घोषणा के 17 माह बीत गये, सांसद आदर्श गांव में नहीं हुआ कोई काम

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घोषणा के 17 माह बीत गये, सांसद आदर्श गांव में नहीं हुआ कोई काम फोटो नं. 30,31 कैप्सन – निमौल गांव की सड़कें.प्रतिनिधि, कटिहार करीब 17 माह पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 15 अगस्त 2014 को सांसद आदर्श ग्राम योजना की घोषणा की गयी थी. तब लोगों को लगा था […]

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घोषणा के 17 माह बीत गये, सांसद आदर्श गांव में नहीं हुआ कोई काम फोटो नं. 30,31 कैप्सन – निमौल गांव की सड़कें.प्रतिनिधि, कटिहार करीब 17 माह पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 15 अगस्त 2014 को सांसद आदर्श ग्राम योजना की घोषणा की गयी थी. तब लोगों को लगा था कि कटिहार के भी एक गांव का हर वर्ष कल्याण होगा. सांसद आदर्श गांव कहलायेगा, लेकिन आम लोगों को क्या पता उनके ख्वाब को हकीकत में बदलने में और लंबा सफर तय करना होगा. ऐसा नहीं कह रहे हैं कि आदर्श गांव के लिए पहल नहीं हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जब इस योजना की शुरुआत की गयी तो कटिहार सांसद तारिक अनवर ने भी जिले के आजमनगर प्रखंड अंतर्गत बौला-निमौल पंचायत को सांसद आदर्श ग्राम योजना के लिए चयन करने के बाद 8 जनवरी 2015 को विकास की किरण से कोसों चयनित उक्त गांव में कई विभागों का पदार्पण हुआ. संबंधित अधिकारियों ने धरातल झूठे सब्जबाग दिखाया गया था. जबकि सांसद आदर्श गांव के समग्र विकास के लिए रोड मैप बनाया गया था. विकास के तमाम तरह के खाका खींचने व घोषणाएं अब तक धरातल पर नहीं उतरा है. गांव में सुविधाओं का घोर अभावआदर्श गांव बनाने के लिए चयनित गांव में अब तक विकास की रोशनी नहीं पहुंची है. सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार जैसी बुनियादी सुविधा से लोग सत्रह माह बाद भी महरूम हैं. जब आदर्श ग्राम के लिए प्रशासनिक महकमा व सांसद चहल कदमी हुई थी. लोगों में आस जगी थी कि अब निमौल की तकदीर बदलने वाली है. गांव समृद्ध और खुशहाल बनेगा. परंतु 17 माह बाद आज भी इस दिशा में कोई काम नहीं हो सका है. पिछड़ेपन है पंचायत में हावीनिमौल पंचायत की आबादी करीब 14 हजार है. करीब 80 फीसदी आबादी अल्पसंख्यकों की है. जबकि शेष अतिपिछड़ा, आदिवासी, दलित, महादलित समुदाय की है. 8 राजस्व गांव में 8 आंगनबाड़ी केंद्र में 5 भवनहीन तथा स्वास्थ्य केंद्र हमेशा बंद ही रहता है. पंचायतमें हालिया दिनों में एक पक्की सड़क 17 माह में बन पाया है, वो भी विनोद सिंह विधायक के अनुशंसा से ऐसा लोग कहते हैं. वहीं शिक्षा का स्तर ज्यादा उपर नहीं गया है. कहते हैं स्थानीय सांसद प्रतिनिधि———————–इस संदर्भ में सांसद प्रतिनिधि आले रसूल ने कहा कि मोदी के आह्वान पर सांसद ने जिले में निमौल पंचायत को चुना परंतु 17 माह बाद भी विभागीय संवेदनहीनता के कारण विकास से आज भी दूर है क्यों. कहती हैं मुखिया————स्थानीय मुखिया कुलसुम बेगम का बताना है कि आदर्श गांव के लिए निमौल को चुना गया परंतु 17 माह बाद भी विकास की किरण नहीं खिली है. बोले विधायक प्रतिनिधि—————–भाजपा विधायक (प्राणपुर) विनोद कुमार सिंह के प्रतिनिधि चमक लाल सिंह सालमारी ने कहा कि जिले में जब आजमनगर प्रखंड के निमौल गांव को आदर्श गांव के लिए चुना गया. लोगों के उत्साह का ठिकाना नहीं था. परंतु विभागीय शिथिलता से विकास का चक्का रुका हुआ है.

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