बगैर परमिट व लाइसेंस के शहर में दौड़ रहे इ-रिक्शा

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मानकों को दरकिनार कर यात्रियों की जिंदगी से खेल रहे चालक अिधकारियों की लापरवाही का फायदा उठा रहे रिक्शावाले भभुआ नगर : न परमिशन, न लाइसेंस, न वर्दी और न ही मानकों का ख्याल़ यह हाल है शहर के इ-रिक्शा चालकों का़ सड़कों पर 100 से ऊपर इ-रिक्शा सरपट दौड़ाये जा रहे हैं. ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट […]

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मानकों को दरकिनार कर यात्रियों की जिंदगी से खेल रहे चालक

अिधकारियों की लापरवाही का फायदा उठा रहे रिक्शावाले
भभुआ नगर : न परमिशन, न लाइसेंस, न वर्दी और न ही मानकों का ख्याल़ यह हाल है शहर के इ-रिक्शा चालकों का़ सड़कों पर 100 से ऊपर इ-रिक्शा सरपट दौड़ाये जा रहे हैं. ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट द्वारा रजिस्ट्रेशन को लेकर पॉलिसी तो बना दी गयी है, लेकिन अब तक इस दिशा में इ-रिक्शा चालक विभाग की लचर व्यवस्था का फायदा उठाते हुए रजिस्ट्रेशन को लेकर गंभीर नजर नहीं आते. शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से लेकर अखलासपुर बस स्टैंड, एकता चौक
, पूरब पोखरा बस स्टैंड तक सरपट इ-रिक्शा दौड़ रहे हैं. इतना ही नहीं कई इ-रिक्शे की कमान नाबालिगों के हाथों में भी है़ इसे देखने वाला कोई नहीं है़ ये लोग बेरोकटोक अपनी मनमानी करते हैं. सवाल यह उठता है कि अगर इ-रिक्शा से कोई हादसा होता है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
अब तक मात्र 34 ने कराया रजिस्ट्रेशन
परिवहन विभाग द्वारा इ-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की गयी थी़ कइयों से जुर्माने भी वसूले गये थे़ इसके बाद ऐसी उम्मीद की गयी थी कि अब इ-रिक्शा चालक रजिस्ट्रेशन को लेकर गंभीर होंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ़ विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक मात्र 34 इ-रिक्शा का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है.
हादसा होने पर नहीं मिलेगा क्लेम
इ-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नहीं होने से लोगों को नुकसान हो सकता है. अगर किसी की इ-रिक्शा से दुर्घटना में मौत हो जाती है, तो उस पर आश्रित परिजनों को एक्सीडेंट क्लेम नहीं मिलेगा. इ-रिक्शा ड्राइवर किसी वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाये, तो उसे पकड़ा नहीं जा सकता क्योंकि, उसका स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी और पुलिस में वेरिफिकेशन नहीं होगा. अब तक इ-रिक्शा के लिए रूट का निर्धारण भी नहीं होने से ऑटो चालकों और इ-रिक्शा चालकों में आये दिन सवारी बैठाने को लेकर झड़प होती रहती है.
नियमों की हो रही अनदेखी
इ-रिक्शाें के लिए चालक के पास लाइसेंस होना जरूरी है. यहां बिना लाइसेंस के ही लोग इसे चला रहे हैं. चालकों के पास यूनिफार्म भी नहीं है़ इ-रिक्शा में फर्स्ट एंड बॉक्स भी नहीं है. इ-रिक्शा में कहीं पर भी परमिट होल्डर का नाम, पता और टेलीफोन नंबर लिखा हुआ नहीं है़ हर इ-रिक्शे में पीले रंग की रिफलेक्टिव स्ट्रिप जरूरी है. शहर में चलने वाले ई-रिक्शा में केवल छह सवारियां ही बैठायी जा सकती है. इसकी अनदेखी की जा रही है़
क्या कहते हैं अफसर
इ-रिक्शा चालकों के रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है़ बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे इ-रिक्शाें के चालकों पर कार्रवाई की जायेगी. इ-रिक्शों के रूट निर्धारण के लिए जल्द ही डीएम की अध्यक्षता में बैठक की जायेगी. दोषियों पर कार्रवाई होगी.
भरत भूषण प्रसाद,
जिला परिवहन पदाधिकारी कैमूर
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