सेहत से खिलवाड़, गुड़ में भी मिलावट

Updated:
विज्ञापन

सेहत से खिलवाड़, गुड़ में भी मिलावट गुड़ में ब्राॅन, चोकर व धान के कन मिले होने की सूचना मोहनिया क्षेत्र में कई जगहों पर तैयार किया जा रहा मिलावटी गुड़ मकर संक्रांति को लेकर बढ़ी है गुड़ की मांगफूड विभाग नहीं दे रहा ध्यानप्रतिनिधि, मोहनिया (सदर) मकर संक्रांति के नजदीक आते ही बाजार में […]

विज्ञापन

सेहत से खिलवाड़, गुड़ में भी मिलावट गुड़ में ब्राॅन, चोकर व धान के कन मिले होने की सूचना मोहनिया क्षेत्र में कई जगहों पर तैयार किया जा रहा मिलावटी गुड़ मकर संक्रांति को लेकर बढ़ी है गुड़ की मांगफूड विभाग नहीं दे रहा ध्यानप्रतिनिधि, मोहनिया (सदर) मकर संक्रांति के नजदीक आते ही बाजार में गुड़ की भरमार हो गयी है. व्यवसायी अधिक लाभ पाने के चक्कर में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं. मोहनिया के स्टूवरगंज में लगभग आधा दर्जन से अधिक गुड़ कि दुकानें हैं. जिन पर धड़ल्ले से मिलावटी गुड़ बेचा जा रहा है. फूड विभाग भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. गुड़ के सौदागर बेहिचक लोगों के जीवन के सौदागर बने हुए हैं. डीएम ऑफिस के गोपनीय शाखा से जानकारी मिली है कि कैमूर में फूड इंस्पेक्टर नहीं है. मोहनिया में कहां-कहां बनता है मिलावटी गुड़मोहनिया-रामगढ़ पथ स्थित ओवर ब्रिज के मोहनिया साइड में सुबह के समय निकल रही गुड़ की सोंधी महक आप के दिल को खुश कर जायेगी. लेकिन, वही गुड़ का जब आप सेवन करेंगे तो आप के स्वास्थ्य पर वह घातक असर भी करेगा. क्योंकि उक्त स्थान पर स्थित एक मकान मे मिलावटी गुड़ तैयार करने के क्रम में ही गुड़ की सोंधी महक आती है. वैसे तो मोहनिया अनुमंडल क्षेत्र की बात करें तो सबसे बड़ा मिलावटी गुड़ का कारोबार नेशनल हाइवे दो के बगल स्थित बरेज गांव होता है.बरेज से सप्लाई होता है मिलावटी गुड़अनुमंडल मुख्यालय व जीटी रोड के किनारे स्थित इस गांव में ट्रांसपोर्ट की सुविधा सुलभ होने से यहां पर तैयार मिलावटी गुड़ मोहनिया के अलावा कुदरा, रामगढ़, नुआंव, दुर्गावती, नौबतपुर, खजुरा, उत्तर प्रदेश के चंदौली, सय्यदराजा, दिलदार नगर, जमनिया, गाजीपुर एवं रोहतास जिला के परसथुआ, कोचस, दिनारा सहित कई स्थानों के व्यवसायी यहां से ट्रकों से गुड़ अपने यहां ले जाते है. एक ट्रक गुड़ से तैयार किया जाता है तीन ट्रक मिलावटी गुड़मिलावटी गुड़ तैयार करनेवाली बरेज की मिनी फैक्ट्री में काम करनेवाले एक सूत्र ने बताया कि एक ट्रक अच्छे गुड़ से तीन ट्रक मिलावटी गुड़ तैयार किया जाता है. इसे तैयार करने के लिए फिर से आग पर पकाना पड़ता है और उसमे ब्राॅन, चोकर व धान के कन मिला कर मिलावटी गुड़ तैयार कर दिया जाता है. इस मिलावटी गुड़ कि सबसे खास पहचान यह है कि इसकी बड़ी भेली तैयार की जाती है. क्योंकि इसमें गुड़ की मात्रा कम होने की वजह से फुटने का डर होता है जब कि लोग जानकारी के अभाव में इसे खूब खरीदते हैं. छोटी भेली यानी बट्टी वाले गुड़ में काफी कम मात्रा में उक्त चीजें मिलायी जाती है. मकर संक्रांति से लगभग चार माह पूर्व गुड़ लाकर यह काम शुरू कर दिया जाता है. इतना अधिक गुड़ आता है कि जिस दिन बोरियों को खाली कर दुर्गावती नदी मे धोया जाता है उस दिन नदी का पानी काफी दूर तक लाल हो जाता है. मिलावटी गुड़ के सेवन से क्या है हानि अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एके दास कहते हैं कि इन दिनों बाजार में तेजी से बिक रहे मिलावटी गुड़ के खाने से सबसे अधिक लीवर पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इसके सेवन से पेट दर्द, उलटी, दस्त व डायरिया के साथ किडनी पर भी घातक असर पड़ता है.क्या कहते हैं डीएसपी मिलावटी गुड़ के चल रहे कारोबार के विषय में पूछे जाने पर डीएसपी मनोज राम ने कहा यह मामला फूड विभाग का है. लेकिन, ऐसा हो रहा है तो छापेमारी की जायेगा.नोट:- डाउनलोड कर गुड़ का फोटो लगा लेंगे

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन