जहानाबाद : सूखने लगे चापाकल और बोरिंग भी दे रहे हैं जवाब
Updated at : 17 Jul 2018 12:20 AM (IST)
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जहानाबाद नगर : जल ही जीवन है. जल के बिना जीवन की परिकल्पना भी नहीं किया जा सकता है, बावजूद इसके लोग जल की महत्ता को नहीं समझ पा रहे हैं और उसे बर्बाद कर रहे हैं. दूसरी तरफ भूमिगत जलस्तर नीचे चले जाने के कारण चापाकल सुखने लगे हैं, बोरिंग जवाब देने लगा है. […]
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जहानाबाद नगर : जल ही जीवन है. जल के बिना जीवन की परिकल्पना भी नहीं किया जा सकता है, बावजूद इसके लोग जल की महत्ता को नहीं समझ पा रहे हैं और उसे बर्बाद कर रहे हैं. दूसरी तरफ भूमिगत जलस्तर नीचे चले जाने के कारण चापाकल सुखने लगे हैं, बोरिंग जवाब देने लगा है. लोगों के समक्ष पेयजल संकट उत्पन्न होने लगा है.
जिले में मॉनसून का साथ नहीं मिलने और मौसम की बेरुखी के कारण नदी-नाले सुखे पड़े हैं. वहीं खेतों में धूल भरी आंधी चल रही है. मौसम खेती-बाड़ी का होने के बाद भी किसान आसमान की ओर टकटकी लगाये बैठे हैं. जिले में हालात इस कदर खराब होता जा रहा है कि गांवों की बात तो दूर शहरी क्षेत्र में भी चापाकल सुखने लगे हैं.
घंटों चापाकल चलाने के बाद दो-चार लीटर पानी ही मिल पा रहा है. वहीं मोटर भी जवाब देने लगा है. लगातार मोटर चलाने से जहां बिजली की खपत हो रही है वहीं मोटर जलने का भी भय लोगों को सता रहा है. इसके बाद भी पानी की आवश्यकता पूरी नहीं हो रही है.
पानी की हो रही बर्बादी: सरकार के सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल उपलब्ध कराने के लिए शहर के कई वार्डों में पाइप लाइन बिछा पानी की आपूर्ति करायी जा रही है. पानी की आपूर्ति होने के बाद पानी की बर्बादी भी शुरू हो गया है. जिन घरों में 100-200 लीटर पानी में काम चल जाया करता था.
वहां अब हजारों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है. कई जगह तो पेयजल आपूर्ति से ही खेतों को सिंचित किया जा रहा. वहीं जानवर धोने व सड़क साफ करने का काम भी धड़ल्ले से हो रहा है. वहीं शहर के ही कई वार्डों में जहां पेयजल आपूर्ति के लिए अब तक पाइप लाइन नहीं बिछ पाया है. उन वार्डों में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं.
जिले के कई ऐसे इलाके हैं जहां पेयजल संकट से लोग जूझ रहे हैं. अब तो हालात यह हो गया है कि पेयजल के लिए लोग सड़क पर उतरने लगे हैं जिसके बाद प्रशासन द्वारा टैंकर के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति करायी जा रही है.
रविवार को ही रतनी-फरीदपुर प्रखंड में पेयजल संकट से जूझ रहे लोग सड़क पर उतर आक्रोश व्यक्त किया था, जिसके बाद प्रशासन द्वारा टैंकर के माध्यम से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करायी गयी थी. जिले के काको प्रखंड के भी कई गांवों में पेयजल संकट उत्पन्न होने के बाद लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए दूसरे गांव से पानी ला रहे हैं.
वहीं मखदुमपुर प्रखंड के वाणावर क्षेत्र का इलाका पिछले एक पखवारे से पेयजलसंकट से जूझ रहा है. चापाकल तो जवाब दे ही दिया है, कुएं का जलस्तर भी इतना नीचे चला गया है कि पानी निकालना मुश्किल हो रहा है.
पानी की बर्बादी पर लगाएं रोक
डीएम आलोक रंजन घोष ने जिले में पेयजल संकट को देखते हुए वैसे इलाकों में टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति कराने का निर्देश गया दिया है. साथ ही उन्होंने लोगों से अपील किया है कि पानी की महत्ता को देखते हुए उसे बर्बाद न करें. जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करें, जिससे कि अन्य इलाकों में भी पानी की आपूर्ति कराया जा सके.
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