताओं से बट्टी वसूली की जाती है.

जब इस तथ्यों की प्रभात खबर की टीम ने छानबीन की तो पता चला कि न्यू मार्केट के भीतर परिसर में फुट कर दुकानदारों के कुछ ही दुकान लगाये जाते हैं. क्योंकि अंदर परिसर में नगर निगम के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत कर ज्यादातर प्लेटफार्मों को छोटे-छोटे दुकानों में तब्दील कर उसे लीज पर स्थायी रूप से दुकानदारों को दे दिया. फलस्वरूप अब नगर निगम के म्युनिसिपल मार्केट की स्थिति यह है कि मात्र 100 से कम की संख्या में भी फुट कर दुकानदार ही अपनी सब्जी न्यू मार्केट के अंदर बेचते हैं.

क्या थी मार्केट की पूर्व की स्थिति : अंतिम रूप से वर्ष 1985 में प्रकाशित म्युनिसिपल सर्वे के नक्शे में मार्केट की भीतर की स्थिति पर गौर करें तो कई प्लेटफार्म और कई दुकान इस प्रकार थे कि लगभग तीन हजार से उपर फुटकर दुकानदार अपनी सब्जी एवं अन्य सामग्री प्रतिदिन बेच सकते थे, लेकिन धीरे-धीरे नगर निगम के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा जनप्रतिनिधियों ने रुपये की लालच में भविष्य की स्थिति नहीं समझ कर परिसर के भीतर जगहों का व्यापारीकरण कर दिया. आज स्थिति यह है कि दूर-दराज से आने वाले किसान एवं सब्जी विक्रेता न्यू मार्केट सड़क पर अपनी सब्जी बेच रहे हैं.

स्थायी दुकानदार से नहीं ली जाती है बट्टी

न्यू मार्केट के भीतर परिसर में डाक अधिसूचना की अभियुक्ति के आलोक में सिर्फ फुटकर दुकानदारों से ही बट्टी वसूल की जानी है. इसके लिए सुरक्षित राशि लगभग 862500 रुपये रखी गयी है. संभवत: यह राशि प्रत्येक वर्ष स्वाभाविक रूप से दस प्रतिशत पिछले वर्ष से बढ़ी हुई होती है. गौर करने की बात है कि 100 से कम संख्या में फुट कर विक्रेता ही दुकान लगाते हैं तो एक साल में ठेकेदार किस प्रकार इतनी बड़ी रकम की उगाही कर लेते हैं. जबकि बट्टी वसूली प्रति फुटकर दुकानदार सात से दस रुपये तक होती है. यह किसी भी रूप में संभव नहीं है कि ठेकेदार नगर निगम स्थित न्यू मार्केट के भीतर फुटकर दुकानदारों से बट्टी वसूल कर अपनी भरपायी कर सके.

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