शहर के ड्रेनेज सिस्टम को ध्वस्त कर रहा पॉलीथिन

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Feb 2018 5:51 AM

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दुकानों में आज भी इसके उपयोग पर नहीं लग रहा ब्रेक शहर की नालियों को भी कर रहा जाम, फैल रहीं बीमारियां जहानाबाद सदर : धड़ल्ले से हो रहा पॉलीथिन का उपयोग, लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है. पॉलीथिन का प्रचलन इस कदर बढ़ गया है कि सभी दुकानदार ग्राहकों को पॉलीथिन में […]

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दुकानों में आज भी इसके उपयोग पर नहीं लग रहा ब्रेक

शहर की नालियों को भी कर रहा जाम, फैल रहीं बीमारियां
जहानाबाद सदर : धड़ल्ले से हो रहा पॉलीथिन का उपयोग, लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है. पॉलीथिन का प्रचलन इस कदर बढ़ गया है कि सभी दुकानदार ग्राहकों को पॉलीथिन में ही सामान दे रहे हैं.
पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा कोई भी कारगर कदम अब तक नहीं उठाया गया है जिसके कारण इसका प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है. पॉलीथिन के बढ़े प्रचलन के कारण एक और लोगों में जानलेवा बीमारी फैल रही है. वहीं दूसरी ओर शहर के ड्रेनेज सिस्टम को भी ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभा रही है.
दुकानों में बढ़ा पॉलीथिन का प्रचलन
विगत वर्षों में दुकानों में पॉलीथिन में सामान देने का प्रचलन बढ़ गया है. पहले लोग बाजार में सब्जी व किराना सामान की खरीदारी करने के लिए झोला लेकर बाजार जाया करते थे तथा दुकानदार किराना दुकानदार कागज में सामान बांध कर देता था लेकिन आज बाजार में सब्जी विक्रेता, किराना व्यवसायी से लेकर भूंजा बेचने वाले भी पॉलीथिन का उपयोग कर रहे हैं. लोग बाजार जाते हैं और हाथ में पॉलीथिन में सामान लेकर घर लौट जाते हैं.
ध्वस्त हो रही ड्रेनेज सिस्टम:
पॉलीथिन के बढ़े प्रचलन की वजह से एक और शहर में ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हो रही है. वहीं नाली जाम की समस्या भी बरकरार है. लोग घरों में रखे कूड़े-कचरे को पॉलीथिन में बांध कर नाली में फेंक देते हैं. पॉलीथिन में बांधे कूड़े-कचरे पॉलीथिन में बंद रहने के कारण सड़ नहीं पाता है जिसके कारण नाली जाम हो जाता है. पॉलीथिन नाली में जाकर इस तरह से बैठ जाता है कि तेज पानी के बहाव में भी वह नहीं बह पाता है. पॉलीथिन के कारण शहर के कई नाला जाम हो गया है तथा नाला का पानी सड़कों पर बह रहा है.
हानिकारक : पॉलीथिन जलने पर भी नष्ट नहीं होता
पर्यावरण पॉलीथिन के इस्तेमाल से प्रभावित है. पॉलीथिन के ज्यादा इस्तेमाल से धरती पर जीवन के लिए खतरा बनता जा रहा है. पॉलीथिन प्लास्टिक से बनता है जो एक ऐसा घातक पदार्थ है जो कि जलने पर भी पूर्ण रूप से नष्ट नहीं होता है जो कि भूमि उर्वरकता व पर्यावरण के लिए घातक है. प्लास्टिक से बनी चीजें एक तरह से तालीम कर है जिसमें नायलॉन, क्लोराइड, पॉलीएस्टासीन, पॉलीफाइनीन, यूरिया, कामेलडिहाइड जैसे घातक केमिकल का इस्तेमाल किए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है
क्या कहते हैं चिकित्सक
धड़ल्ले से हो रहा पॉलीथिन का उपयोग जीवन के लिए खतरनाक है. पॉलीथिन की वजह से लोग कई तरह की बीमारी का शिकार होते जा रहे हैं. साथ ही इसके ड्रेनेज सिस्टम भी ध्वस्त हो रहा है
डॉ विनोद कुमार सिंह, सदर अस्पताल
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