मस्तिष्क ज्वर के खतरे पर जिले में हाई अलर्ट

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 May 2018 9:07 AM

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जहानाबाद : जानलेवा बीमारी मस्तिष्क ज्वर की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सजग हो गया है. जिले में पूर्व के वर्षों में मिले केस को देखते हुए विभाग हाई अलर्ट पर है. विभागीय अधिकारी उन संभावित इलाकों पर पैनी नजर रखे हुए है, जहां पूर्व के वर्षों में दिमागी बुखार के मरीज मिले थे. […]

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जहानाबाद : जानलेवा बीमारी मस्तिष्क ज्वर की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सजग हो गया है. जिले में पूर्व के वर्षों में मिले केस को देखते हुए विभाग हाई अलर्ट पर है. विभागीय अधिकारी उन संभावित इलाकों पर पैनी नजर रखे हुए है, जहां पूर्व के वर्षों में दिमागी बुखार के मरीज मिले थे.
इस जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे संभावित इलाकों में जाकर लोगों को इस बीमारी के बारे में जानकारी दे सकें तथा उन्हें बचाव के उपाय बता सकें. मस्तिष्क ज्वर एक जानलेवा बीमारी है, जो मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने के अलावा सूअर व अन्य जलीय जंतुओं द्वारा व्यक्ति में फैलती है. संक्रमित जल भी दिमागी बुखार का कारण हो सकता है. इस कारण प्रशिक्षण लेने के बाद विभाग के कर्मचारी उन इलाकों में पहले जायेंगे, जहां पूर्व के वर्षों में उक्त बीमारी से लोग ग्रसित हुए थे.
बताया जाता है कि इस बीमारी में 10 में से 3-4 मरीजों की मौत हो जाती है और तीन चार मरीज किसी न किसी प्रकार की अपंगता के शिकार हो जाते हैं. यह बीमारी विशेषकर 15 वर्ष तक के बच्चों में तेजी से फैलती है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी से ही तैयारी में जुटे हुए हैं. मालूम हो कि जिले में वर्ष 2016 में 15 मामले सामने आये थे, जिसमें सात जेई तथा आठ एईएस के थे, जबकि 2017 में मिले दो मामलों में एक जेई तथा एक एईएस का था.
मस्तिष्क ज्वर के लक्षण :तेज बुखार आना एवं लगातार बुखार का बने रहना मस्तिष्क ज्वर के लक्षण होते हैं. जिन लोगों को यह बीमारी हो जाती है, उनके पूरे शरीर या किसी खास अंग में ऐठन होने लगती है. शरीर में चमकी होना, दांत पर दांत बैठना, बच्चे का सुस्त होना, बेहोश हो जाना बीमारी के लक्षण हैं. यदि किसी बच्चे को चिकोटी काट लें और शरीर में किसी तरह की कोई हरकत न हो तो अनुमान लगाया जाता है कि वह मस्तिष्क ज्वर से ग्रसित हो गया है. ऐसी हालत में उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर इलाज शुरू कराना चाहिए.
बचाव के क्या हैं उपाय:मस्तिष्क ज्वर से बचने के लिए हाथ की सफाई निश्चित रूप से करनी चाहिए. शौच के बाद, खाने के पहले, पशुओं को हाथ लगाने के पहले, खाना बनाने से पहले, खाना परोसने के पहले, खेलने के बाद हाथ की सफाई निश्चित रूप से करनी चाहिए.
इसके साथ ही खाने-पीने में उबले हुए पानी का उपयोग करने से उक्त बीमारी से बचा जा सकता है. आवश्यकता पड़ने पर क्लोरीन की गोली और ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग करने से मस्तिष्क ज्वर से बचाव किया जा सकता है.
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