पर्यवेक्षक व पुलिस के पहुंचने के बाद आश्वासन पर लोग हुए शांत

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भभुआ सदर : कैमूर सिविल सर्जन डॉ नंदेश्वर प्रसाद और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ विवेक कुमार सिंह ने सदर अस्पताल परिसर में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र सहित प्रसव के दौरान जच्चे बच्चे की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए दिये जा रहे ए ग्रेड नर्सों के ट्रेनिंग स्थल का जायजा लिया. इस दौरान पोषण […]

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भभुआ सदर : कैमूर सिविल सर्जन डॉ नंदेश्वर प्रसाद और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ विवेक कुमार सिंह ने सदर अस्पताल परिसर में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र सहित प्रसव के दौरान जच्चे बच्चे की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए दिये जा रहे ए ग्रेड नर्सों के ट्रेनिंग स्थल का जायजा लिया. इस दौरान पोषण पुनर्वास केंद्र में एक भी कुपोषित बच्चे नहीं दिखाई पड़े और पिछले निरीक्षण और जांच की तरह इस बार भी केंद्र के कई कर्मचारी ड्यूटी से गायब पाये गये.

गुरुवार को अस्पताल का जायजा लेने पहुंचे सीएस ने वहां की बदहाल स्थिति को देखते हुए कहा कि आपलोगों के चलते केंद्र की हालत बद से बदतर है. उन्होंने केंद्र के एफडी पूनम वर्मा से बच्चे नहीं होने के बारे में सवाल किया, तो उनका कहना था कि पिछले 19 मार्च से इस केंद्र में बच्चे और उनकी माताएं नहीं लौटी हैं. जब सीएस ने उपस्थिति पंजी की जांच की, तो केंद्र में कार्यरत पूजा कुमारी तीन माह में 16 दिन छुट्टी पर पायी गयी. सीएस ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि पूरे वर्ष में 16 सीएल मिलता है. लेकिन, इस केंद्र के कर्मचारी महीने दो महीने में ही 16 सीएल को पार कर जा रहे हैं. उन्होंने इस पर भी ताज्जुब किया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मियों को अपने दस्तखत तक करने नहीं आ रहे हैं.
निरीक्षण के दौरान सीएस ने स्पष्ट तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर केंद्र में बच्चे नहीं आते हैं और यहां की व्यवस्था ठीक नहीं होती है, तो अगले माह का वेतन निरुद्ध कर दिया जायेगा. इसके बाद अस्पताल के सबसे निचले तल पर पिछले 10 दिनों से चल रहे जन्म के समय जच्चे बच्चे की उचित देखभाल संबंधित एसबीएए के ट्रेनिंग का जायजा लिया, तो यहां पिछले 10 दिनों से चल रहे इस ट्रेनिंग के बाद भी कुछ ए ग्रेड नर्स सीएस के प्रजनन और प्रसव संबंधित पूछे गये साधारण सवालों की जवाब नहीं दे सकी. हालांकि, इस दौरान ट्रेनिंग दे रही प्रशिक्षक चंदा वर्मा ने सीएस के पूछे सवालों पर डेमो भी करके दिखाया.
गौरतलब है कि 21 दिनों तक चलनेवाले इस प्रशिक्षण में छह ए ग्रेड नर्सों को प्रशिक्षित करने के लिए दो प्रशिक्षक तैनात हैं. लेकिन, फिर भी ट्रेनिंग कई नर्सों के पल्ले नहीं पड़ने पर सीएस ने एतराज जताया और सभी को एक समान मेहनत कर इस विधा को सीखने की नसीहत दी.
एसबीएए की ट्रेनिंग में शामिल ए ग्रेड नर्स नहीं दे सकीं सीएस के सवालों के जवाब, मेहनत करने की दी सलाह
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