कैमूर: दुर्गावती नदी के उफान से मोहनियां में बाढ़ जैसे हालात, इस्लामगंज-पटना मोड़ के सैकड़ों घर पानी से घिरे
फोटो.4. दुर्गावती नदी के उफान से जलमग्न हुआ इस्लामगंज मुहल्ला5. जायजा लेने मोहनियां पहुंचे डीएम6. मोहनियां पीएसएस से पानी निकासी के लिए लगा मोटर पम्प7. पावरग्रिड में घुसा पानी 8. भरे पानी से होकर आते लोग9. रास्ता में पानी भरने के बाद चाचरी पुल बनाते लोग | Prabhat Khabar Network
दुर्गावती नदी के उफान से मोहनियां शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात, सैकड़ों घर पानी में डूबे। डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा।
Kaimur News : दुर्गावती नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि के बाद मोहनियां शहर में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गये हैं. नदी का पानी शहर के कई निचले इलाकों में प्रवेश कर गया है. पटना मोड़ के समीप और इस्लामगंज मुहल्ले में सैकड़ों घर पानी से घिर गये हैं. घरों के चारों ओर पानी भर जाने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है. शहर की कई सड़कें और गलियां भी जलमग्न हो गयी हैं. सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है.
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तेज बारिश और दुर्गावती जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण बुधवार की देर शाम दुर्गावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा. देखते ही देखते नदी से सटे बेलौड़ी, उगहनी डीह के साथ मोहनियां शहर के इस्लामगंज और पटना मोड़ के आसपास के इलाकों में पानी पहुंच गया. रात में जलस्तर बढ़ने के बाद गुरुवार की सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो कई रास्ते पानी में डूबे मिले. प्रभावित परिवारों के सामने दैनिक जरूरत के सामान, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था करने की चुनौती खड़ी हो गयी है.
पटना मोड़ और इस्लामगंज में घरों से निकलना मुश्किल
इस्लामगंज और पटना मोड़ के आसपास जलजमाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है. कई घर चारों तरफ से पानी से घिर गये हैं. पानी के कारण लोगों का आसपास के बाजार और मुख्य सड़कों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार पानी बढ़ने से हालात को लेकर चिंता बनी हुई है.
इस्लामगंज वार्ड संख्या 15 में करीब 100 परिवार बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित हैं. लोगों का कहना है कि पानी भरने के कारण सामान्य आवागमन बाधित हो गया है. मस्जिद तक जाने का रास्ता भी पानी में डूब गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले तीन वक्त से कई लोग मस्जिद में नमाज अदा करने नहीं जा सके हैं.
रास्ता डूबा तो लोगों ने खुद बनाया चाचरी पुल
आवागमन का रास्ता बंद होने के बाद स्थानीय लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर बांस और ड्रम की मदद से अस्थायी चाचरी पुल तैयार किया. इसके सहारे लोग पानी से होकर अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि फल-सब्जी और अन्य जरूरी सामान लाने के लिए भी इसी अस्थायी व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है.
लोगों ने बताया कि गांव के पीछे बसे करीब 100 परिवार पानी से घिरे हुए हैं. लंबे समय तक जलजमाव रहने पर दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो सकता है.
पावर ग्रिड और पीएसएस में घुसा पानी, बिजली व्यवस्था पर खतरा
दुर्गावती नदी का बढ़ता पानी मोहनियां के पावर ग्रिड परिसर और पावर सब स्टेशन तक पहुंच गया है. बिजली प्रतिष्ठानों में पानी प्रवेश करने से विभाग की चिंता बढ़ गयी है. पानी का स्तर और बढ़ने पर सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित करने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
हालांकि, बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाये रखने के लिए विभाग ने पानी निकासी का काम तेज कर दिया है. पावर ग्रिड परिसर से पानी निकालने के लिए चार मोटर पंप लगाये गये हैं. वहीं मोहनियां पीएसएस में दो मोटर पंपों के माध्यम से लगातार पानी की निकासी की जा रही है. विभागीय कर्मी जलजमाव के बावजूद बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाये रखने की कोशिश में जुटे हैं.
मोहनियां में पावर ग्रिड में पानी घुसने की स्थिति पहले भी गंभीर बिजली संकट का कारण बन चुकी है. वर्ष 2023 में भी बाढ़ के दौरान पावर ग्रिड परिसर में पानी भरने के बाद बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी.
सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न
दुर्गावती नदी के जलस्तर में वृद्धि का असर आसपास के कृषि क्षेत्रों पर भी पड़ा है. नदी से सटे इलाकों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूब गयी है. दूर तक खेतों में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है.
किसानों को आशंका है कि यदि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहा तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है. जलस्तर बढ़ने के बाद किसानों की चिंता बढ़ गयी है और वे पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं.
डीएम ने अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कैमूर डीएम कुमार अनुराग अधिकारियों की टीम के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे. उन्होंने प्रभावित इलाकों में जलजमाव की स्थिति का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी ली.
डीएम ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखने तथा जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. प्रशासन को जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है. जिला प्रशासन के अनुसार, जलस्राव में कमी आने के बाद स्थिति नियंत्रण में रहने की उम्मीद है और जरूरत के अनुसार राहत-बचाव की कार्रवाई की जायेगी. एसडीआरएफ की टीम को भी तैयार रखा गया है.
तीन साल बाद फिर याद आया 2023 का बाढ़ का मंजर
मोहनियां शहर में तीन साल बाद एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बनने से लोगों को वर्ष 2023 की भयावह बाढ़ याद आ गयी है. उस समय दुर्गावती नदी में तेज उफान के कारण अमरपुरा, बेलौड़ी, पटना मोड़ और इस्लामगंज सहित कई इलाकों में पानी प्रवेश कर गया था.
वर्ष 2023 में पावर ग्रिड परिसर में भी पानी भर गया था, जिसके कारण सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति प्रभावित करनी पड़ी थी. उस दौरान कई गांवों में बिजली संकट के साथ पेयजल और दैनिक जरूरतों को लेकर भी लोगों को परेशानी हुई थी.
पटना मोड़ निवासी अजय यादव ने बताया कि तीन साल पहले भी इसी तरह की स्थिति बनी थी. चारों तरफ पानी भर जाने से उनका घर पूरी तरह पानी से घिर गया था. परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था. उन्होंने बताया कि उस समय एनडीआरएफ की टीम ने पहुंचकर पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था. वर्तमान स्थिति ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गयी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है. बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल पानी निकासी और आवश्यक राहत उपलब्ध कराने की मांग की है.





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