बिजली खपत का पता नहीं
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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सभी पंचायतों में सरकारी रुपये से लगायी गयी हैं लाइटें शहर में नप से बिजली विभाग लेता है 34 किलोवाट का बिल ग्रामीण इलाकों के बारे में विभाग को पता नहीं भभुआ शहर : बिजली विभाग जहां एक ओर अवैध बिजली जलाने वालों पर मुकदमा करती है और उनसे जुर्माना वसूला जाता है व जिन […]
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सभी पंचायतों में सरकारी रुपये से लगायी गयी हैं लाइटें
शहर में नप से बिजली विभाग लेता है 34 किलोवाट का बिल
ग्रामीण इलाकों के बारे में विभाग को पता नहीं
भभुआ शहर : बिजली विभाग जहां एक ओर अवैध बिजली जलाने वालों पर मुकदमा करती है और उनसे जुर्माना वसूला जाता है व जिन बिजली उपभोक्ता के पास पांच हजार से अधिक बिजली बिल बकाया होता है उनके घरों व प्रतिष्ठानों की बिजली काट दी जाती है वही शहर में कितनी स्ट्रीट लाइटें जल रही हैं इसकी जानकारी विभाग के पास नहीं है.
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत, प्रखंड व जिलों में स्ट्रीट लाइट कैसे जलती हैं, उनमें कितनी बिजली की खपत होती, इन सब बातों से बिजली विभाग पूरी तरह अनजान बना हुआ है.
गौरतलब है कि विगत छह वर्षों से ग्रामीण व शहरी इलाकों में स्ट्रीट लाइटें लगायी गयी थीं. जनप्रतिनिधियों के द्वारा चौक-चौराहों व गली- मुहल्लों में लाइट लगाने की अनुशंसा की जा रही है. एजेंसियां लाइट लगाने से पहले न तो बिजली विभाग से परमिशन लेती हैं और न ही विभागीय अधिकारी इसमें रुचि दिखाते हैं.
नप व नपं की कैसे जलती हैं स्ट्रीट लाइटें. जानकारी के अनुसार नगर परिषद भभुआ व नगर पंचायत मोहनिया की मुख्य सड़कों सहित गली मुहल्लों में स्ट्रीट लाइट जलती है लेकिन, कितनी जलती है इसका तो आंकड़ा विभाग के पास नहीं है. बस इतना पता है कि नगर परिषद भभुआ स्ट्रीट लाइट के एवज में 34 किलोवाट का बिल लिया जाता है. मोहनिया नगर पंचायत से कार्यालय की खपत सहित 14 किलोवाट का बिल लिया जाता है. जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की जनता के आग्रह पर किसी सी समय राशि होने पर योजना चयन करा कर अपने क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगवा देते हैं.
ग्रामीण इलाकों का भी नहीं है िहसाब . जिले के वैसे ग्रामीण क्षेत्र जिन गावों में बिजली की व्यवस्था है वहां के जनप्रतिनिधियों के द्वारा सभी ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईट लगाये गये है इसके लिये पंचायत, प्रखंड और जिले के जनप्रतिनिधी अपने- अपने क्षेत्रों में सरकारी ऐजेंसियों से स्ट्रीट लाईट लगा रहे है लेकिन न तो उनके द्वारा स्ट्रीट लाईट जलाने के पहले बिजली विभाग से परमिशन लिया जाता है और न कोई सरकारी ऐजेसी ही इस पर पहल करती है. विभाग तो पुरी तरह इन सब बातों से अनजान बना हुआ है.
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