सरकारी रेट लेने में किसान माथापच्ची करने को विवश

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ऑनलाइन आवेदनों का हो रहा वेरिफिकेशन पिता के नाम से रसीद व रजिस्ट्रेशन में बेटे का नाम होने पर आवेदन रद्द राजस्व रसीद कटाने व एलपीसी बनवाने के लिए घूम रहे किसान कर्मनाशा. दुर्गावती प्रखंड में अभी तक व्यापार मंडल व पैक्सों में किसानों के धान खरीद की नहीं हो रही है़ जो किसान ऑनलाइन […]

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ऑनलाइन आवेदनों का हो रहा वेरिफिकेशन
पिता के नाम से रसीद व रजिस्ट्रेशन में बेटे का नाम होने पर आवेदन रद्द
राजस्व रसीद कटाने व एलपीसी बनवाने के लिए घूम रहे किसान
कर्मनाशा. दुर्गावती प्रखंड में अभी तक व्यापार मंडल व पैक्सों में किसानों के धान खरीद की नहीं हो रही है़ जो किसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, उनके आवेदनों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है़
वेरिफिकेशन के बाद जब तक पैक्स व व्यापार मंडल के द्वारा धान की खरीद शुरू की जायेगी, तब तक प्रायः सभी किसानों का धान औने-पौने दामों पर व्यापारियों के हाथों में चला जायेगा़ दुर्गावती प्रखंड में वैसे भी अब तक 90 प्रतिशत किसानों के धान 1100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक चुका है़ व्यापारी ही बिचौलियों के माध्यम से सरकारी दर का लाभ उठा पायेंगे क्योंकि धान खरीद शुरू होने तक किसानों का धान बाजारों में बिक चुका होगा.
क्या कहते हैं किसान : छावों गांव के किसान गजानंद यादव, कर्पुणरा के दारा सिंह ने बताया कि काफी किसानों का धान बिक चुका है़ दुर्गावती प्रखंड में 90 प्रतिशत किसानों का धान औने-पौने दामों में व्यापारियों को बेचा जा चुका है, जो किसान व्यापार मंडल व पैक्सों में धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, उनका वेरिफिकेशन हो रहा है.
इसमें भी कइयों का रजिस्ट्रेशन रद्द हो चुका है. किसान राजस्व रसीद कटाने व एलपीसी बनवाने में परेशान हैं. कितने किसानों के माता-पिता के नाम से रसीद कट रही है़ इस तरह से किसानों को सरकारी दर पर खरीद का फायदा लेने में कई तरह के पचड़े झेलना पड़ रहा है़ दारा सिंह ने बताया कि किसानों का धान खलिहानों में पड़ा है. मौसम का मिजाज भी ठीक नहीं है.किसानों को धान बेच कर ही शादी-विवाह से लेकर बच्चों के स्कूल की फी व अन्य जरूरी कार्य करने हैं. धान बेचने के लिए किसान बराबर ब्लॉक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समय पर धान बिकना मुश्किल हो गया है़
क्या कहते हैं अधिकारी : किसानों द्वारा दिये गये ऑनलाइन आवेदनों का वेरिफिकेशन चल रहा है. ऑनलाइन आवेदन में जिसके नाम से राजस्व रसीद कटी है, उसी के नाम से रजिस्ट्रेशन कराना है लेकिन, कई किसान रसीद पिता के नाम से और आवेदन अपने नाम से किये हैं. इस तरह के मामले में अवरिया में कई किसानों का रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ है. वैसे किसानों को एलपीसी बनवाकर पुनः आवेदन देना होगा. बहुत जल्द धान की खरीदारी शुरू हो जायेगी.
संजय कुमार चौधरी, प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी
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